हरेश उपाध्याय…
नयी दिल्ली: होटल द अशोक में,एशिया एजुकेशन समिट में,मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री राज कुमार रंजन सिंह व विशिष्ट अतिथि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री राम दास अठावले ने” शिक्षा से आत्म निर्भर भारत की संकल्पना”पर शिक्षाविदों की समिट को संबोधित किया।शिक्षा राज्य मंत्री राज कुमार रंजन सिंह ने कहा कि ‘‘एनईपी-2020 गेम-चेंजर है,जो देश की शिक्षा प्रणाली को नए सिरे से व्यवस्थित करके पूरी तरह बदल सकती है व इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मकसद समानता और समावेश को सुनिश्चित करना है जिसनेआदिवासियों की शिक्षा को एक राष्ट्रीय दृष्टिकोण दिया है समाज के हर तबके तक शिक्षा पहुँचाना सरकार का प्रयास है।
उक्त समिट का सफल आयोजन मार्किट रिसर्च कम्पनी एशिया टुडे रिसर्च के सौजन्य से संपन्न हुआ। इस मौके पर राम दास अठावले केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा हासिल करने का हक़ सबको है, शिक्षा गांव गांव तक पहुंचनी चाहिए।अगर माँ शिक्षित हो जाती है तो पूरा घर शिक्षित हो जाता है।अतःभारत सरकार बेटियों को शिक्षा देने के लिए पूरी कोशिश कर रही है।
डिग्री का उपयोग समाज के लिए होना चाहिए।इस मौके पर देश के करीब 40 एजुकेशनल संस्थानों को सम्मानित किया गया। जिसमें स्टेपआप एसआरएम यूनिवर्सिटी आंध्र प्रदेश एमआईएमएस कॉलेज ऑफ नर्सिंग गुड सिटीजन स्कूल कर्नाटका रेमो इंटरनेशनल कॉलेज आईआईएचएमआरयूनिवर्सिटी डीपीएस अजमेर प्रमुख थें।
कार्यक्रम में देश भर के प्रमुख स्वायत्त एवं निजी शिक्षा संगठनों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पुरस्कृत भी किया गया।इस मौके पर भारत सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल और फग्गन सिंह कुलस्ते ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ने विजेताओं को सम्मानित किया।उक्त पुरस्कार बाजार सर्वेक्षण और मत संग्रह के आधार पर प्रदान किए गएं।कार्यक्रम का बखूबी संयोजन पीआरओ नाजिया हसन ने किया।






