नोएडा। शहर के सेक्टर-6 स्थित एनईए (नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन) भवन के ऑडिटोरियम में वरिष्ठ पत्रकार सुरेश चौरसिया की चर्चित पुस्तक ‘दहकते अंगारे’ का भव्य विमोचन समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समाज के ज्वलंत मुद्दों और समकालीन चुनौतियों पर केंद्रित इस पुस्तक के लोकार्पण समारोह में शहर की प्रतिष्ठित हस्तियों, साहित्यकारों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
पत्रकारिता जगत में अपनी निर्भीक लेखनी, बेबाक विचारों और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को मुखरता से उठाने के लिए पहचाने जाने वाले सुरेश चौरसिया की यह नई कृति समाज के उन पहलुओं पर प्रकाश डालती है, जिन पर अक्सर पर्याप्त चर्चा नहीं हो पाती। पुस्तक में समकालीन सामाजिक, राजनीतिक और मानवीय विषयों को गंभीरता से प्रस्तुत किया गया है, जो पाठकों को सोचने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराने का प्रयास करती है।
विमोचन समारोह के दौरान साहित्य, समाज और पत्रकारिता की वर्तमान स्थिति तथा भविष्य की दिशा पर विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता केवल समाचार देने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि समाज को सही दिशा दिखाने और जनचेतना जागृत करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे समय में ‘दहकते अंगारे’ जैसी पुस्तकें समाज के समक्ष नए विचार और विमर्श प्रस्तुत करती हैं।
इस अवसर पर ठाकुर एनपी सिंह, स्वामी पद्मनारायनाचार्य (पीठाधीश्वर, हनुमंत कृपाधाम, वृंदावन), शालिनी सिंह (अध्यक्ष, नोएडा सिटीजन फोरम), विपिन मल्हन (अध्यक्ष, एनईए), आलोक द्विवेदी (अध्यक्ष, नोएडा मीडिया सेंटर), अशोक चौहान (भाजपा नेता), यू.एस. शर्मा तथा कपिल शर्मा सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी वक्ताओं ने पुस्तक की विषयवस्तु की सराहना करते हुए इसे समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने वाली महत्वपूर्ण कृति बताया।
मंच संचालन प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्यकार शशि पांडेय ने अपने सहज, प्रभावशाली और रोचक अंदाज में किया। उनके संचालन ने पूरे कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा और उपस्थित श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन भी किया।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि ‘दहकते अंगारे’ केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि समाज के भीतर छिपे अनेक सवालों और चुनौतियों को सामने लाने का सशक्त प्रयास है। उनका मानना था कि यह कृति पाठकों में नई चेतना, सामाजिक संवेदनशीलता और सकारात्मक बदलाव की भावना को मजबूत करेगी। उन्होंने लेखक सुरेश चौरसिया की लेखनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि पत्रकारिता के लंबे अनुभव का प्रभाव इस पुस्तक के प्रत्येक अध्याय में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ पत्रकार सुरेश चौरसिया को इस महत्वपूर्ण साहित्यिक कृति के लिए सभी अतिथियों ने शुभकामनाएं एवं बधाई दी। साथ ही समारोह के उत्तरार्ध में मंच पर उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों तथा शहर की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं पत्रकारिता से जुड़ी हस्तियों को स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित किया गया।
विमोचन समारोह का एक प्रमुख आकर्षण भव्य कवि सम्मेलन भी रहा। इस काव्य संध्या में वरिष्ठ कवि साहित्य कुमार चंचल ‘साधक’, प्रसिद्ध कवयित्री किरण सिंह, अंजली करण ‘सरधना’ तथा पूर्व एनएसजी कमांडो रजनीश त्यागी ने अपनी प्रभावशाली कविताओं, गीतों और ग़ज़लों की प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवियों की प्रस्तुतियों को श्रोताओं ने खूब सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, साहित्यिक संस्थाओं, मीडिया जगत और उद्योग जगत से जुड़े बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को नोएडा के साहित्यिक और सांस्कृतिक परिवेश के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन बताया।
इस सफल आयोजन को यादगार बनाने में बीनू शर्मा, प्रवीण पांडे, पवन राज सिंह और अनीश अहमद का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों, पत्रकारों और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।
‘दहकते अंगारे‘ के विमोचन के साथ यह संदेश भी दिया गया कि साहित्य और पत्रकारिता समाज में सकारात्मक परिवर्तन के प्रभावी माध्यम हैं। ऐसी कृतियां न केवल विचारों को नई दिशा देती हैं, बल्कि समाज को जागरूक, संवेदनशील और उत्तरदायी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।






