नोएडा के सेक्टर-27 में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सेक्टर-27 के डी-98 के बाहर खड़ी एक कार में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय निवासियों की सतर्कता, बिजली विभाग और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई के चलते आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो यह आग आसपास के मकानों तक पहुंच सकती थी और बड़ा नुकसान हो सकता था।
सेक्टर-27 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष राजीव गर्ग ने बताया कि यह हादसा नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही का नतीजा है। उनका कहना है कि सेक्टर में पेड़ों की अनियंत्रित बढ़ती ऊंचाई और बिजली की हाईटेंशन लाइनों के बेहद करीब पहुंच चुके पेड़ों को लेकर कई बार प्राधिकरण के अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी गई थीं। इसके अलावा अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर भी इस गंभीर समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
राजीव गर्ग के मुताबिक सेक्टर-27 के डी-97 के सामने लगा खजूर का पेड़ काफी ऊंचा हो चुका है। यह पेड़ झुककर 11,000 केवीए लाइन के बेहद करीब पहुंच गया था। स्थानीय लोगों ने बार-बार चेतावनी दी थी कि यदि समय रहते पेड़ की छंटाई नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने यह भी मांग की थी कि एलटी लाइन और 11 केवी लाइन के ऊपर आने वाली शाखाओं को तत्काल काटा जाए, साथ ही जिन पेड़ों की ऊंचाई जरूरत से ज्यादा बढ़ चुकी है उन्हें ऊपर से कम किया जाए।
सोमवार सुबह वही आशंका हकीकत बन गई। बताया जा रहा है कि खजूर का पेड़ 11 केवी लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे चिंगारी निकली और पेड़ में आग लग गई। आग लगने के बाद पेड़ का जलता हुआ हिस्सा नीचे खड़ी गाड़ियों पर गिर गया। देखते ही देखते डी-98 के बाहर खड़ी कार आग की चपेट में आ गई। आग की लपटें काफी ऊंची उठने लगीं, जिससे आसपास रहने वाले लोग घबरा गए।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों ने साहस दिखाते हुए सबसे पहले आसपास खड़े लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। साथ ही बिजली विभाग और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही विभागीय टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आग कुछ देर और भड़कती तो आसपास के मकानों तक पहुंच सकती थी। सेक्टर की गलियों में वाहन खड़े रहने के कारण आग तेजी से फैलने का खतरा बना हुआ था। लोगों का मानना है कि यह केवल संयोग रहा कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, वरना स्थिति कहीं ज्यादा गंभीर हो सकती थी।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राजीव गर्ग ने इस घटना के बाद नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब पहले से खतरे की जानकारी अधिकारियों को दी जा चुकी थी, तब समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने मांग की है कि सेक्टर-27 ही नहीं, बल्कि पूरे शहर में हाईटेंशन लाइनों के आसपास मौजूद पेड़ों का तत्काल सर्वे कराया जाए और जहां भी खतरा हो वहां तुरंत छंटाई कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।





