नई दिल्ली | पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रति जन-जागरूकता, यमुना संरक्षण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वाईएसएस फाउंडेशन के निदेशक श्री सचिन गुप्ता को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय जलवायु नेतृत्व सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित ‘क्लाइमेट 26 एवं राष्ट्रीय जलवायु नेतृत्व सम्मान 2026’ समारोह के दौरान प्रदान किया गया।
राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में पर्यावरण और जलवायु संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय सामाजिक संगठनों, पर्यावरणविदों, विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों, पर्यावरणीय असंतुलन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा सतत विकास को लेकर व्यापक चर्चा की गई।
इस समारोह का आयोजन नेचर केयर इनिशिएटिव्स द्वारा संस्था के संस्थापक श्री सुरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में किया गया। आयोजन का उद्देश्य देश में जलवायु संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे व्यक्तियों और संस्थाओं को पहचान देना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता और जनभागीदारी को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. मृत्युंजय महापात्र, महानिदेशक, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) रहे। समारोह में राज्यसभा सांसद श्रीमती सुलता देव, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. अरबिंद धाली, नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (नाल्को) के कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन) श्री आसुतोष रथ तथा कंचन फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री रंजन कुमार महापात्र सहित कई विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को मिली राष्ट्रीय पहचान
सचिन गुप्ता को यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण और जलवायु जागरूकता के क्षेत्र में उनके निरंतर प्रयासों के लिए प्रदान किया गया। विशेष रूप से यमुना संरक्षण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों और युवाओं को जलवायु संरक्षण से जोड़ने के प्रयासों को इस सम्मान के लिए महत्वपूर्ण माना गया।
वाईएसएस फाउंडेशन लंबे समय से पर्यावरणीय मुद्दों को केवल सरकारी जिम्मेदारी न मानकर उन्हें जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। संस्था द्वारा समय-समय पर वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छता कार्यक्रम, जल संरक्षण से जुड़े जागरूकता अभियान और नदी संरक्षण को लेकर विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाती रही हैं।
फाउंडेशन का जोर विशेष रूप से युवाओं और आम नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के अभियानों से जोड़ने पर रहा है। संस्था का मानना है कि जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौती का सामना केवल नीतियों और सरकारी योजनाओं से नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
सम्मान के बाद सचिन गुप्ता ने क्या कहा?
सम्मान प्राप्त करने के बाद सचिन गुप्ता ने इसे व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय पूरी टीम और पर्यावरण के लिए काम कर रहे नागरिकों की सामूहिक सफलता बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान वाईएसएस फाउंडेशन के प्रत्येक स्वयंसेवक, सहयोगी संस्था और उन सभी नागरिकों को समर्पित है, जो स्वच्छ, हरित और जलवायु-सुरक्षित भारत के निर्माण के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी को और मजबूत करना जरूरी है। जब आम नागरिक पर्यावरण को लेकर अपनी जिम्मेदारी समझेंगे और अपने स्तर पर छोटे-छोटे कदम उठाएंगे, तभी व्यापक स्तर पर सकारात्मक बदलाव संभव होगा।
यमुना संरक्षण और हरित विकास पर जोर
वाईएसएस फाउंडेशन की पर्यावरणीय पहलों में यमुना संरक्षण और हरित विकास प्रमुख विषयों में शामिल रहे हैं। बढ़ते शहरीकरण और प्रदूषण के बीच नदियों और प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण एक बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में सामाजिक संगठनों द्वारा चलाए जाने वाले जागरूकता अभियान लोगों को जल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
वृक्षारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की देखभाल, जल संरक्षण, स्वच्छता और जैव विविधता के संरक्षण को लेकर भी व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता की आवश्यकता है। फाउंडेशन भविष्य में इन क्षेत्रों में अपने अभियानों को और विस्तार देने की दिशा में काम करने की बात कह चुका है।
आगे भी जारी रहेगा पर्यावरण संरक्षण अभियान
वाईएसएस फाउंडेशन ने सचिन गुप्ता को मिले इस राष्ट्रीय सम्मान को संस्था के स्वयंसेवकों, सहयोगी संगठनों और पर्यावरण प्रेमियों की सामूहिक उपलब्धि बताया है। संस्था ने भविष्य में जलवायु परिवर्तन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, नदियों और जल स्रोतों के संरक्षण, वृक्षारोपण, जैव विविधता संवर्धन और सतत विकास के लिए व्यापक जन-अभियान चलाने का संकल्प दोहराया।
‘राष्ट्रीय जलवायु नेतृत्व सम्मान 2026’ सचिन गुप्ता और वाईएसएस फाउंडेशन के पर्यावरणीय प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर मिली एक महत्वपूर्ण पहचान के रूप में देखा जा रहा है। यह सम्मान उन सामाजिक प्रयासों को भी रेखांकित करता है, जिनका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को सरकारी नीतियों तक सीमित रखने के बजाय आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिम्मेदारी और जनआंदोलन का रूप देना है।





