दिल्ली सरकार की मोहल्ला बस योजना का किया स्वागत सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में केजरीवाल सरकार के इस क़दम को कहा गेम चेंजर
केजरीवाल के कुशल नेतृत्व में दिल्ली सरकार अपने नागरिकों को विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है
मोहल्ला बसों की शुरुआत और विभिन्न परिवहन साधनों के एकीकरण के साथ, हमारा उद्देश्य दिल्ली को सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष 10 शहरों में से एक बनाना है
मोहल्ला बस सेवा मेट्रो फीडर सेवा से बिलकुल अलग है इसे एक छोटे से क्षेत्र में कई जगहों को जोड़ने वाली सेवा के रूप में देखा जाना चाहिए
मोहल्ला बस सेवा के सभी तत्वों की व्यापक ब्रांडिंग सुनिश्चित करने की आवश्यकता है चाहे वो सरल और समान किराया है या मुफ्त यात्रा या फिर बस सेवाओं की आवृत्ति ताकि लोगों को प्रतीक्षा न करनी पड़े
लैटिन अमेरिका के अनुभवों से पता चलता है कि मोहल्ला बस सेवा के लिए स्टॉप्स के बिच कम दूरी होनी चाहिए और बसों की उच्च आवृत्ति होनी चाहिए ताकि प्रतीक्षा समय कम हो
EROS TIMES: परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने आज मोहल्ला बस योजना की रूपरेखा विकसित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ परामर्श कार्यक्रम की अध्यक्षता की। वर्चुअल परामर्श में परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की प्रबंध निदेशक शिल्पा शिंदे डीटीसी और डिम्ट्स के अधिकारियों और भारत कोलंबिया और यूएसए के सार्वजनिक परिवहन विशेषज्ञों ने भाग लिया। सभी वैश्विक विशेषज्ञों ने केजरीवाल सरकार की मोहल्ला बस योजना का स्वागत किया और इसे लास्ट माइल कनेक्टिविटी समस्या को हल करने की दिशा में गेम चेंजर माना। बैठक में विशेषज्ञों ने दुनिया भर में अपने अनुभवों के आधार पर मोहल्ला बस योजना के विभिन्न पहलुओं जैसे सेवा डिजाइन औसत मार्ग की लंबाई किराया डिजाइन किराया एकीकरण ब्रांडिंग आदि पर अपने सुझाव प्रस्तुत किये।
केजरीवाल सरकार शहर की सड़कों पर छोटे आकार की इलेक्ट्रिक मोहल्ला बसें चलाकर शहर की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में क्रांति लाने के लिए तैयार है। इस कदम का उद्देश्य उन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए परिवहन पहुंच में सुधार करना है जहां सड़क की चौड़ाई कम है या जहां भीड़भाड़ के कारण नियमित 12-मीटर बसें नहीं चल सकती हैं। मोहल्ला बस योजना की घोषणा इस साल की शुरुआत में दिल्ली के वित्त मंत्री कैलाश गहलोत ने की थी। कैलाश गहलोत के पास ही परिवहन मंत्री का पोर्टफोलियो भी है। इस योजना का उद्देश्य घरों के आस-पास बस सेवा प्रदान करने के लिए 9 मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसों को तैनात करना है। केजरीवाल सरकार की योजना 2025 तक कुल 2,180 ऐसी बसें चलाने की है।
बैठक को संबोधित करते हुए परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा दिल्ली सरकार द्वारा किए गए रूट रेशनलाइजेशन अध्ययन जिसने सार्वजनिक परिवहन उपयोगकर्ताओं की जरूरतों और मांगों को समझा ने दिल्ली में मोहल्ला बसों को शुरू करने का मार्ग प्रशस्त किया है। ये बसें दिल्ली में कम दूरी के लिए चलेंगी और आसपास के इलाकों में ट्रांसपोर्ट हब जैसे मेट्रो स्टेशनों सहित महत्वपूर्ण जगहों को जोड़ेगी। अरविंद केजरीवाल के कुशल नेतृत्व में दिल्ली सरकार अपने नागरिकों को विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मोहल्ला बसों की शुरुआत और विभिन्न परिवहन साधनों के एकीकरण के साथ, हमारा लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन के मामले में दिल्ली को दुनिया के शीर्ष 10 शहरों में से एक बनाना है। हम परेशानी मुक्त संचालन सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठा रहे हैं, जिसमें इलेक्ट्रिक बसों को रखने के लिए नई जगह ढूंढना और बस डिपो का विद्युतीकरण करना शामिल है। आने वाले वर्षों में हम विभिन्न परिवहन साधनों को एक विश्वसनीय सस्ती सुविधाजनक और उच्च-आवृत्ति मल्टी-मोडल परिवहन प्रणाली में एकीकृत करने की योजना बना रहे हैं।

