नोएडा। सेक्टर-78 स्थित Sikka Karmic Greens (GH-1C) सोसाइटी में अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) के प्रस्तावित चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। सोसाइटी के निवासियों ने आरोप लगाया है कि बिल्डर M/s G.S. Promoters Pvt. Ltd. आवश्यक वैधानिक अनुमतियों और अनापत्तियों के बिना जल्दबाजी में AOA चुनाव कराने की तैयारी कर रहा है। निवासियों का कहना है कि यदि वर्तमान परिस्थितियों में चुनाव कराया गया तो बिल्डर की करोड़ों रुपये की देनदारियों का बोझ करीब 600 परिवारों पर आ सकता है।
निवासियों के अनुसार सोसाइटी में कुल छह टावर हैं, जिनमें से Aspire टावर को अभी तक नोएडा प्राधिकरण से Occupancy Certificate (OC) प्राप्त नहीं हुआ है। इसके अलावा Fire NOC, Sewage Treatment Plant (STP) की स्वीकृति तथा Completion Certificate (CC) जैसी महत्वपूर्ण औपचारिकताएं भी लंबित हैं। उनका आरोप है कि पानी, बिजली और अन्य सरकारी विभागों के करोड़ों रुपये के बिल एवं चालान भी अभी तक बकाया हैं।
इसी मामले को लेकर सोसाइटी के निवासी नरेंद्र मलिक ने उप निबंधक, गाजियाबाद को लिखित शिकायत भेजकर चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 11(4)(e) के अनुसार परियोजना के सभी हिस्सों के लिए 100 प्रतिशत Occupancy Certificate प्राप्त होने से पहले AOA का गठन नियमों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। इसके बावजूद चुनाव कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
निवासियों का कहना है कि यदि इस समय AOA का गठन कर दिया गया तो भविष्य में Fire NOC, STP, पानी, बिजली और अन्य विभागों से जुड़े करोड़ों रुपये के बकाया बिल, जुर्माने और चालान की जिम्मेदारी नई AOA पर आ सकती है। इससे सीधे तौर पर सोसाइटी के लगभग 600 परिवार प्रभावित होंगे।
शिकायत में यह भी मांग की गई है कि बिल्डर से लिखित रूप में यह आश्वासन लिया जाए कि AOA गठन से पहले की सभी वित्तीय देनदारियों, बकाया बिलों और सरकारी चालानों का भुगतान वही करेगा। किसी भी स्थिति में इन देनदारियों का भार निवासियों या नई AOA पर नहीं डाला जाना चाहिए।
नरेंद्र मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि उप निबंधक द्वारा पहले नियुक्त निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट कहा था कि “बिना OC चुनाव नहीं होगा।” लेकिन अब प्रशासनिक रुख में बदलाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने मांग की है कि इस परिवर्तन के कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
निवासियों का आरोप है कि बिल्डर अपनी जिम्मेदारियों से बचने के उद्देश्य से जल्दबाजी में AOA चुनाव कराना चाहता है। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित वैधानिक स्वीकृतियों और बकाया देनदारियों का खामियाजा फ्लैट खरीदारों को नहीं भुगतना चाहिए।
सोसाइटी के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक Occupancy Certificate (OC), Fire NOC, STP और Completion Certificate (CC) सहित सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त नहीं हो जातीं, तब तक AOA चुनाव पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का आर्थिक या कानूनी बोझ 600 परिवारों पर न पड़े।






