नोएडा। पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वाईएसएस फाउंडेशन ने अनंत बर्तन बैंक के सहयोग से सेक्टर-37 स्थित ऑटो स्टैंड पर “जीरो वेस्ट मीठा शरबत वितरण अभियान” का सफल आयोजन किया। यह अभियान तरुण टूर एंड ट्रेवल्स तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन आयोग के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, ऑटो चालकों और राहगीरों ने भाग लिया।
अभियान का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक करना और पुनः उपयोग योग्य संसाधनों को अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान लोगों को स्टील के बर्तनों में मीठा रूह अफ़ज़ा शरबत वितरित किया गया। साथ ही उन्हें “प्लास्टिक हटाओ, देश बचाओ” और “नो डिस्पोजेबल, ओनली री-यूजेबल” जैसे संदेशों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि बढ़ता प्लास्टिक प्रदूषण आज पर्यावरण, जल स्रोतों, वन्यजीवों और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे प्लास्टिक और एकल-उपयोग (सिंगल यूज़) वस्तुओं का प्रयोग कम करें तथा पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाएं।
इस अवसर पर तरुण टूर एंड ट्रेवल्स के अंकुर शर्मा, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन आयोग उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष दीपक सिंघल, भाजपा जिला अध्यक्ष महेश चौहान, नोएडा प्राधिकरण के इंदु प्रकाश, नवरत्न फाउंडेशन के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, वरिष्ठ समाजसेवी मनीष गुप्ता, एन.के. अग्रवाल एवं सत्य नारायण गोयल सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त उमेश कुमार, चौकी प्रभारी अंकुर चौधरी, विक्रांत चौधरी एवं अविनाश सिंह ने भी सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे इस जन-जागरूकता अभियान की सराहना की।

पर्यावरण संरक्षक दुर्गा प्रसाद दुबे ने कहा कि “प्लास्टिक हटाओ, देश बचाओ” केवल एक नारा नहीं बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण देने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने दैनिक जीवन में प्लास्टिक के उपयोग को कम कर पुनः उपयोग योग्य वस्तुओं को अपनाए, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे घर, कार्यालय और सार्वजनिक आयोजनों में डिस्पोजेबल वस्तुओं के स्थान पर स्टील, कांच या अन्य पुनः उपयोग योग्य संसाधनों का उपयोग करें। इससे कचरे की मात्रा कम होगी और पर्यावरण पर पड़ने वाला नकारात्मक प्रभाव भी घटेगा।
कार्यक्रम के सफल संचालन में कार्यक्रम संयोजक दुर्गा प्रसाद दुबे, संदीप यादव, दिनेश कुमार, शिवम, प्रशांत यादव, सलीम बेरिन, राजू शर्मा, शीतल शर्मा और रेणु बाला सहित वाईएसएस फाउंडेशन के सैकड़ों युवा स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वयंसेवकों ने लोगों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सतत विकास के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया।
वाईएसएस फाउंडेशन के निदेशक सचिन गुप्ता ने सभी अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता, सतत विकास और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करती रहेगी। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता और ऐसे अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने और अधिक से अधिक पुनः उपयोग योग्य संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।