आज के विशेषज्ञ परामर्श का आयोजन इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ क्लीन ट्रांसपोर्ट (आईसीसीटी) द्वारा किया गया था। सभा को संबोधित करते हुए भारत में आईसीसीटी के प्रबंध निदेशक अमित भट्ट ने कहा बिना किसी संदेह के बसें किसी भी सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की रीढ़ हैं। दिल्ली में मोहल्ला बस सेवा की शुरूआत शहर के समग्र विकास और प्रगति में बसों की भूमिका को देखने के तरीके में एक संभावित गेम-चेंजर है। स्थानीय लोगों की परिवहन जरूरतों को पूरा करने और सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में मोहल्ला बस योजना क्रांति लाने की क्षमता रखती है।
परामर्श में भाग लेने वाले कुछ विशेषज्ञों में विश्व बैंक के सैम ज़िम्मरमैन शामिल थे जिन्होंने डीसी सर्क्युलेटर सेवा पर काम किया है; सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस ऐट अर्बन ट्रांसपोर्ट से प्रोफेसर शिवानंद स्वामी; बोगोटा में जेवेरियाना विश्वविद्यालय में प्रोफेसर डॉ. डेरियो हिडाल्गो जिन्होंने कोलम्बिया के कई शहरों के लिए फीडर सेवा पर काम किया है और डॉ. ओपी अग्रवाल नीति आयोग में सीनियर फेलो जिन्होंने द्वारका सर्क्युलेटर सेवा का प्रस्ताव रखा था।
चर्चा के दौरान ICCT की रेवती प्रदीप ने दिल्ली सचिवालय शटल बस सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया जो राजघाट और MCD सिविक सेंटर के साथ कनेक्टिविटी प्रदान करने के अलावा निकटतम 3 मेट्रो लाइनों के लिए सरकारी कर्मचारियों के लिए पहले या अंतिम मील कनेक्टिविटी के रूप में कार्य करती है।
नीति आयोग में सीनियर फेलो डॉ ओपी अग्रवाल ने मोहल्ला बस सेवा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इसे मात्र मेट्रो फीडर सेवा के साथ भ्रमित नहीं होना चाहिए। इसके बजाय इसे मॉल शॉपिंग कॉम्प्लेक्स रोजगार हब आदि जैसे एक छोटे से क्षेत्र के भीतर कई बिंदुओं को जोड़ने वाली सेवा के रूप में देखा जाना चाहिए।
विश्व बैंक के डॉ. सैम ज़िम्मरमैन ने मोहल्ला बस सेवाओं की तर्ज पर 2019 से वाशिंगटन डीसी में चलाई जा रही लोकप्रिय ‘डीसी सर्कुलेटर’ बस सेवाओं के बारे में चर्चा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैसे बस उपयोगकर्ताओं की सुविधा के लिए रंगों में अंतर किया गया और कहा कि सभी तत्वों की ‘व्यापक ब्रांडिंग’ महत्वपूर्ण है। उन्होंने वाहन को पहचानने योग्य बनाने, छोटे मार्ग सुनिश्चित करने का सुझाव दिया ताकि लोगों को प्रतीक्षा न करनी पड़े। उन्होंने मोहल्ला बस सेवा के लिए एक साधारण निश्चित किराया पर जोर दिया।
बोगोटा में जावेरियाना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. डेरियो हिडाल्गो ने यूरोप और लैटिन अमेरिका विशेष रूप से कोलंबिया और ब्राजील के विभिन्न शहरों में संचालित फीडर सेवा की सफलता के बारे में चर्चा की और उन्हें समग्र सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की सफलता के लिए आवश्यक माना। उन्होंने कहा कि लैटिन अमेरिका के अनुभवों से पता चलता है कि मोहल्ला बस सेवा के लिए स्टॉप्स के बिच कम दूरी होनी चाहिए और बसों की उच्च आवृत्ति होनी चाहिए ताकि प्रतीक्षा समय कम हो। उन्होंने इन मार्गों में कुल यात्रा समय को 30 मिनट से कम रखने की भी सिफारिश की।
प्रो शिवानंद स्वामी प्रोफेसर एमेरिटस CEPT ने दिल्ली में मोहल्ला बस सेवा की शुरुआत का स्वागत किया और सूरत और अहमदाबाद में बस सेवाओं को डिजाइन करने से लेकर सवार-ई फीडर सेवा शुरू करने के अपने अनुभव को साझा किया।
मोहल्ला बस योजना सभी इलाकों के निवासियों विशेष रूप से शहर के बाहरी इलाकों में रहने वाले लोगों को सस्ती और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन प्रदान करने की एक पहल है। छोटी और मध्यम आकार की बसें निर्दिष्ट मार्गों पर चलेंगी जो सभी मोहल्लों और इलाकों को कवर करेंगी। बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी और नियमित और लगातार चलेंगी। मोहल्ला बस योजना सभी नागरिकों को सुलभ और कुशल सार्वजनिक परिवहन प्रदान करने की दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।






