शिक्षा तरक्की का एकमात्र आधार- हर बच्चे को अच्छी शिक्षा देकर ही देश विकसित बन सकता है -सीएम आतिशी

EROS TIMES: त्यागराज स्टेडियम में आयोजित एक्सीलेंस इन एजुकेशन अवार्ड 2024 समारोह में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले स्कूलों और 10वीं और 12वीं की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 207 बच्चों को पुरस्कृत करने के दौरान सीएम आतिशी ने यह बातें कहीं। इस दौरान सीएम ने जीजीएसएस समयपुर को दिल्ली के सर्वश्रेष्ठ स्कूल का अवार्ड देकर सम्मानित किया।

दिल्ली के सरकारी, एडेड और प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को 10वीं और 12वीं में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एक्सीलेंस इन एजुकेशन अवार्ड-2024 से सम्मानित किया गया। त्यागराज स्टेडियम में आयोजित अवार्ड समारोह में बतौर मुख्य अतिथि सीएम आतिशी ने शिरकत की। त्यागराज स्टेडियम के गेट पर मुख्यमंत्री को बैंड द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर किया गया और एनसीसी कैडेट्स उन्हें कार्यक्रम स्थल तक लाए। सीएम समेत अन्य गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया और डीओई के टीचर्स ने स्वागत गीत पेश किया और मंच पर सीएम को सम्मानित किया गया।

जब दुनिया में टॉप पदों पर भारतीय तब भी हमारे देश पीछे क्यों रह गया?

इस मौके पर सीएम आतिशी ने कहा कि, “हमारे देश में टैलेंट की कोई कमी नहीं है। आज दुनिया में सबसे सफल लोग भारतीय है। आज दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के सीईओ, प्रेसिडेंट जैसे गूगल के सुंदर पिचई , माइक्रोसॉफ्ट के सत्य नडेला, ट्विटर के पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल, वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष डॉ. अजय बांगा भी भारतीय है। दुनिया के बड़े से बड़े अस्पताल में, सॉफ़्टवेयर-इंजीनियरिंग कंपनियों में बड़े पदों पर भारतीय है। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कलाकारों में भारतीय शामिल है। भारतीय लोग किसी भी फील्ड में किसी से कम नहीं है। लेकिन मन में ये सवाल भी उठता है कि, जब हमारे देश के लोग हर फील्ड में शानदार काम कर रहे है, दुनियाभर में टॉप पदों पर है तो फिर हमारा देश क्यों पीछे रह गया?”

दशकों बाद भी इकोनॉमिक्स की किताबों में भारत आज भी विकासशील देश

सीएम आतिशी ने कहा कि, “हम जब स्कूल में थे तब इकोनॉमिक्स की किताबों में ये पढ़ते थे कि दुनिया में तीन तरह के देश होते है। विकसित देश, अविकसित देश और विकासशील देश। हम पढ़ते थे कि भारत एक विकासशील देश है और 2020 तक भारत विकसित देश बन जाएगा। लेकिन 2020 बीत गया और आज भी हमारी इकोनॉमिक्स की किताबों में यही लिखा है कि, भारत एक विकासशील देश है।”

शिक्षा को प्राथमिकता बनाकर दुनिया के कई देश आज टॉप पर पहुंचे
उन्होंने कहा कि, “ऐसे में ये सवाल उठता है कि, भारतीय इतने प्रतिभाशाली है लेकिन हमारा देश फिर भी पीछे क्यों रह गया। क्योंकि बहुत सारे ऐसे देश है, जिन्हे भारत के साथ ही आजादी मिली। साथ ही तब बहुत सारे देश ऐसे थे जो द्वितीय विश्वयुद्ध में पूरी तरह तबाह हो चुके थे। जैसे जापान, जर्मनी, दक्षिण कोरिया। लेकिन उन देशों ने पिछले 75 सालों में जीरो से शुरुआत कर अपने देश को विश्व में टॉप पर पहुंचा दिया। आज ये देश दुनिया के सबसे विकसित अर्थव्यवस्था के रूप में जाने जाते है। क्योंकि इन देशों ने अपने बच्चों की शिक्षा को अपनी पहली प्राथमिकता बनाई इसलिए आज ये विश्व के टॉप देश है।”
अरविंद केजरीवाल जी के मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार ने भी शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाई

