नोएडा। समाज सेवा और मानवीय संवेदनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वाईएसएस फाउंडेशन द्वारा आयोजित फूड डिस्ट्रीब्यूशन अभियान में युवा स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान युवा स्वयंसेवक वंशिका भट्टाचार्य एवं मिष्टी कपूर ने जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों को खाद्य सामग्री वितरित कर सेवा भावना का परिचय दिया।
अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने केवल भोजन वितरण तक ही अपनी भूमिका सीमित नहीं रखी, बल्कि बच्चों के साथ समय बिताकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने बच्चों को सकारात्मक सोच, शिक्षा और आत्मविश्वास के प्रति प्रेरित करते हुए समाज में सहयोग एवं मानवीय मूल्यों का संदेश दिया।
वाईएसएस फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाना तथा युवाओं के भीतर सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भावना को विकसित करना था। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं एवं बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्हें राहत मिली।
इस अवसर पर स्वयंसेवक वंशिका भट्टाचार्य और मिष्टी कपूर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह पहल उनके जीवन के सबसे प्रेरणादायक और भावनात्मक अनुभवों में से एक रही। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद बच्चों और महिलाओं की सहायता करने के दौरान उन्हें यह महसूस हुआ कि छोटी-सी मदद भी किसी व्यक्ति के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
उन्होंने कहा कि बच्चों के चेहरों पर मुस्कान देखकर उन्हें अपार संतोष और खुशी का अनुभव हुआ। इस कार्यक्रम ने उन्हें करुणा, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को और अधिक गहराई से समझने का अवसर प्रदान किया। दोनों स्वयंसेवकों ने भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्यों से जुड़कर जरूरतमंद लोगों की सहायता करने की इच्छा व्यक्त की।
वाईएसएस फाउंडेशन के निदेशक सचिन गुप्ता ने युवा स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति यदि सही दिशा में कार्य करे तो समाज में जागरूकता, सहयोग और विकास की नई मिसाल स्थापित की जा सकती है।
सचिन गुप्ता ने बताया कि वाईएसएस फाउंडेशन शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, बाल विकास, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक उत्थान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रहा है। संस्था का उद्देश्य समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक सहायता पहुंचाना तथा उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वाईएसएस फाउंडेशन इसी प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सहायता और जागरूकता का लाभ पहुंचाया जा सके।
यह अभियान समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश लेकर आया कि “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।” यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता और सामर्थ्य के अनुसार समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आए, तो सामाजिक असमानताओं को कम करने और जरूरतमंद वर्ग के जीवन में सार्थक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
कार्यक्रम के समापन पर फाउंडेशन के सदस्यों ने सभी स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए समाज सेवा के ऐसे प्रयासों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।





