ग्वालियर। खेल और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सुराज वर्मा को ग्वालियर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में प्रतिष्ठित “मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें खेलों के प्रति उनके समर्पण, राष्ट्रीय स्तर पर हासिल उपलब्धियों तथा समाज और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
यह सम्मान उड़ान संगठन, ग्वालियर की ओर से प्रदान किया गया। समारोह के दौरान उड़ान संगठन के अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र सिंह ने सुराज वर्मा को सम्मानित किया। उन्होंने सुराज वर्मा की खेल उपलब्धियों और सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि खेल केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके जरिए समाज में अनुशासन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और युवा शक्ति को नई दिशा दी जा सकती है।
सुराज वर्मा ने पावरलिफ्टिंग के क्षेत्र में अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पावरलिफ्टिंग में 5 स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। लगातार बेहतर प्रदर्शन और खेल के प्रति समर्पण ने उन्हें अपने क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलाई है। उनकी उपलब्धियां उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक मानी जा सकती हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेलों में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं।
सुराज वर्मा की उपलब्धियों का दायरा केवल पावरलिफ्टिंग तक सीमित नहीं है। उन्होंने खेलों को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने और युवाओं को बेहतर खेल वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की है। नोएडा पंजाबी समाज के अंतर्गत उन्होंने NPS बैडमिंटन ग्रुप की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह ग्रुप आज भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है और खेल प्रेमियों तथा युवा खिलाड़ियों को बैडमिंटन से जोड़ने का काम कर रहा है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी खेल को मजबूत बनाने के लिए केवल बड़े स्तर पर होने वाले टूर्नामेंट ही पर्याप्त नहीं होते, बल्कि जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को अवसर, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन उपलब्ध कराना भी बेहद जरूरी है। इसी दिशा में NPS बैडमिंटन ग्रुप जैसी पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सुराज वर्मा द्वारा खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की यह पहल उनके खेल के प्रति व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
समारोह में सुराज वर्मा के योगदान को सम्मानित करते हुए उनके खेल जीवन के साथ-साथ समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया गया। “मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय पुरस्कार” उनके लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह सम्मान उस महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की स्मृति से जुड़ा है, जिन्होंने भारतीय हॉकी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और देश में खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।
सम्मान प्राप्त करने के बाद सुराज वर्मा ने उड़ान संगठन के अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र सिंह और पूरी टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए सिर्फ एक पुरस्कार नहीं है, बल्कि खेल और समाज के प्रति उनके निरंतर प्रयासों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा है।
सुराज वर्मा ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के जीवन में पुरस्कार और सम्मान निश्चित रूप से उत्साह बढ़ाते हैं, लेकिन वास्तविक सफलता तब है जब उसकी उपलब्धियों से दूसरे युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिले। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में भी खेलों को बढ़ावा देने, युवाओं को प्रोत्साहित करने और समाज के लिए सकारात्मक कार्य करने की दिशा में लगातार प्रयास करते रहेंगे।
उन्होंने कहा, “यह सम्मान मुझे आगे भी खेल, समाज और युवा प्रतिभाओं के उत्थान के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।”
सुराज वर्मा का यह सम्मान ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब देश में खेल प्रतिभाओं को जमीनी स्तर से आगे लाने और युवाओं को खेलों से जोड़ने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। पावरलिफ्टिंग जैसे खेलों में राष्ट्रीय स्तर पर पांच स्वर्ण पदक हासिल करना उनकी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का प्रमाण है। वहीं, बैडमिंटन को बढ़ावा देने के लिए संगठनात्मक स्तर पर की गई उनकी पहल उनके बहुआयामी योगदान को दर्शाती है।
ग्वालियर में आयोजित इस सम्मान समारोह ने सुराज वर्मा की खेल यात्रा और सामाजिक योगदान को एक नई पहचान दी है। मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने के बाद उनके समर्थकों, खेल प्रेमियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी और भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
यह सम्मान न केवल सुराज वर्मा की व्यक्तिगत उपलब्धियों का सम्मान है, बल्कि उन तमाम खिलाड़ियों और युवाओं के लिए भी संदेश है कि मेहनत, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी के साथ किया गया प्रयास निश्चित रूप से पहचान दिलाता है। सुराज वर्मा की यात्रा आने वाले समय में उन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन सकती है, जो खेल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने की तैयारी कर रहे हैं।