सीएम आतिशी ने कहा कि, “मुझे ये बताते हुए ख़ुशी है कि, पिछले 10 सालों के हमनें दिल्ली में अरविंद केजरीवाल जी के मार्गदर्शन में शिक्षा को नंबर.1 रखा है, अपने बच्चों को नंबर.1 रखा है और शिक्षा की अपनी प्राथमिकता बनाई है। आज दिल्ली देश का इकलौता राज्य है जो अपने बजट का 25% हिस्सा शिक्षा पर खर्च करता है।

उन्होंने कहा कि, “2015 में जब हमारी सरकार बनी तब सरकारी स्कूलों का हाल देखकर दिल टूट जाता है। स्कूल के अंदर बच्चों के बैठने के लिए टेबल कुर्सी नहीं होती थी, पीने के लिए पानी नहीं होता था। खिड़कियां-पंखे-लाइटें टूटी होती थी। टीचर्स की स्कूल से इतर हर जगह ड्यूटी लगाई जाती थी। जब टीचर्स की ड्यूटी और कामों के लगाई जाती थी तब स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने वाला कोई नहीं होता था। और इसी का नतीजा था कि कोई भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में नहीं भेजना चाहता था।”

हमारे शिक्षकों के मेहनत की बदौलत पिछले 10 सालों में दिल्ली में शिक्षा क्रांति आई

सीएम आतिशी ने कहा कि, “पिछले 10 सालों में दिल्ली सरकार ने, शिक्षा विभाग ने, हमारे टीचर्स-प्रिंसिपल्स ने शिक्षा क्रांति का आगाज किया है और कोई सोच नहीं सकता कि 10 सालों में शिक्षा के क्षेत्र में इतना बदलाव आ सकता है।”

उन्होंने कहा कि, “आज दिल्ली सरकार के स्कूलों की शानदार बिल्डिंग दूर से ही दिख जाती है। इतनी शानदार बिल्डिंग प्राइवेट स्कूलों की भी नहीं होगी जितनी शानदार बिल्डिंग आज दिल्ली सरकार के स्कूलों की है।”

सीएम आतिशी ने कहा कि, “चाहे बच्चों को अच्छी सुविधाएं देना हो, शिक्षकों और प्रिंसिपलों की ट्रेनिंग में निवेश करना हो ये दिल्ली सरकार ने पिछले 10 सालों में करके दिखाया है। हमनें अपने टीचर्स की हार्वर्ड, कैम्ब्रिज, सिंगापुर, फिनलैंड, देश के टॉप आईआईएम में ट्रेनिंग के लिए भेजा है।”

देश में कोई एक प्रोफेशन जिसका हमारे देश के विकास पर सबसे ज़्यादा असर पड़ता है वो शिक्षकों का प्रोफेशन है

सीएम आतिशी ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि, “देश में कोई एक प्रोफेशन जिसका हमारे देश के विकास पर सबसे ज़्यादा असर पड़ता है वो शिक्षकों का प्रोफेशन है। हमनें सरकार के तौर पर सपोर्ट दिया लेकिन हमारे शिक्षकों की दस साल की मेहनत है का नतीजा है कि, आज दिल्ली के बच्चे आगे बढ़ रहे है और इसी साल दिल्ली सरकार के स्कूलों के 2000 से ज़्यादा बच्चों ने जेईई नीट की परीक्षा पास की। ये हमारे शिक्षकों की मेहनत का नतीजा ही है कि, दिल्ली देश का पहला राज्य है जहाँ पेरेंट्स अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों से निकालकर सरकारी स्कूलों में एडमिशन करवा रहे है। और पिछले 8 सालों से हमारे स्कूलों के नतीजे प्राइवेट से बेहतर आ रहे है।”

टैलेंट अमीरी-गरीबी नहीं देखता और अगर हम अपने बच्चों को अवसर नहीं देंगे तो उनका टैलेंट कहीं खो जाएगा

