पूज्य संत विजय कौशल जी महाराज ने परिवार संस्था को बताया सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला, खंडित मूर्तियों के सम्मानजनक निस्तारण के लिए विशेष वाहन का हुआ लोकार्पण
नोएडा, 28 जून।
नोएडा के सेक्टर-12 स्थित भाऊराव देवरस सरस्वती विद्या मंदिर में रविवार को “मंगलमय परिवार मिलन” का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में नोएडा और ग्रेटर नोएडा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में परिवारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, उद्योगपतियों, शिक्षाविदों तथा गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय परिवार व्यवस्था को मजबूत बनाना, पारिवारिक संस्कारों का संरक्षण करना तथा समाज में सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण पूज्य संत श्री विजय कौशल जी महाराज का प्रेरणादायी सान्निध्य एवं आशीर्वचन रहा। अपने उद्बोधन में उन्होंने भारतीय संस्कृति में परिवार संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि परिवार केवल एक सामाजिक इकाई नहीं, बल्कि संस्कारों की प्रथम पाठशाला है। उन्होंने कहा कि जब परिवार मजबूत होते हैं, तभी समाज संगठित होता है और राष्ट्र प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ता है। उन्होंने उपस्थित परिवारों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, सेवा, समर्पण और सामाजिक समरसता के संस्कार दें ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रख सकें।
इस अवसर पर एक विशेष सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के ऐसे लगभग 30 सद्गृहस्थ परिवारों को सम्मानित किया गया जिनकी आयु 50 वर्ष से कम है और जिनके तीन या उससे अधिक बच्चे हैं। इन परिवारों को ऐसे वरिष्ठ दंपतियों के हाथों सम्मानित कराया गया जिनकी आयु 50 वर्ष से अधिक है तथा जिनके भी तीन बच्चे हैं। आयोजन समिति के अनुसार इस सम्मान का उद्देश्य उन परिवारों का उत्साहवर्धन करना है जो भारतीय पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्वों को निभाते हुए परिवार संस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं।

कार्यक्रम का संचालन मंगलमय परिवार के अध्यक्ष महेश बाबू गुप्ता ने किया। संस्था के संरक्षक श्री परमात्मा शरण बंसल ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में परिवार संस्था अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में समाज को जोड़ने वाले और संस्कारित परिवारों का निर्माण करने वाले दंपतियों का सम्मान करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती परिवारों की मजबूती से ही संभव है और इसी उद्देश्य को लेकर संस्था निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी परिवारों ने भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को अपनाने, पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने तथा भावी पीढ़ी को संस्कारित बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। उपस्थित लोगों ने सामाजिक समरसता, पारिवारिक एकता और नैतिक मूल्यों के संरक्षण का भी संकल्प दोहराया।
मंगलमय परिवार के प्रमोद शर्मा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर सभी संतों, अतिथियों, सहयोगियों, स्वयंसेवकों तथा प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी ऐसे सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों का आयोजन करती रहेगी, जिससे समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो और परिवार संस्था को नई मजबूती मिल सके।

मीडिया प्रभारी मुकुल वाजपेयी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल भी की गई। नगर के प्रमुख उद्योगपति ओंकारनाथ अग्रवाल द्वारा खंडित देवी-देवताओं की मूर्तियों के सम्मानजनक निस्तारण के लिए उपलब्ध कराए गए विशेष वाहन का लोकार्पण पूज्य संत श्री विजय कौशल जी महाराज ने उनके पुत्र प्रवीण अग्रवाल की उपस्थिति में किया। इस अवसर पर प्रकल्प प्रभारी संजय जिंदल और पुरुषोत्तम तापरिया ने जानकारी दी कि मंगलमय परिवार की ओर से अब तक लगभग 250 मंदिरों में खंडित मूर्तियों के संग्रह के लिए विशेष पात्र स्थापित किए जा चुके हैं। इन मूर्तियों का धार्मिक मर्यादा और गरिमा के अनुरूप निस्तारण किया जाता है, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान बना रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र, समाज और परिवार की समृद्धि की मंगलकामना तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। आयोजन में उपस्थित लोगों ने इसे परिवार व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों को समय की आवश्यकता बताया।






