15 दिग्गज कलाकारों को किया सम्मानित
Eros Times: नई दिल्ली: माघ मंडल संस्थान और ललित कला एकेडमी ने भारत के पहले आधुनिक कलाकार राजा रवि वर्मा के योगदान का जश्न मनाने के लिए अपनी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी चित्रांजली 2023 के छठे संस्करण का आयोजन किया। महामहिम श्री आरिफ़ मोहम्मद खान (केरल के गवर्नर) और माननीय श्री जी. सी. मुरमु (भारत के नियन्त्रक और महा लेखापरीक्षक) चित्रांजली 2023 के दौरान मुख्य अतिथि एवं माननीय अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन ललित कला एकेडमी के सहयोग से 5 सितम्बर को नई दिल्ली के डॉ अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में किया गया। इस मौके पर श्री रमा वर्मा थमपुरम और मिस विमलेश ब्रजवाल (सचिव, माघ मंडल संस्थान) भी मौजूद रहे।
चित्रांजली एक अनूठा मचं है जो भारतीय इतिहास के सबसे प्रख्यात और लोकप्रिय चित्रकारों एवं कलाकारों में से एक को श्रृद्धांजली अर्पित करता है, साथ ही विभिन्न पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले कलाकारों को सम्मानित करता है। इस साल भारत से 15 कलाकारों को कला एवं संस्कृति में उनके योगदान के लिए माघ मंडल संस्थान द्वारा सम्मानित किया गया। डॉ अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित इस समारोह में 500 से अधिक उपस्थितगण मौजूद थे।
मानवीय रचनात्मकता एवं कल्पना के विविध रंगोंके बीच माघ मंडल संस्थान की सचिव मिस विमलेश ब्रजवाल ने अपने शब्दों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, उन्होंने राजा रवि वर्मा के अमर कार्यों पर रोशनी
डालते हुए कहा ‘‘राजा रवि वर्मा की कलाकृतियां हमेशा चित्रकारों द्वारा सराही जाएंगी, जो मूल अवधारणाओं, अलौकिक पद्धतियों और विचारोत्तेजन मास्टपीसेज़ पर आधारित हैं। वे कला के क्षेत्र में भारत के महन दूत थे, जिनकी चित्रकारियां वास्तविक एवं स्पष्ट रूपां में संस्कृति एवं आध्यात्म से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर रोशनी डालती हैं।
कवितागायन की कल्पना से पूर्ण उनकी कलाकृतियां कई भावनाओं को उजागर करती हैं, जिन्हें सजग आंखों से नहीं देखा जा सकता।‘‘
सांस्कृतिक आयोजन के बीच जाने-माने कलाकारों, कला समीक्षकों, सांस्कृतिक विशेषज्ञों ने भी चर्चाओं में हिस्सा लिया। इस अवसर पर सभ्य समाज में कला के महत्व पर कई प्रस्तुतियां भी दी गईं।
माघ मंडल संस्थान राजस्थान में स्थित एक एनजीओ है जिसका नेतृत्व मिस विमलेश ब्रजवाल के द्वारा किया जाता है। संस्थान समाज कल्याण तथा विभिन्न क्षेत्रों में स्थायी विकास की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। यह वंचित बच्चों, उनके परिवारों एवं समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रयासरत है। इसके अलावा संस्थान भारतीय कला, संस्कृति एवं परम्पराओं को संरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
पुरस्कार विजेताओं के नाम – दिलीप तामुली, हर्ष वर्धन शर्मा, श्याम शर्मा, कल्याण प्रसाद जोशी, कनैयालाल फकीरचंद पटेल (कानू पटेल), मनीषा झा, एम. अकरम खान, कृष्णप्रिया, आराधना टंडन, अनुराधा ठाकुर, नवल किशोर, सीमा भल्ला, संगीता सिंह, प्रशांत के. सरकार, विज्ञान, राम वर्मा थंपुरन






