त्रिनिदाद एवं टोबैगो के हाई कमिश्नर चंद्रदाथ सिंह ने बताई भारत के साथ सहयोग की संभावनाएं, राजनयिकों, सरकारी अधिकारियों और विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
नोएडा। महर्षि यूनिवर्सिटी के नोएडा कैंपस में रविवार को इंडिया कनेक्ट एंड कोलैबोरेशन समिट (ICCS-2026) का आयोजन किया गया। समिट में भारत और विभिन्न देशों के बीच शिक्षा, कौशल विकास, उद्योग, नवाचार और संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में देश-विदेश के राजनयिक प्रतिनिधियों, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों, शिक्षाविदों, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों तथा उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञों ने सहभागिता की।
समिट का उद्देश्य शिक्षा, सरकारी संस्थानों, उद्योग और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को एक साझा मंच पर लाकर सहयोग की नई संभावनाओं की तलाश करना रहा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बदलते वैश्विक परिदृश्य में शिक्षा और कौशल विकास की भूमिका, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, उद्योग-अकादमिक सहयोग तथा नवाचार को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
त्रिनिदाद एवं टोबैगो के हाई कमिश्नर रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत में त्रिनिदाद एवं टोबैगो के हाई कमिश्नर एच.ई. चंद्रदाथ सिंह रहे। उन्होंने भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के बीच सहयोग की संभावनाओं पर विचार साझा किए। उन्होंने शिक्षा, मानव संसाधन विकास, कौशल, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की।
उरुग्वे दूतावास के चीफ ऑफ कांसुलर सेक्शन पाब्लो रिकार्डो गोरोसिटो बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं सीबीएसई, नई दिल्ली के एडिशनल डायरेक्टर (स्किल एजुकेशन) आरपी सिंह ने विशेष अतिथि के रूप में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद गणेश पुष्पांजलि की मनोहारी प्रस्तुति दी गई। महर्षि यूनिवर्सिटी की ओर से रतिश गुप्ता ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया और कार्यक्रम में शामिल हुए सभी अतिथियों का अभिनंदन किया।
महर्षि यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. बी.पी. सिंह तथा महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, कानपुर के कुलपति डॉ. पी.के. उपाध्याय ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। दोनों वक्ताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में संस्थानों की भूमिका और बदलते समय के अनुरूप उच्च शिक्षा में नए अवसरों के निर्माण की आवश्यकता पर विचार रखे।
महर्षि यूनिवर्सिटी नोएडा की डीन अकादमिक तृप्ति अग्रवाल ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आभार व्यक्त किया। वहीं ग्रीन पेटल्स ट्रस्ट के डायरेक्टर (ट्रेनिंग एंड इनोवेशन) एस.पी. वर्मा ने ICCS-2026 के विजन, उद्देश्यों और अपेक्षित परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सरकारी अधिकारियों और विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
समिट में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े अधिकारियों और विशेषज्ञों की भी सक्रिय भागीदारी रही। वित्त मंत्रालय के असिस्टेंट कमिश्नर डॉ. हरीश यादव, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर प्रवीण एस., खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के असिस्टेंट कमिश्नर सतीश कुमार, एमएसएमई मंत्रालय के असिस्टेंट कमिश्नर हेमंत यादव तथा सहकारिता मंत्रालय के डॉ. संजय ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
उद्योग जगत की ओर से टाटा पावर के कॉरपोरेट हेड सुधाकर यादव भी समिट में शामिल हुए। उन्होंने उद्योग क्षेत्र में बदलती जरूरतों और शिक्षा संस्थानों के साथ उद्योग जगत के बेहतर तालमेल की आवश्यकता से जुड़े विषयों पर अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
समिट के दूसरे सत्र में एसएसबी, गृह मंत्रालय के सेकंड-इन-कमांड अजय सिंह, सीबीएसई के एडिशनल डायरेक्टर आरपी सिंह, एनआईओएस के डिप्टी डायरेक्टर (एडमिन) डॉ. पीयूष प्रसाद और शोभित डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस चांसलर डॉ. जयानंद सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए।
संसदीय कार्य मंत्रालय के चीफ ऑफ मीडिया एंड कम्युनिकेशन डॉ. इबोमचा शर्मा अरिबम, कैडिला फार्मास्यूटिकल्स के पूर्व सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डॉ. पी.के. राजपूत, इंडियन स्कूल्स लीडरशिप फोरम के चेयरमैन सरित घोष तथा श्रीराम एजुकेशन ट्रस्ट के प्रिंसिपल ट्रस्टी अजय कुमार शर्मा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
महर्षि यूनिवर्सिटीज और इन्क्यूबेशन पर हुई प्रस्तुति
समिट के दौरान महर्षि यूनिवर्सिटी की डीन एकेडमिक्स डॉ. तृप्ति अग्रवाल ने महर्षि यूनिवर्सिटीज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महर्षि संस्थान की विभिन्न यूनिवर्सिटीज शिक्षा के क्षेत्र में किस प्रकार कार्य कर रही हैं और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उनके समग्र विकास पर किस तरह ध्यान दिया जा रहा है।
इसके बाद MUIT इन्क्यूबेशन को लेकर विशेष प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुति के माध्यम से नवाचार, उद्यमिता और नए विचारों को संस्थागत स्तर पर प्रोत्साहित करने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया। शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को नए व्यवसायिक विचारों और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ाने में इन्क्यूबेशन सेंटर की भूमिका को भी रेखांकित किया गया।
विशिष्ट अतिथियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्ट एवं distinguished guests को सम्मानित भी किया गया। आयोजकों की ओर से अतिथियों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न प्रदान किए गए।
समिट में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आज के वैश्विक दौर में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। युवाओं को बदलती तकनीक, उद्योग की आवश्यकताओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के अनुरूप कौशल प्रदान करना आवश्यक है। इसके लिए विश्वविद्यालयों, उद्योगों, सरकारी संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बीच निरंतर संवाद और सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
साझा मंच के रूप में सामने आया ICCS-2026
महर्षि यूनिवर्सिटी में आयोजित ICCS-2026 ने शिक्षा, सरकार, उद्योग और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को एक साझा मंच प्रदान किया। सम्मेलन के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए और संभावित सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा की।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके बाद सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के लिए लंच का आयोजन किया गया।
आयोजकों के अनुसार इस तरह के सम्मेलन शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, युवाओं के लिए नए अवसर तलाशने तथा भारत और अन्य देशों के बीच शैक्षिक एवं संस्थागत सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ICCS-2026 के माध्यम से एक ऐसा मंच तैयार हुआ, जहां विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने संवाद के जरिए सहयोग और साझेदारी की नई संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।





