तंजीमूल मकातिब के ज़ेरे एहतिमाम 10 मई 2026, इतवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में दीनी तालीम, अखलाकी तरबियत और समाजी एकता के पैगाम के साथ एक कामयाब दीनी तालीमी कॉन्फ्रेंस और मजलिस-ए-अज़ा का आयोजन किया गया। सुबह का प्रोग्राम नोएडा के सेक्टर-50 स्थित शिया जामा मस्जिद में आयोजित हुआ, जबकि रात का प्रोग्राम ग्रेटर नोएडा शिया जामा मस्जिद में संपन्न हुआ। दोनों जगह बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत कर आयोजन को यादगार बना दिया।
सुबह 9:30 बजे नोएडा में शुरू हुए इस प्रोग्राम में शहर और आसपास के इलाकों से आए लोगों की अच्छी-खासी मौजूदगी रही। वहीं रात 8 बजे से ग्रेटर नोएडा में शुरू हुई मजलिस और कॉन्फ्रेंस में भी बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मकसद नई नस्ल को दीनी तालीम की अहमियत से आगाह करना, बेहतर अखलाक की तरफ मुतवज्जेह करना और समाज में आपसी भाईचारे व एकता के जज़्बे को मजबूत करना था।
प्रोग्राम में उलमा-ए-कराम और जिम्मेदारान ने अपने खिताब में कहा कि मौजूदा दौर में दीनी तालीम सिर्फ एक इल्मी ज़रूरत नहीं, बल्कि समाजी इस्लाह का बुनियादी जरिया भी है। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों और नौजवानों को सही तालीम, सही सोच और अच्छे अखलाक दिए जाएं, तो समाज में फैल रही कई बुराइयों को खत्म किया जा सकता है। तकरीरों और मजलिस के जरिए हाज़िरीन तक यह पैगाम पहुंचाया गया कि इंसानियत, मोहब्बत, सब्र और भाईचारा ही किसी भी समाज की असली ताकत होते हैं।
इस मौके पर कई अहम शख्सियतों की मौजूदगी ने प्रोग्राम की अहमियत को और बढ़ा दिया। इनमें जनाब शम्सुल हसन, जनाब मोहम्मद असकरी, जनाब सफी हैदर, जनाब शमशाद अहमद, जनाब मोहसिन नक़वी, जनाब सफदर हुसैन और जनाब तसद्दुक हुसैन शामिल रहे। इसके अलावा जनाब काज़िम मेहदी, जनाब सैयदुल हुसैन, जनाब रईस अहमद, जनाब क़मर हुसैन, जनाब कल्बे रज़ा, जनाब अली हैदर गाज़ी, मौलाना अज़ीम ज़ैदी और जनाब शाइन रज़ा ज़ैदी की शिरकत भी खास रही। इन सभी हस्तियों ने आयोजन की कामयाबी पर खुशी जताई और तंजीमूल मकातिब की कोशिशों की सराहना की।
कार्यक्रम की एक खास बात यह रही कि इसमें शोअरा-ए-कराम ने अपने असरदार कलाम पेश किए। उनके अशआर ने महफिल को रूहानी कैफियत से भर दिया। नात, मनकबत और मजलिस के दौरान मौजूद लोगों की अकीदत साफ दिखाई दी। मजलिस-ए-अज़ा के दौरान अहलेबैत की तालीमात और उनकी कुर्बानियों को याद किया गया, जिससे महफिल का माहौल पूरी तरह रूहानी और असरदार हो गया।
इस कॉन्फ्रेंस में दूर-दराज से आए बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों ने नाटक के जरिए दीनी तालीम की अहमियत को बेहद खूबसूरती से पेश किया। उनके संदेश ने मौजूद लोगों को यह एहसास दिलाया कि अगर नई पीढ़ी को सही दिशा दी जाए, तो वह समाज के लिए रोशनी का सबब बन सकती है। बच्चों की पेशकश को हाज़िरीन ने खूब सराहा और उनकी हौसला-अफजाई की।
प्रोग्राम के आखिर में तंजीमूल मकातिब के जिम्मेदारों ने आयोजन की कामयाबी पर तमाम मेहमानों, उलमा-ए-कराम, शोअरा, बच्चों और शिरकत करने वाले लोगों का शुक्रिया अदा किया। खास तौर पर अंजुमने नसीराने अहलेबैत के प्रिंसिडेंट जनाब अश्जे रज़ा ज़ैदी और जनरल सेक्रेटरी जनाब कमर अब्बास आब्दी समेत अंजुमन के तमाम पदाधिकारियों, मेंबरों और सहयोगियों के योगदान को सराहा गया। जिम्मेदारों ने कहा कि यह कामयाबी सामूहिक मेहनत, मोहब्बत और दीनी खिदमत के जज़्बे का नतीजा है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आयोजित यह दीनी तालीमी कॉन्फ्रेंस सिर्फ एक मजहबी प्रोग्राम नहीं रहा, बल्कि यह समाज में तालीम, तहजीब, अखलाक और एकता का मजबूत पैगाम देने वाला अहम आयोजन साबित हुआ। हाज़िरीन ने उम्मीद जताई कि ऐसे प्रोग्राम आगे भी लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि नई नस्ल को दीनी रोशनी और बेहतर इंसानी उसूलों से जोड़ा जा सके।





