नोएडा। युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सामाजिक परिवर्तन का सक्रिय भागीदार बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन भारत-भारती ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में संगठन के प्रतिनिधियों ने अमिटी विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रशांत आर. चौहान के साथ विस्तृत बैठक कर युवाओं के नेतृत्व विकास, सामाजिक सेवा, स्वयंसेवा और जनहित से जुड़े अभियानों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आज के युवाओं के पास ऊर्जा, नवाचार और नेतृत्व क्षमता का अपार भंडार है। यदि उन्हें सही दिशा और अवसर प्रदान किए जाएं, तो वे समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए भारत-भारती और अमिटी विश्वविद्यालय ने भविष्य में कई संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करने की दिशा में सहमति व्यक्त की।
चर्चा के दौरान शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें सामाजिक सरोकारों से जोड़ना भी समय की आवश्यकता है। इसके लिए उन्हें पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, सामुदायिक विकास, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और जन-जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
बैठक में “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक संवाद, विचारों के आदान-प्रदान और सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। इसके तहत ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनसे देश के अलग-अलग हिस्सों के युवा एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को समझ सकें तथा राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत कर सकें।
भारत-भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विनय पात्रले एवं उत्तर भारत संगठन मंत्री श्री विवेकानंद दीक्षित के मार्गदर्शन में संगठन लंबे समय से सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहा है। संगठन शिक्षा, संस्कृति, पर्यावरण और समाज सेवा से जुड़े अनेक अभियानों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का वाहक बनाने का प्रयास कर रहा है।
इस अवसर पर विभाग संयोजक श्री अंकुर शर्मा ने कहा कि देश के विकास में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा मिले, तो वे समाज की अनेक चुनौतियों का समाधान निकाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत-भारती का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि युवाओं में सेवा, नेतृत्व, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है।
वहीं गौतम बुद्ध नगर जिला अध्यक्ष श्री सचिन गुप्ता ने कहा कि आज का युवा केवल रोजगार तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव का सहभागी भी बनना चाहता है। ऐसे में विश्वविद्यालयों और सामाजिक संगठनों का सहयोग युवाओं को वास्तविक सामाजिक अनुभव प्रदान करेगा और उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास करेगा।
बैठक में इस बात पर भी विश्वास व्यक्त किया गया कि विश्वविद्यालयों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदायों के समन्वित प्रयासों से युवाओं की रचनात्मक क्षमता का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। इससे न केवल समाज सेवा की संस्कृति मजबूत होगी, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी भी पहले से अधिक प्रभावी बनेगी।
बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने भविष्य में संयुक्त रूप से स्वयंसेवी अभियान, नेतृत्व विकास कार्यशालाएं, पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम, सामाजिक जागरूकता अभियान, युवा संवाद, सांस्कृतिक गतिविधियां और सामुदायिक सेवा परियोजनाएं आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की। सभी प्रतिभागियों ने विश्वास जताया कि इस प्रकार के सहयोगात्मक प्रयास युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने के साथ-साथ विकसित भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।






