नोएडा (गौतमबुद्ध नगर)। उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव-2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। इसी क्रम में पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं उत्तर प्रदेश सरकार में मुख्य सचिव और भारत सरकार में सचिव पद पर रह चुके विजय शंकर पाण्डेय की ‘लोग पार्टी’ ने नोएडा विधानसभा क्षेत्र में अपनी राजनीतिक गतिविधियां शुरू कर दी हैं। रविवार को विजय शंकर पाण्डेय नोएडा पहुंचे और पार्टी के घोषित प्रत्याशी इंजीनियर सौरभ गोयल के समर्थन में लोगों से संवाद किया।
इस दौरान विजय शंकर पाण्डेय ने ‘लोग पार्टी’ के गठन, उसके उद्देश्य और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पार्टी की ओर से ऐसे लोगों को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी की जा रही है, जिनकी सामाजिक एवं व्यावसायिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ क्षेत्र में सक्रियता और सार्वजनिक जीवन में भागीदारी रही हो।
नोएडा विधानसभा क्षेत्र से इंजीनियर सौरभ गोयल को पार्टी का प्रत्याशी बनाए जाने की जानकारी भी इसी क्रम में सामने आई। पार्टी की ओर से बताया गया कि उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया में सौरभ गोयल का नाम प्रमुखता से सामने आया और उन्हें नोएडा विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई।
कौन हैं सौरभ गोयल?
सौरभ गोयल की शैक्षणिक पृष्ठभूमि इंजीनियरिंग से जुड़ी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने वर्ष 2000 में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने विभिन्न कंपनियों में अलग-अलग पदों पर काम किया। कॉरपोरेट क्षेत्र में काम करने के अनुभव के बाद उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया और कारोबारी गतिविधियों से जुड़े।
सौरभ गोयल की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 में उन्हें भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की ओर से आयकर भुगतान के लिए सिल्वर कैटेगरी का ‘सर्टिफिकेट ऑफ अप्रिसिएशन’ प्रदान किया गया था। यह सम्मान करदाताओं को आयकर विभाग की ओर से उनकी कर-अनुपालन संबंधी गतिविधियों के संदर्भ में प्रदान किए जाने वाले प्रमाणपत्रों से जुड़ा है।
हालांकि, इस दावे के संबंध में उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों में इस कार्यक्रम या प्रमाणपत्र का स्वतंत्र आधिकारिक रिकॉर्ड इस रिपोर्ट के लिए सत्यापित नहीं हो सका है। इसलिए इसे संबंधित पक्ष द्वारा बताए गए विवरण के रूप में देखा जाना चाहिए।
2022 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर उतरे थे मैदान में
सौरभ गोयल का चुनावी राजनीति में प्रवेश वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से हुआ। उस चुनाव में उन्होंने नोएडा विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन के आधिकारिक चुनावी रिकॉर्ड में भी सौरभ गोयल का नाम नोएडा विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय उम्मीदवारों में दर्ज है।
जनवरी 2022 में उनके नामांकन की खबर भी प्रकाशित हुई थी, जिसमें उन्हें नोएडा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार बताया गया था।
अब वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए सौरभ गोयल एक राजनीतिक दल के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। इस बार उनका राजनीतिक मंच ‘लोग पार्टी’ है, जिसका नेतृत्व विजय शंकर पाण्डेय कर रहे हैं।

‘लोग पार्टी’ के जरिए नई राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश
विजय शंकर पाण्डेय के अनुसार, पार्टी का उद्देश्य ऐसे लोगों को राजनीतिक प्रक्रिया में आगे लाना है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में काम करने का अनुभव रखते हैं। पार्टी की ओर से उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया पर भी जोर दिया जा रहा है।
नोएडा में पार्टी की गतिविधियों के दौरान विजय शंकर पाण्डेय ने लोगों से संवाद करते हुए संगठन और उसकी राजनीतिक सोच के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और संभावित समर्थकों के साथ आगामी चुनाव को लेकर चर्चा की।
