परिवहन विभाग ने ‘दिल्ली ईवी पालिसी 2.0 स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन’ परामर्श कार्यक्रम का किया आयोजन; कार्यक्रम में परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने दिल्ली ईवी नीति की सफलताओं पर डाला प्रकाश
दिल्ली में अब तक 1.2 लाख से अधिक ईवी हो चुके हैं पंजीकृत; बाजार में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का रहा दबदबा
केजरीवाल सरकार का 2024 तक दिल्ली में बिकने वाले कुल वाहनों में 25% ईवी शेयर का है लक्ष्य; भविष्य की योजनाओं में मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और जागरूकता अभियान है शामिल
8,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों का निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए 1,500 करोड़ रुपये के निवेश से दिल्ली में लगभग 60 बस डिपो का विद्युतीकरण किया जा रहा है
Eros Times: शहर के परिवहन परिदृश्य पर दिल्ली ईवी नीति का प्रभाव निर्विवाद रूप से परिवर्तनकारी है और यह भविष्य में एक सस्टेनेबल परिवहन का मार्ग प्रशस्त करता है दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने आज इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित कार्यक्रम ‘दिल्ली ईवी पालिसी 2.0 स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन’ में विभिन्न हितधारकों को संबोधित किया। क्लाइमेट ट्रेंड्स और रॉकी माउंटेन इंस्टीट्यूट (आरएमआई) इंडिया के साथ साझेदारी में परिवहन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य दिल्ली में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में केजरीवाल सरकार के प्रयासों को और मजबूती प्रदान करने के लिए ईवी क्षेत्र के विशेषज्ञों से उनके अनुभव, सुझाव और प्रतिक्रिया एकत्र करना है। इस मौके पर प्रधान सचिव-सह-परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा, विशेष आयुक्त(परिवहन) और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की प्रबंध निदेशक श्रीमती शिल्पा शिंदे और दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन सेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एन मोहन मौजूद रहें।
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने अपने संबोधन में अरविंद केजरीवाल के दूरदर्शी नेतृत्व और राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा उठाए गए परिवर्तनकारी कदमों की सराहना की। उन्होंने 7 अगस्त, 2020 को लॉन्च होने के बाद से दिल्ली ईवी नीति की सफलता पर प्रकाश डाला और बताया कि इस निति की शुरुआत से अबतक 1.20 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन बेचे गए हैं। जिनमें इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री का योगदान लगभग 50% रहा।
संबोधन के दौरान दिल्ली के परिवहन मंत्री ने दिल्ली ईवी नीति की सफलता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने इसकी सफलता का श्रेय केजरीवाल सरकार की “3i मॉडल” :इन्क्लुज़न इन्सेन्टिवाइज़ेशन और इनोवेशन को दिया। उन्होंने कहा 3i मॉडल का ‘इन्क्लुज़न’ पहलू सभी हितधारकों को ईवी नीति की अवधारणा के चरण से सक्रिय रूप से शामिल करने पर केंद्रित रहा है। आरएमआई इंडिया के सहयोग से पॉलिसी के शुरूआती चरण में लगभग 300 लोगों ने दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित हितधारकों के गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया, जहां नीति के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञ प्रतिक्रिया को शामिल करने से नीति की व्यावहारिकता और व्यापक स्वीकृति सुनिश्चित हुई।
उन्होंने आगे कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने ‘इन्सेन्टिवाइज़ेशन’ के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद से जुड़े शुरुआती लागत के बोझ को कम करने के लिए पर्याप्त सब्सिडी दी। इलेक्ट्रिक कारों के लिए 1.5 लाख रुपये, ई-रिक्शा के लिए 30,000 रुपये और दोपहिया वाहनों के लिए 5,000 रुपये प्रति kWh की सब्सिडी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, रोड टैक्स और पंजीकरण कर पर छूट प्रदान की गई, जिसके परिणामस्वरूप बेची गई 1.2 लाख ईवी के लिए 120 करोड़ की कुल टैक्स छूट दी गयी। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने अब तक सब्सिडी में 169 करोड़ रुपये से अधिक दिएँ हैं।
पॉलिसी के इनोवेशन पहलू पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ‘इनोवेशन’ घटक ने दिल्ली के निवासियों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दिल्ली सरकार ने 4.5 रुपये प्रति यूनिट के ईवी टैरिफ की शुरुआत की साथ ही ई-साइकिल के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने वाला दिल्ली देश का पहला राज्य है। लोगों को ईवी चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन के बारे में आसानी से जानकारी मिल सके इसके लिए दिल्ली सरकार ने “वन दिल्ली” ऐप में सभी जानकारी समाहित की।
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन के लिए महत्वाकांक्षी योजनाओं को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा की वर्तमान में दिल्ली सरकार 400 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करती है जिसे 2023 के अंत तक 1,900 करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य 2025 तक 8,280 ई-बसों का एक प्रभावशाली बेड़ा तैयार करना है। इसके लिए दिल्ली में लगभग 60 बस डिपो का विद्युतीकरण किया जा रहा है, जिसमें 8,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के लिए 1,500 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
दिल्ली में दिसंबर 2022 में बेचे गए कुल वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 16.8% थी। दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि 2024 तक दिल्ली में बिकने वाले कुल वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 25% हो। कार्यक्रम में परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने हितधारकों से निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग का आह्वान किया।
ईवी को बढ़ावा देने की भविष्य की योजनाओं के बारे में बोलते हुए, उन्होंने कहा, “दिल्ली सरकार एक मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगी। 2025 तक 18,000 चार्जिंग पॉइंट्स को तैयार करने के लिए तीन साल की कार्य योजना तैयार की गई है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों के लिए सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित हो सके।” उन्होंने कहा कि लोगों को ईवी खरीद के लिए प्रोत्साहित करने के लिए स्विच दिल्ली 2.0 अभियान और उपभोक्ता जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने दिल्ली ईवी नीति के सफल कार्यान्वयन के लिए एक संयुक्त रोडमैप तैयार करने में समर्थन और निरंतर सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने हितधारक परामर्श आयोजित करने के लिए परिवहन विभाग, क्लाइमेट ट्रेंड्स और आरएमआई इंडिया की सराहना की।






