शाहनी ग्रुप कास्मार्ट इंस्टीट्यूट बीएफएसआई क्षेत्र में स्किलगैप को खत्‍म करने में सबसे आगे 

Eros Times: बीएफएसआई क्षेत्र में एंट्री लेवल के पदों के लिए भर्ती जरूरतों कोपूरा करने की दिशा में काम कर रहा संस्थान· स्मार्ट का नया दृष्टिकोण डेटा एनालिटिक्स,बिहैविरियल साइंस और एआई संचालित सॉल्यूशंस को एक साथ लाता है ताकि बीएफएसआई कीभूमिका के लिए छात्रों को तैयार किया जा सके· संस्थान ने 12,000 से अधिक छात्रों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित कर नौकरी दिलाई है, जिनका औसत सालाना पैकेज 2.4 लाख रुपयेसे तीन लाख के बीच है। 09 नवम्बर 2023: तेजी से विकसित होते क्षेत्र में जहां बीएफएसआईकंपनियां एंट्री-लेवल के पदों के लिए अपने भर्ती प्रयासों में तेजी ला रही हैं, शाहनी ग्रुप ऐसा ग्रुप है जो कुशल एवं नौकरी के लिएतैयार वर्कफोर्स मुहैया कराने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। शाहनी ग्रुप का स्मार्ट इंस्‍टीट्यूट चर्चा में है, क्योंकि यह बीएफएसआई क्षेत्र में कुशल प्रतिभाओं की आवश्यकता को पूरा करता है।

बीएफएसआई एक ऐसा क्षेत्र है, जहां कुशल पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। स्मार्ट इंस्‍टीट्यूट बीएफएसआई पेशेवरों की अगली पीढ़ी के लिए एक अभिनव और समावेशी रास्ते की पेशकश करते हुए उद्योग को नए सिरे से परिभाषित कररहा है। वर्ष 2030 तक भारत की स्किल इकॉनमी के 2 ट्रिलियन होने काअनुमान है, जिसमें बीएफएसआई, फार्मास्युटिकल, ई-कॉमर्स और आईटी/आईटीईएस क्षेत्र प्रशिक्षित श्रम बल की मांग को बढ़ा रहे हैं। इस वर्ष बीएफएसआई सेक्टर में कैंपस हायरिंग में लगभग 15-20% की वृद्धि होने की उम्मीद है, जो प्रशिक्षित युवाओं के लिए वर्कफोर्स का हिस्सा बनने का एक शानदार अवसर होगा। हालांकि, मौजूदा बाजार चुनौतियां बीएफएसआई क्षेत्र के लिए आवश्यक कौशल की आपूर्ति में मौजूद पर्याप्त अंतर की तरफ इशारा करती हैं।  

भारत की बुनियादी शिक्षा प्रणाली, जो मौजूदा औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है, ने कई कम आय वाले छात्रों को सीमित अवसरों का विकल्प दिया है, जिसकी वजह से उन्हें अक्सर अनौपचारिक या ब्लू-कॉलरनौकरियों तक सीमित रहना पड़ता है। इसके विपरीत,व्हाइट कॉलर नियोक्ता विशिष्ट रूप से सॉफ्ट और हार्ड स्किल के साथ-साथ सही व्यक्तित्व वाले उम्मीदवारों की तलाश कर रहे हैं। दुर्भाग्य से, कम आय वाले अधिकांश युवाओं में इन पेशेवर संचार क्षमताओं, व्यक्तित्व गुणों और आवश्यक कौशल और अनुभव का अभाव होता है, जिसकीवजह से उनके लिए बीएफएसआई क्षेत्र में रोजगार हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। शाहनी ग्रुप के अग्रणी स्मार्ट इंस्टीट्यूट ने इस अंतर को कम करने और बीएफएसआई उद्योग की भर्ती जरूरतों को पूरा करने के लिए पहल की है। स्मार्ट इंस्टीट्यूट एड-टेक उद्योग के अपस्किलिंग सेगमेंट में एकमात्र मंच है जो वास्तविक प्लेसमेंट प्रदान करता है और बेहद किफायती है, जो इसे छात्रों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए सुलभ बनाता है। यह छात्रों को व्हाइट कॉलर नियोक्ताओं की जरूरतों के मुताबिक क्षमता विकसित करने काअवसर देता है। स्मार्ट ने यह उपलब्धि अपने अत्याधुनिक नजरिये के माध्यम से हासिल की है जिसमें डेटा एनालिटिक्स, बिहैविरियल साइंस और एआई-संचालित समाधान शामिल हैं।

यह उद्योग की जानकारी के सात बीएफएसआई क्षेत्र में विशिष्ट नौकरी भूमिकाओं के लिए आवश्यक सॉफ्ट और हार्ड स्किल का आकलन करने के लिए डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल करता है। इसके अलावा, बिहैविरियल साइंस का उपयोग छात्रों को प्रशिक्षित करने और उनका मार्गदर्शन करने के लिए किया जाता है, ताकि यह  सुनिश्चित किया जा सके कि जरूरी मानकों को पूरा करते हैं और फिर उन्हें काम करने योग्य बनाया जा सके। स्मार्ट की सफलता में एआई एप्लिकेशन की महप्वपूर्ण भूमिका है क्योंकि यह प्रत्येक छात्र की क्षमताओं का विश्लेषण करता है, प्रत्येक छात्र की जरूरतों के मुताबिक व्यक्तिगत प्रशिक्षण विकल्प प्रदान करते हुए और सही नौकरी और सही छात्र के बीच सटीक मिलान सुनिश्चित करता है। यह एकीकृत नजरियाबीएफएसआई क्षेत्र के लिए कुशल और नौकरी के लिए तैयार वर्कफोर्स बनाने की स्मार्ट की क्षमता को बताता है। हासिल नतीजे इस सफलता की कहानी बयां करने के लिएकाफी है।

स्मार्ट इंस्टीट्यूट ने 12,000 से अधिक छात्रों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित करते हुए उनकी प्लेसमेंट को सुनिश्चित किया हैऔर वे अच्छे वेतन वाले पदों पर काम कर रहे हैं। इन स्नातकों के लिए औसत वेतन पैकेज 2.4 लाख रुपये से 3 लाख रुपये प्रति वर्ष तक है, जो बीएफएसआई उद्योग के वर्कफोर्स की चुनौतियों को संबोधित करने में शाहनी ग्रुप के स्मार्ट समाधान की प्रभावशाली अहमियत को बयां करता है।

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