सीएम आतिशी ने कहा कि, “टैलेंट अमीरी-गरीबी नहीं देखता है। हो सकता है कि कोई बच्चा बहुत गरीब परिवार से हो लेकिन उसमें डॉक्टर-इंजीनियर बनने का टैलेंट हो, उसमें अगला सुंदर पिचई, सत्य नडेला, ए.आर.रहमान बनने का टैलेंट हो। लेकिन अगर हम अपने बच्चों को अवसर नहीं देंगे तो ये टैलेंट कहीं खो जाएगा। और इससे सिर्फ बच्चे का नहीं बल्कि पूरे देश का नुकसान होगा।”

उन्होंने कहा कि, “आज हमारे अवार्डी बच्चों की मेहनत का नतीजा सिर्फ 12वीं के रिजल्ट में ही नही बल्कि आने वाले सालों में हमारी इकॉनिमिक की किताबों में भी दिखेगा जहाँ ये लिखा होगा कि, भारत एक विकसित देश है, दुनिया का नंबर 1 देश है। और भारत को आगे ले जाने वाले हमारे शिक्षक है।”

सीएम आतिशी ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सम्मानित किया, कहा- इनकी हिम्मत हम सभी के लिए प्रेरणा

इस मौके सीएम आतिशी ने कहा कि, “बहुत सारे बच्चे मुश्किल परिस्थितियों में होते है। लेकिन उन मुश्किल परिस्थिति के बावजूद जिनमें बहुत से लोग हिम्मत हार जाते है, लेकिन हमारे बच्चों ने हिम्मत नहीं हारी और शानदार प्रदर्शन किया। ये सभी के लिए प्रेरणा है।”

मेधावी दिव्यांग बच्चों ने सीएम को किया प्रभावित

कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के स्कूलों, 5 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के 58 बच्चों को 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग बच्चों को सम्मानित किया गया। सीएम आतिशी ने अपने हाथों से इन दिव्यांग बच्चों को सम्मानित किया। इस दौरान सीएम ने इन बच्चों से बात भी की और इनके उत्साह और प्रदर्शन बेहद प्रभावित हुई।

शानदार प्रदर्शन करने वाले बच्चों के साथ स्कूल भी पुरस्कृत

इस दौरान दो कटेगरी में पुरस्कार दिए गए। पहली कटेगरी में 10वीं और 12वीं के छात्रों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया था। दूसरे कटेगरी में स्कूलों को सम्मानित किया गया। दिल्ली के अंदर स्टेट, डिस्ट्रक्ट और जोनल स्तर पर अच्छा काम करने वाले स्कूलों को चिंहित किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया। इसमें दिल्ली के सरकारी, एडेड और प्राइवेट स्कूलों को शामिल किया गया था। इसके अलावा, जिन स्कूलों ने अपने प्रबंधन में अच्छी उपलब्धियां हासिल की है, उनको भी सम्मानित किया गया।

सीएम ने इन कटेगरी में स्कूलों को किया पुरस्कृत

स्टेट बेस्ट स्कूल के लिए चीफ मिनिस्टर ट्रॉफी 1 स्कूल दिया गया। डिस्ट्रिक्ट बेस्ट स्कूल के लिए एजुकेशन मिनिस्टर ट्राफी से 13 स्कूलों को नवाजा गया। जोनल बेस्ट स्कूल के खिताब 18 स्कूलों को दिए गए। बेस्ट आरपीवी की ट्रॉफी 1 स्कूल को दी गई। रीजन बेस्ट गवर्नमेंट एडेड स्कूल का खिताब 1 स्कूल को मिला। वहीं, रीजन बेस्ट रिकॉगनाइज्ड प्राइवेट अनएडेड स्कूल का पुरस्कार 4 स्कूलों को दिया गया।

207 बच्चों ने किया टॉप

दिल्ली के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले 58 डिफ्रेंटली एबल्ड समेत कुल 207 बच्चों ने विभिन्न स्तर पर टॉप किया है।

 

 

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