“स्वच्छता में सहभाग — स्वच्छ भारत, विकसित भारत” का दिया संदेश
नोएडा । सेक्टर-94 स्थित युवा शक्ति घाट पर रविवार को वाईएसएस फाउंडेशन के नेतृत्व में वृहद स्वच्छता और जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। स्वच्छता ही सेवा–2026 के तहत आयोजित इस अभियान में 500 से ज्यादा युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
अभियान का आयोजन वाईएसएस फाउंडेशन ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के रिफाइनरी मुख्यालय के सहयोग से किया। कार्यक्रम का मकसद सिर्फ घाट और आसपास के इलाके की सफाई करना नहीं था, बल्कि लोगों को यह संदेश देना भी था कि सार्वजनिक जगहों, नदी घाटों और पर्यावरण को साफ रखना हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
स्वच्छता शपथ के साथ हुई शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छता शपथ के साथ हुई। इसके बाद बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने युवा शक्ति घाट और आसपास के इलाकों में सफाई अभियान शुरू किया। युवाओं और स्वयंसेवकों ने जगह-जगह फैले प्लास्टिक, पॉलीथिन और दूसरे कचरे को इकट्ठा किया।
अभियान के दौरान 12 हजार किलोग्राम से ज्यादा कूड़ा-कचरा एकत्र किया गया। बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, पॉलीथिन और दूसरे अपशिष्ट को हटाकर इलाके को साफ किया गया।
इस दौरान लोगों से अपील की गई कि वे सार्वजनिक जगहों पर कूड़ा न फेंकें और दूसरे लोगों को भी साफ-सफाई के लिए जागरूक करें।
सचिन गुप्ता ने कहा- सफाई सिर्फ एक दिन की जिम्मेदारी नहीं
वाईएसएस फाउंडेशन के अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने अपनी टीम और स्वयंसेवकों के साथ अभियान में खुद हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सिर्फ एक दिन चलने वाला अभियान नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की लगातार सामाजिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि यमुना और सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने के लिए लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ानी होगी। युवाओं, आम नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं, कॉर्पोरेट क्षेत्र और प्रशासन के साथ मिलकर ही लंबे वक्त तक असर डालने वाला बदलाव लाया जा सकता है।
सचिन गुप्ता ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को अगर समाज और पर्यावरण की बेहतरी के काम में लगाया जाए तो इसका सीधा फायदा पूरे शहर और समाज को मिलता है।
वाईएसएस फाउंडेशन लंबे समय से यमुना संरक्षण, पर्यावरण बचाने और स्वच्छता अभियानों के जरिए लोगों को जोड़ने का काम कर रहा है। संस्था के मुताबिक, अब तक 230 से ज्यादा यमुना और पर्यावरण स्वच्छता अभियानों के जरिए युवाओं, स्वयंसेवकों और नागरिकों को इस मुहिम से जोड़ा जा चुका है।
“स्वच्छता में सहभाग — स्वच्छ भारत, विकसित भारत”
स्वच्छता ही सेवा–2026 की थीम “स्वच्छता में सहभाग — स्वच्छ भारत, विकसित भारत” के तहत आयोजित इस अभियान में लोगों को साफ-सफाई के साथ पर्यावरण बचाने का भी संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में प्लास्टिक कचरे को कम करने, सार्वजनिक जगहों को साफ रखने और अपने आसपास के माहौल को बेहतर बनाने को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।
आयोजकों ने कहा कि स्वच्छ शहर बनाने के लिए सिर्फ सरकारी इंतजाम काफी नहीं हैं। जब तक आम लोग खुद जिम्मेदारी नहीं लेंगे, तब तक सफाई की मुहिम को लंबे वक्त तक कामयाब बनाना मुश्किल होगा।
इंडियन ऑयल और नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने लिया हिस्सा

अभियान में इंडियन ऑयल के वरिष्ठ अधिकारियों अमित कुमार बिमल, असामे गोगोई और अपूर्व व्यास ने भी सहभागिता की। नोएडा प्राधिकरण की ओर से विशेष कार्याधिकारी इंदु प्रकाश सिंह ने भी अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।
अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने मिलकर घाट और आसपास के इलाके में सफाई की। अभियान में अलग-अलग संगठनों के लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को सामूहिक रूप दिया।
शालिनी सिंह ने भी संभाली सफाई की जिम्मेदारी
नोएडा सिटीजन फोरम की अध्यक्ष शालिनी सिंह भी कार्यक्रम में पहुंचीं और उन्होंने खुद स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। उनकी सक्रिय भागीदारी ने वहां मौजूद युवाओं और स्वयंसेवकों का हौसला बढ़ाया।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि पर्यावरण और सार्वजनिक जगहों की देखभाल को सिर्फ किसी संस्था या प्रशासन की जिम्मेदारी न समझें। हर व्यक्ति अपने स्तर पर छोटा कदम उठाकर भी इस मुहिम में योगदान दे सकता है।
कई संस्थाओं और विद्यार्थियों ने निभाई अहम भूमिका
अभियान में कई सामाजिक संस्थाओं, आरडब्ल्यूए संगठनों, शिक्षण संस्थानों और नागरिक समूहों के लोगों ने हिस्सा लिया।
स्माइल इंडिया ट्रस्ट के नागेंद्र सिंह और उनकी टीम, लायंस क्लब दिल्ली वेज के अध्यक्ष अनुज अग्रवाल, फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष पवन यादव, नोएडा फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के महासचिव सुभोजित दास गुप्ता और वाईएसएस फाउंडेशन के संरक्षक एन.के. अग्रवाल समेत कई लोगों ने अभियान में योगदान दिया।
भारत विकास परिषद की युवा टीम, टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के प्रतिनिधि, एमिटी विश्वविद्यालय के समाज कल्याण विभाग से डॉ. प्रशांत चौहान और उनकी टीम तथा डीएवी विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी सफाई अभियान में हिस्सा लिया।
भारतीय सेना के जवानों और यमुना टास्क फोर्स की मौजूदगी ने भी अभियान में जोश बढ़ाया। उनकी सहभागिता से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र सेवा का संदेश लोगों तक पहुंचा।
स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने का संकल्प
अभियान के आखिर में सभी प्रतिभागियों ने सार्वजनिक जगहों को साफ रखने, प्लास्टिक और कचरे का इस्तेमाल कम करने तथा अपने आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के लिए जागरूक करने का संकल्प लिया।
वाईएसएस फाउंडेशन की ओर से कहा गया कि युवाओं को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा से जोड़ना वक्त की जरूरत है। जब युवा आगे बढ़कर समाज के लिए काम करते हैं तो इसका असर दूसरे लोगों पर भी पड़ता है।
युवा शक्ति घाट पर आयोजित यह अभियान इसी सोच की एक मिसाल बना। 500 से ज्यादा लोगों की भागीदारी और 12 हजार किलोग्राम से ज्यादा कचरे की सफाई ने यह दिखाया कि लोग मिलकर किसी मुहिम को बड़ा रूप दे सकते हैं।
अभियान के जरिए लोगों को एक साफ संदेश दिया गया कि स्वच्छता सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
“स्वच्छता में सहभाग — स्वच्छ भारत, विकसित भारत” के संदेश के साथ समाप्त हुए इस अभियान ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक जिम्मेदारी को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने का काम किया।








