Eros Times: नोएडा। सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों में कुशल कामगारों का ना होना उत्पादकता और गुणवत्ता में कमी का प्रमुख कारण है जिससे छोटे उद्योगों द्वारा निर्मित उत्पाद की लागत बढ़ जाती है और प्रतिस्पर्धा में वैश्विक और घरेलू बाजार में छोटे उद्योग पिछड़ जाते हैं हमारी सरकार विभिन्न योजनाओं के द्वारा कामगारों के कौशल विकास के लिए कार्य करती रहती है इन योजनाओं का क्रियान्वयन भारतीय कौशल विकास निगम के द्वारा किया जाता हैअधिकतर छोटे उद्योगों में अकुशल कामगारों को भर्ती किया जाता है जो अनुभव के आधार पर मशीन ऑपरेटर बन जाते हैं इनके पास अपने अनुभव या प्रशिक्षण का कोई प्रमाण पत्र नहीं होता जिसके कारण यदि वे एक कारखाने से काम छोड़कर दूसरे में नौकरी को तलाश करते हैं तो पुनः उन्हें अकुशल कारीगर मानकर ही वेतन का भुगतान होता है दूसरी ओर क्योंकि इनका अनुभव केवल दूसरे कारीगरों को देखकर ही सीखने तक सीमित होता है अतः यह मशीन के बारे में पूर्ण जानकारी रखने में भी सक्षम नहीं होते हैं यदि इन ऑपरेटर को सूक्ष्म काल की ट्रेनिंग दे दी जाए तो यह अपनी कार्य क्षमता और किए गए कार्य की गुणवत्ता को बढ़ाने में सक्षम हो सकेंगे
आर. पी एल. कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे कामगारों की पूर्व शिक्षा को मान्यता का प्रमाण पत्र देना है यह देश का पहला कार्यक्रम है जो लघु उद्योग भारती और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के सहयोग से ग्रेटर नोएडा में ऑफसेट प्रिंटिंग प्रेस के ऑपरेटर लिए के आरंभ किया जा रहा है जिसमें लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष श्रीमान घनश्याम ओझा, अखिल भारतीय महासचिव ओम प्रकाश गुप्ता, उत्तर प्रदेश लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष मधुसूदन दादू, अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष जनक भाटिया, कौशल विकास आयाम की प्रमुख अंजू बजाज मीडिया प्रभारी मंजुला मिश्रा के साथ पूर्व संभाग अध्यक्ष प्रेम सिंह चौहान मंडल अध्यक्ष पवन सिंघल, गौतम बुध नगर जनपद अध्यक्ष लालबहादुर सिंह, नोएडा इकाई के अध्यक्ष अमित गोयल महामंत्री श्री अनुज, ग्रेटर नोएडा इकाई के महामंत्री सचिन जैन एवम उपाध्यक्ष अशोक जैन भी उपस्थिति रहे।
इस कार्यक्रम का संचालन कुशल पाल सिंह ने किया उन्होंने बताया कि लघु उद्योग भारती राष्ट्रीय स्तर पर एनएसडीसी का ट्रेनिग पार्टनर बना है इसके अंतर्गत ग्रेटर नोएडा में पहला ट्रेनिग सेंटर शुरू किया जा रहा है दस से पच्चीस कारीगरों का बैच बना कर सौ ऑपरेटरों को प्रशिक्षित किया जाएगा उसके बाद उनका टेस्ट कौशल विकास निगम के द्वारा नियुक्त किए गए आधिकारी लेंगे और उनको प्रमाण पत्र प्रदान किए जायेंगे जिसकी मान्यता सरकारी नौकरी के लिए भी होगी। कौशल विकास के उपरांत इन कारीगरों की कार्य क्षमता और गुणवत्ता बढ़ेगी उत्पादकता की लागत कम होगी जिसका सीधा लाभ उद्योगपति को मिलेगा इस प्रकार नियोक्ता और कामगार दोनो ही का हित होगा लघु उद्योग भारती प्रदेश और देश के अन्य भागों में भी इन्हें दोहराएगा साथ ही और वस्तुओं का निर्माण करने वाली मशीनों के ऑपरेटरों के लिए भी ट्रेनिंग का विस्तार होगा।






