पूर्वी दिल्ली: राजधानी दिल्ली के शकरपुर थाने में सड़क दुर्घटना से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान हुई कथित गुंडागर्दी और हंगामे का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोग स्वयं को वकील बताकर थाने में घुस गए और जांच अधिकारी पर दबाव बनाने की कोशिश की। इतना ही नहीं, उन्होंने पीड़ित पक्ष के लोगों के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट भी की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह घटना 30 मई की है। उस समय शकरपुर थाने में एक सड़क दुर्घटना से संबंधित मामले में कानूनी कार्रवाई चल रही थी। एएसआई नरेंद्र कुमार घायल अक्षत त्यागी और आरोपी चालक फरमान से जुड़े मामले की जांच कर रहे थे तथा एफआईआर दर्ज किए जाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोग थाने पहुंचे और खुद को वकील बताते हुए मामले में हस्तक्षेप करने लगे।
डीसीपी (ईस्ट) राजीव कुमार ने बताया कि आरोपियों ने जांच अधिकारी पर आरोपी पक्ष के खिलाफ कार्रवाई न करने का दबाव बनाने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, जब जांच अधिकारी ने कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रखी, तो कथित तौर पर वहां मौजूद लोगों ने पीड़ित पक्ष पर समझौते का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि घायल अक्षत त्यागी के पिता बालेश्वर त्यागी, उनके रिश्तेदारों और अन्य परिजनों के साथ गाली-गलौज की गई तथा उन्हें धमकाया गया।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब एएसआई नरेंद्र कुमार ने मामले में हस्तक्षेप कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई, पुलिसकर्मी को धमकाया और धक्का-मुक्की भी की। थाने के अंदर हुई इस घटना से कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि विरोध और दबाव के बावजूद सड़क दुर्घटना मामले में कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया गया। शकरपुर थाने में दर्ज सड़क दुर्घटना के मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 और 125(बी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। मामले में आरोपी चालक फरमान को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
दूसरी ओर, थाने के अंदर सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस अधिकारी के साथ कथित अभद्रता के मामले में भी सख्त कार्रवाई की गई है। एएसआई नरेंद्र कुमार की शिकायत के आधार पर लक्ष्मी नगर थाने में बीएनएस की धारा 221, 132, 194(2), 351(2) और 3(5) के तहत अलग मुकदमा दर्ज किया गया है। इन धाराओं के तहत सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, धमकी देने और अन्य संबंधित अपराधों की जांच की जा रही है।
इसके अलावा घायल अक्षत त्यागी के पिता बालेश्वर त्यागी ने भी पुलिस को शिकायत दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके और उनके रिश्तेदारों के साथ मारपीट, आपराधिक धमकी तथा अभद्र व्यवहार किया गया। इस शिकायत के आधार पर लक्ष्मी नगर थाने में बीएनएस की धारा 115(2), 126(2), 351(2), 304(2) और 3(5) के तहत एक अन्य एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वीडियो की तकनीकी जांच कर उसमें दिखाई देने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। इसके साथ ही थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों, पीड़ित पक्ष और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि थाने जैसे संवेदनशील स्थान पर इस प्रकार की हरकत बेहद गंभीर मामला है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने या पुलिस की जांच प्रक्रिया में बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
फिलहाल दोनों मामलों की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि थाने के अंदर हुई इस घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को कानून से बचने का मौका न मिले। पुलिस ने दोहराया है कि सरकारी कार्य में हस्तक्षेप, पुलिसकर्मियों को धमकाना और पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





