बाढ़ की स्थिति के बीच जुलाई महीने में अभी तक लगभग नब्बे (90%) राशन कोटा पहले ही लाभार्थियों को वितरित किया जा चुका है
केजरीवाल सरकार द्वारा दिल्ली में जुलाई के महीने में अभी तक 2.5 लाख से अधिक प्रवासी राशन लाभार्थियों ने ओएनओआरसी योजना के तहत पोर्टेबिलिटी के माध्यम से राशन दिया जा चूका है
दिल्ली में बाढ़ प्रभावित लोगों की वर्तमान स्थिति को देखते हुए खाद्य आपूर्ति मंत्री श्री इमरान हुसैन ने अधिकारियों को कदाचार से निपटने के सख्त निर्देश दिए
Eros Times: दिल्ली में बाढ़ के हालात की बीच जनता को राहत पहुंचाने में अरविंद केजरीवाल सरकार हर संभव प्रयास कर रही है इसी क्रम में अरविंद केजरीवाल के निर्देशानुसार खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री इमरान हुसैन ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत दिल्ली में राशन लाभार्थियों को मुफ्त राशन के वितरण की समीक्षा के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उच्च स्तरीय बैठक में आयुक्त(खाद्य-आपूर्ति), स्पेशल कमिश्नर(खाद्य-आपूर्ति) उपस्थित रहे
बैठक के दौरान खाद्य-आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने माननीय मंत्री श्री इमरान हुसैन को अवगत कराया कि जुलाई महीने में बाढ़ की स्थिति की बीच भी राशन लाभार्थियों को एनएफएसए के तहत राशन का वितरण का कार्य लगभग पूरा हो गया है । अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ की स्थिति के बीच जुलाई महीने में अभी तक राशन कोटा का लगभग नब्बे (90%) राशन लाभार्थियों को वितरित किया जा चुका है । जैसा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले राशन लाभार्थियों के साथ-साथ वन नेशन वन राशन कार्ड(ONORC) लाभार्थियों को भी जुलाई 2023 के महीने के लिए पात्रता के तहत मुफ्त राशन का वितरण किया जा रहा है ।
इमरान हुसैन ने बताया कि ओएनओआरसी योजना के तहत, दिल्ली में जुलाई के महीने में अभी तक 2.5 लाख से अधिक प्रवासी राशन लाभार्थियों ने पोर्टेबिलिटी के माध्यम से राशन प्राप्त किया है ।
दिल्ली में बाढ़ से प्रभावित वर्तमान स्थिति को देखते हुए खाद्य आपूर्ति मंत्री इमरान हुसैन ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि एफपीएस डीलर अन्य कदाचार जैसे कि राशन लाभार्थियों से दुर्व्यवहार, खाद्यान्न का डायवर्जन, जमाखोरी, कालाबाजारी, राशन के कम वितरण आदि में लिप्त न हों और यदि कोई भी डीलर इस तरह के कदाचार में लिप्त पाया जाता है तो दोषी एफपीएस डीलरों के खिलाफ सख्त और त्वरित क़ानूनी कार्रवाई की जाए ।






