यह शिविर दिव्यांग लोगों के लिए विभिन्न सेवाओं का लाभ उठाने के लिए वन-स्टॉप डेस्टिनेशन के रूप में कार्य कर रहा है
इस शिविर से अब तक 670 दिव्यांगजन विभिन्न सेवाओं से लाभांवित हुए हैं
मंत्री राज कुमार आनंद ने प्रतिभागियों से बात कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली
केजरीवाल सरकार दिव्यांग लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है और समान अवसर व आसानी से सेवाएं प्रदान करने का प्रयास कर रही है
Eros Times: दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राज कुमार आनंद ने नई दिल्ली में महर्षि वाल्मिकी अस्पताल स्थित पूठ खुर्द में दिव्यांग लोगों के लिए आयोजित ‘दिव्यांगजन शिविर’ का दौरा किया।
दिव्यांगजन (यूडीआईडी), दिव्यांगता आईडी शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सशक्त बनाना और समर्थन करना है, जो उनके दैनिक जीवन में सरलता और समावेशिता को बढ़ाने के लिए आवश्यक सेवाओं की एक श्रृंखला प्रदान करता है।
यह शिविर दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विभिन्न सेवाओं का लाभ उठाने के लिए वन-स्टॉप डेस्टिनेशन के रूप में कार्य कर रहा है, जिसमें दिव्यांगों को नौकरी के अवसर, दिव्यांगता प्रमाणपत्र, बस पास, रेलवे रियायत पास और उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने वाली अन्य सुविधाएं प्रदान करना शामिल है।

यूडीआईडी पोर्टल पर पंजीकरण के बाद दिव्यांगजनों की महर्षि वाल्मिकी अस्पताल द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा मैन्युअल रूप से मूल्यांकन/जांच की जाती है। लोकोमोटर विकलांगता, अंधापन, कम दृष्टि, बहरा, सुनने में कठिनाई, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, कुष्ठ रोग, बौनापन और एसिड अटैक पीड़ितों को विकलांगता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
इस शिविर से अभी तक 670 दिव्यांगजन विभिन्न सेवाओं से सीधे लाभान्वित हुए। जिसमें 270 को यूडीआईडी, 11 को नौकरी, 27 को दिव्यांग उपकरण तथा 322 लाभार्थियों को अन्य सेवाएं प्रदान की गईं।
समाज कल्याण मंत्री राज कुमार आनंद ने प्रतिभागियों व उनके परिवारों के साथ बातचीत की और उनकी चुनौतियों व जीत के बारे में जानकारी प्राप्त की। उनकी अदम्य भावना और दृढ़ संकल्प को देखते हुए मंत्री राज कुमार आनंद ने खुशी जाहिर की और एक समावेशी समाज को बढ़ावा देने के लिए केजरीवाल सरकार के निरंतर समर्थन और समर्पण के लिए उन्हें आश्वस्त किया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार दिव्यांग लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है और समान अवसर और सुलभ सेवाएं प्रदान करने का प्रयास कर रही है। यह शिविर प्रत्येक व्यक्ति को उनकी क्षमताओं की परवाह किए बिना गरिमा और सम्मान के साथ सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है।






