नोएडा, 05 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सूरजपुर वेटलैंड में वाईएसएस फाउंडेशन द्वारा एक विशेष “जीरो वेस्ट अभियान” का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता और जन-जागरूकता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, स्वयंसेवकों, स्थानीय नागरिकों तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने वेटलैंड क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया, कचरा एकत्रित किया तथा लोगों को प्लास्टिक प्रदूषण से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया। साथ ही पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण और पुराने पेड़ों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार में लोक निर्माण विभाग के मंत्री एवं गौतमबुद्धनगर के प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह उपस्थित रहे। उनके साथ जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर मेधा रूपम, भाजपा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा तथा वन विभाग के अधिकारी राजीव मित्तल भी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने वाईएसएस फाउंडेशन और युवाओं द्वारा किए जा रहे पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की सराहना की।
मुख्य अतिथि बृजेश सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि यदि आज हम प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा नहीं करेंगे तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज और प्रशासन को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने युवाओं की भागीदारी को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे अभियान लोगों में सकारात्मक बदलाव लाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, जल संरक्षण और हरित विकास को जीवनशैली का हिस्सा बनाना समय की आवश्यकता है।
वाईएसएस फाउंडेशन के समन्वयक दुर्गा प्रसाद दुबे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए “नया पेड़ लगाएं, पुराने पेड़ों का संरक्षण करें” का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग केवल पौधरोपण पर ध्यान देते हैं, जबकि पुराने और बड़े पेड़ों का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों से सिंगल यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करने और दैनिक जीवन में स्टील के बर्तनों तथा पुनः उपयोग योग्य वस्तुओं को अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ता सलीम बेरिन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब तक आम नागरिक स्वयं आगे बढ़कर पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में शामिल नहीं होंगे, तब तक स्थायी बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण का नेतृत्व करने और समाज को जागरूक बनाने की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
अभियान के दौरान युवाओं ने “री-यूज़, रिड्यूस और रीसायकल” के सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प लिया। साथ ही उन्होंने यह भी प्रण किया कि जीरो वेस्ट अभियान को एक जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग पर्यावरण संरक्षण से जुड़ सकें।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली और यह संदेश दिया कि “नया पेड़ लगाएं, पुराने पेड़ों को बचाएं और जीरो वेस्ट जीवनशैली अपनाएं।” विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह अभियान न केवल जागरूकता फैलाने का माध्यम बना, बल्कि लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराने में भी सफल रहा।
वाईएसएस फाउंडेशन का यह प्रयास समाज में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और स्वच्छ, हरित तथा टिकाऊ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





