दिल्ली I am failure…I am dumb…I hate myself…(मैं असफल हूं…मैं बेवकूफ हूं…मैं खुद से नफरत करती हूं)…जी हां, ये वो वाक्ये है जिन्हे उसने आखरी बार लिखा था। इन तीन वाक्यों को लिखने के बाद 16 साल की उस छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। जी हां हम बात कर रहे हैं उस छात्रा की जो मयूर विहार के एल्कॉन स्कूल में पढ़ रही थी। वो 9वीं कक्षा की उस छात्रा थी जिसने ये आरोप लगया था की उसके टीचरों ने उसके साथ किये गए छेड़छाड़ से तंग आकर उसने खुदकुशी कर ली।
दिल्ली से लगे नोएडा सेक्टर-52 जीबी में रहने वाली छात्रा मयूर विहार के एल्कॉन स्कूल में 9वीं क्लास में पढ़ती थी। बीते 20 मार्च को खुदकुशी से ठीक पहले पीड़िता ने अपनी नोटबुक में उपरोक्त लाइन लिखी थी। उसके पिता का आरोप है कि स्कूल में सोशल साइंस का टीचर राजीव सहगल उससे छेड़छाड़ करता और साइंस टीचर नीरज आनंद धमकाती थी।
मौत से पहले पीड़िता ने अपनी किताब में लिखा कि समय के साथ सबकुछ बदलता है. कॉपी में भी कई बार उसने अपना नाम लिखा। वह डॉक्टर बनाना चाहती थी। उसने अपने सपने के बारे में भी नोटबुक पर लिखा था। आखिरी पन्ने पर उसने अपने नाम के आगे डॉक्टर लगाया था। इसके बाद खुद को असफल मानते हुए उसने मौत का रास्ता चुन लिया। .
पिता का आरोप है कि दोनों टीचरों ने जान बूझकर परीक्षा में उसे कम नंबर दिए थे, जिससे कि वह फेल हो गई थी। पिता ने स्कूल के प्रिंसिपल से शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसी कारण से छात्रा तनाव में रहने लगी थी। उसने अपने पिता से कहा था, कि दोनों टीचर उसे पास नहीं होने देंगे। इसी वजह से उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी।
पुलिस ने दोनों टीचर के साथ प्रिंसिपल के खिलाफ छेड़छाड़ करने, आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी देने और पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पहले पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धारा नहीं जोड़ी थी। सवाल उठे तो फिर दोबारा धाराएं बढ़ाई गईं। इस मामले में पहली शिकायत दर्ज करने वाले पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया गया और जांच के आदेश दिए गए हैं।
मृतका के परिवार वालों ने बताया कि उनकी बेटी नौवीं क्लास में एक बार फेल हो चुकी थी। छात्रा का शव उसके कमरे की खिड़की की रेलिंग से लटकता मिला था। परिवार वालों को जैसे ही बेटी द्वारा खुदकुशी की जानकारी मिली, वे उसे लेकर कैलाश अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। फिलहाल यूपी और दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।






