नोएडा। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। राजनीतिक दलों की ओर से संगठन को मजबूत करने, विभिन्न सामाजिक समूहों के साथ संवाद बढ़ाने और संभावित चुनावी रणनीति पर चर्चा का दौर शुरू हो गया है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय शुक्रवार को नोएडा पहुंचे, जहां उन्होंने गौतमबुद्ध नगर के वरिष्ठ समाजसेवी शैलेंद्र शर्मा उर्फ सालू पंडित के आवास पर ब्राह्मण समाज के प्रमुख नेताओं से मुलाकात की।
बताया गया कि इस मुलाकात के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में समाज के बीच संवाद, संगठनात्मक सक्रियता और आगामी चुनाव में सामाजिक समीकरणों को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। हालांकि बैठक में हुई चर्चाओं का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन मुलाकात को 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का सफाया होगा तथा भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनने का भी दावा किया।
मनोज पांडेय ने कहा कि भाजपा का संगठन और कार्यकर्ता आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अलग-अलग वर्गों के साथ संवाद और संपर्क बढ़ाकर संगठन को और मजबूत किया जा रहा है। उनके मुताबिक चुनावी तैयारियों में कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और पार्टी लगातार जमीनी स्तर पर लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन प्रमुख दलों ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। सितंबर 2026 में भाजपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय टीम में भी संगठनात्मक नियुक्तियां की थीं और गौतमबुद्ध नगर को क्षेत्रीय संगठन में प्रतिनिधित्व मिला था। वहीं नोएडा में जिला स्तर पर युवा, किसान और महिला मोर्चा समेत विभिन्न प्रकोष्ठों के गठन और पदाधिकारियों के चयन को लेकर भी पार्टी के भीतर गतिविधियां तेज होने की खबरें सामने आई हैं।
इस बीच बैठक में उत्तर प्रदेश भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रोहित मिश्रा भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में युवाओं को साथ लेकर भाजपा की सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत से काम किया जाएगा। डॉ. रोहित मिश्रा ने कहा कि पार्टी नेतृत्व की ओर से उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाने का प्रयास किया जाएगा।

युवाओं को चुनावी संगठन से जोड़ने पर भी बैठक में चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश की राजनीति में युवा मतदाताओं की भूमिका को देखते हुए सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा भी संगठनात्मक स्तर पर युवा कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दे रही है।
मनोज कुमार पांडेय की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी इस मुलाकात को महत्वपूर्ण बनाती है। वह रायबरेली की ऊंचाहार विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं और पहले समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे हैं। मई 2026 में उन्होंने भाजपा का दामन थामा और योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। उनके भाजपा में शामिल होने और मंत्री बनने को 2027 के चुनावी परिदृश्य से जोड़कर भी राजनीतिक विश्लेषण किया गया है।
मनोज पांडेय की नोएडा यात्रा ऐसे समय में हुई है, जब गौतमबुद्ध नगर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी राजनीतिक दल सामाजिक और संगठनात्मक समीकरणों पर सक्रियता बढ़ा रहे हैं। नोएडा में 2027 चुनाव को लेकर संभावित उम्मीदवारों, संगठनात्मक नियुक्तियों और विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच संपर्क को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार चर्चा में हैं।
शैलेंद्र शर्मा उर्फ सालू पंडित के आवास पर हुई इस बैठक में ब्राह्मण समाज के प्रमुख लोगों की मौजूदगी ने भी राजनीतिक चर्चाओं को नई दिशा दी है। हालांकि बैठक को लेकर किसी औपचारिक चुनावी रणनीति या उम्मीदवारों से संबंधित निर्णय की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन नेताओं के बयानों से साफ है कि 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक स्तर पर तैयारियों का सिलसिला शुरू हो चुका है।
अब आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभिन्न राजनीतिक दल गौतमबुद्ध नगर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामाजिक संवाद, संगठन विस्तार और स्थानीय मुद्दों को किस तरह अपनी चुनावी रणनीति का हिस्सा बनाते हैं। फिलहाल नोएडा में हुई इस मुलाकात ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।






