नई दिल्ली:EROS TIMES: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2018) के 11वें संस्करण का रोमांच 7 अप्रैल से शुरु हो चुका है। ओपनिंग मैच पिछले साल की विजेता मुंबई और दो साल के बैन के बाद लौट रही चेन्नई के बीच हुआ. मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में चेन्नई ने मुंबई को रोमांचक मुकाबले में एक विकेट से हरा दिया।
मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चेन्नई के सामने 166 रनों का लक्ष्य रखा था। चेन्नई ने इस लक्ष्य को एक गेंद रहते हुए हासिल कर लिया।
इस मैच के हीरो चेन्नई के ड्वेन ब्रावो रहे, जिन्होंने 30 गेंदों में तीन चौके और सात छक्कों की मदद से 68 रनों की पारी खेली तो वहीं, मुंबई के युवा लेग स्पिनर मयंक मार्कंडेय ने इंडियन प्रीमियर लीग के अपने पदार्पण मैच में ही चिर प्रतिद्वंदी चेन्नई के खिलाफ शानदार गेंदबाजी कर सबको प्रभावित किया।
मयंक ने अपने डेब्यू मैच के पहले ओवर की तीसरी गेंद पर विकेट लेकर एक शानदार रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने अंबाती रायडू को 22 रन पर एलबीडब्ल्यू आउट करा इतिहास रच दिया। विश्व क्रिकेट में ऐसे बहुत कम बॉलर हैं, जिन्होंने डेब्यू मैच की पहले ओवर में विकेट अपने नाम किया हो।
मार्कंडेय ने 23 रन देकर तीन विकेट चटकाए, जिसमें विरोधी टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी का विकेट भी शामिल है। धोनी का विकेट उनकी गेंदबाजी का मुख्य आकर्षण था जो गुगली को नहीं समझ सके और एलबीडब्लयू आउट हो गए।
अंबाती रायडू का विकेट लेने के बाद अपने पहले ओवर की 5वीं गेंद पर एक बार मार्कंडेय ने गुगली गेंद डाली। सामने बल्लेबाज केदार जाधव कर रहे थे। मार्कंडेय ने उनका विकेट ले ही लिया था लेकिन उनकी अपील को अंपायर ने नकार दिया।
दुर्भाग्यपूर्ण बात यह रही कि मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा ने डीआरएस नहीं लिया जबकि उनके पास मौका था। बाद में बॉल ट्रैकिंग में दिखाई दिया कि बॉल विकेट को टच कर रही थी। अगर रोहित ने रिव्यू ले लिया होता तो मार्कंडेय अपने डेब्यू मैच के पहले ही ओवर में दो विकेट लेने वाले विश्व क्रिकेट के इकलौते गेंदबाज बन जाते।
धोनी काफी अनुभवी बल्लेबाज हैं। स्पिनर को बहुत अच्छे से खेलते हैं लेकिन वह भी मयंक की गुगली को पढ़ नहीं पाए और पगबाधा करार दे दिए गए। रैना के आउट होने के बाद मैदान पर आए धोनी केवल केवल 5 रन ही बना सके। मयंक की एक बेहतरीन गेंद पर एलबीडब्लू करार दिए गए।
मुंबई के मुख्य कोच महेला जयवर्धने भी उन लोगों में शामिल है, जो 20 साल के इस युवा गेंदबाज से खासे प्रभावित है।
पंजाब के बठिंडा के मार्कंडेय ने आईपीएल में पदार्पण से पहले विजय हजारे (50 ओवर) और सैयद मुश्ताक अली (20 ओवर) जैसे सीमित ओवरों के 10 मैचों में 15 विकेट लिए है।
जयवर्धने ने कहा, ‘‘मुझे लगता है उसने शानदार गेंदबाजी की। हमने टीम शिविर में जब उसे पहली बार देखा तभी से उस पर भरोसा हो गया। हमें पता था कि वह खास है। मार्कंडेय और (राहुल) चाहर हमारे लिए दो ट्रायल मैच भी खेले.’’ श्रीलंका के पूर्व कप्तान ने कहा उनकी सटीकता उन्हें खास बनाती है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है उनकी सटीकता उन्हें खास बनाती है। वह जिस तरह गेंद को छोड़ते है और विविधताओं पर नियंत्रण रखते है वह उन्हें दूसरे लेग स्पिनर से थोड़ा अलग बनाता है।








