नोएडा। नोएडा पुलिस ने फ्लैट और सोसाइटी के बंद मकानों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक कथित अंतर्जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना सेक्टर-113 पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला समेत तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी की पीली और सफेद धातु की ज्वैलरी, पांच लैपटॉप, दो टैबलेट, छह मोबाइल फोन, करीब 3.5 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की जा रही ERTIGA कार तथा कूटरचित नंबर प्लेट बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। मुखबिर की सूचना पर थाना सेक्टर-113 पुलिस टीम ने 2 सितंबर 2026 को सेक्टर-123 स्थित श्मशान घाट के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कैलाश उर्फ दिवाकर, निवासी बुलंदशहर, हाल निवासी ग्राम सौरखा सेक्टर-115 नोएडा; इरफान उर्फ इमरान, निवासी लोनी गाजियाबाद, हाल निवासी सेक्टर-73 नोएडा; और सोनाली पुत्री सोनू सिंह, निवासी सहरसा, बिहार के रूप में हुई है।
कैप और मास्क लगाकर करती थी रेकी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह सोसाइटी और फ्लैटों में बंद मकानों की पहले रेकी करता था। पुलिस के मुताबिक, अभियुक्ता सोनाली ने पूछताछ में बताया कि वह कैप पहनकर और चेहरे पर मास्क लगाकर सोसाइटी के अंदर घूमती थी और बंद मकानों की रेकी करती थी।
रेकी के दौरान जब किसी मकान के बंद होने की जानकारी मिलती थी तो वह अपने साथियों को इसकी सूचना देती थी। इसके बाद तीनों आरोपी ERTIGA कार से मौके पर पहुंचकर घर में घुसते और ज्वैलरी, नगदी, मोबाइल फोन, लैपटॉप समेत कीमती सामान चोरी कर लेते थे।
पुलिस के अनुसार चोरी किए गए सामान को तीनों आरोपी आपस में बांट लेते थे।
नोएडा से मथुरा तक दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में चोरी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। कैलाश उर्फ दिवाकर के खिलाफ थाना फेस-2 गौतमबुद्धनगर में वर्ष 2023 का मुकदमा दर्ज होने के अलावा वर्ष 2026 में थाना सेक्टर-49 और थाना सेक्टर-113 नोएडा तथा गोविंदनगर थाना मथुरा में भी मामले दर्ज हैं।
वहीं, इरफान उर्फ इमरान और सोनाली के खिलाफ भी थाना सेक्टर-49, थाना सेक्टर-113 नोएडा और गोविंदनगर थाना मथुरा में संबंधित मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
इससे पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने नोएडा के अलावा अन्य जिलों में भी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया हो सकता है। पुलिस अब बरामद सामान के आधार पर अन्य घटनाओं से कनेक्शन की जांच कर रही है।

बरामद सामान से खुल सकता है कई वारदातों का राज
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से बरामद सामान में कई लैपटॉप और टैबलेट ऐसे हैं, जिनका संबंध अलग-अलग दर्ज मुकदमों से बताया गया है। इनमें थाना सेक्टर-113 नोएडा, थाना सेक्टर-49 नोएडा और थाना गोविंदनगर मथुरा में दर्ज मुकदमों से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं।
इसके अलावा छह मोबाइल फोन और करीब 3.5 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई ERTIGA कार को भी कब्जे में लिया है। कार पर कूटरचित नंबर प्लेट HR20AN3914 लगी होने की बात पुलिस ने बताई है।
सोसाइटी में रहने वालों के लिए बढ़ी सतर्कता की जरूरत
इस गिरफ्तारी के बाद नोएडा की हाईराइज सोसाइटी और फ्लैटों में रहने वाले लोगों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है। बंद मकानों की रेकी कर चोरी करने का तरीका बताता है कि अपराधी सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई से जहां चोरी की कई घटनाओं के खुलासे की उम्मीद जगी है, वहीं सोसाइटी प्रबंधन और निवासियों के लिए भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत सामने आई है।
थाना सेक्टर-113 पुलिस की टीम में उपनिरीक्षक सोनू कुमार, उपनिरीक्षक कुलदीप कुमार, उपनिरीक्षक अंकित शर्मा, उपनिरीक्षक अंकित बालियान, उपनिरीक्षक रामसुरेश, महिला उपनिरीक्षक जेबा परवीन, हेड कांस्टेबल मोती यादव, हेड कांस्टेबल अनुज कुमार और कांस्टेबल यशवंत सिंह शामिल रहे।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से आगे की पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक कितनी सोसाइटियों और कितने बंद मकानों को निशाना बनाया, साथ ही चोरी के अन्य सामान और संभावित सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।