विजय शंकर पाण्डेय इससे पहले प्रशासनिक सेवा में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और ‘लोग पार्टी’ के जरिए राजनीतिक विकल्प तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया। पार्टी ने पहले भी विभिन्न चुनावों में उम्मीदवार उतारे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी से जुड़े उम्मीदवारों और उसके राजनीतिक रुख को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी रिपोर्टिंग हुई थी।
नोएडा में मुकाबले की तस्वीर अभी बाकी
नोएडा विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण शहरी सीटों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में शहरी मतदाता, कारोबारी वर्ग, पेशेवर लोग, सोसाइटी निवासी और प्रवासी आबादी रहती है। ऐसे में किसी भी नए राजनीतिक दल के लिए संगठन खड़ा करना और मतदाताओं तक अपनी विचारधारा एवं कार्यक्रम पहुंचाना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होगी।
‘लोग पार्टी’ की ओर से सौरभ गोयल को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद अब पार्टी का फोकस संगठन विस्तार और जनसंपर्क पर दिखाई दे रहा है। रविवार को नोएडा में आयोजित कार्यक्रम को भी इसी जनसंपर्क अभियान के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
सौरभ गोयल के समर्थकों की ओर से उनके कारोबारी अनुभव, इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि और वर्ष 2022 में चुनाव लड़ने के अनुभव को उनकी राजनीतिक यात्रा का हिस्सा बताया जा रहा है। वहीं, आगामी चुनाव में मतदाताओं का रुझान क्या रहेगा, यह चुनावी प्रक्रिया और भविष्य के राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।
जातीय और सामाजिक समीकरणों पर भी नजर
नोएडा की राजनीति में सामाजिक एवं जातीय समीकरण भी चुनावी रणनीतियों का हिस्सा रहते हैं। सौरभ गोयल की ओर से अपने सामाजिक संपर्क और व्यक्तिगत जनाधार को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। उनके समर्थक मानते हैं कि स्थानीय स्तर पर लंबे समय से बनाए गए संपर्क आगामी चुनाव में राजनीतिक संवाद का आधार बन सकते हैं।
हालांकि किसी उम्मीदवार के समर्थन या चुनावी प्रदर्शन का आकलन केवल जातीय समीकरणों के आधार पर करना जल्दबाजी होगी। चुनावी राजनीति में उम्मीदवार की स्थानीय स्वीकार्यता, संगठन की ताकत, मुद्दे, प्रचार अभियान और मतदाताओं की प्राथमिकताएं समेत कई कारक भूमिका निभाते हैं।
प्रशासन से राजनीति तक विजय शंकर पाण्डेय की नई भूमिका
विजय शंकर पाण्डेय की राजनीतिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पहलू उनका प्रशासनिक अनुभव है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार में वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर काम किया है। सेवानिवृत्ति के बाद उनका सक्रिय राजनीति में प्रवेश और राजनीतिक दल का गठन उन्हें प्रशासनिक सेवा से अलग एक नई सार्वजनिक भूमिका में लेकर आया है।
अब उनकी पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को जमीनी स्तर तक विस्तार देने और अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में प्रभावी जनसंपर्क तैयार करने की होगी। नोएडा में सौरभ गोयल को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने अपना स्थानीय चेहरा सामने रखा है।
वहीं, सौरभ गोयल के लिए भी यह चुनावी राजनीति में पिछली निर्दलीय भागीदारी के बाद एक राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव लड़ने का नया चरण होगा। वर्ष 2022 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने के बाद अब वे संगठित राजनीतिक मंच के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। आधिकारिक चुनाव रिकॉर्ड में उनका 2022 का निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में दर्ज होना इस राजनीतिक सफर का सत्यापित हिस्सा है।
फिलहाल नोएडा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2027 के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां आगे बढ़ रही हैं। ‘लोग पार्टी’ की ओर से सौरभ गोयल को प्रत्याशी घोषित किया जाना इसी क्रम में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अब पार्टी का जनसंपर्क अभियान कितना विस्तार लेता है और सौरभ गोयल अपनी राजनीतिक पहचान को किस तरह आगे बढ़ाते हैं, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।






