श्रम मंत्री राज कुमार आनंद ने हरि नगर के श्रम कल्याण केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
श्रम मंत्री ने मैटरनिटी पेंशन विवाह व शिक्षा से संबंधी लंबित फाइलों की समीक्षा की, अधूरी कागजी कार्रवाई जल्द पूरा करने पर दिया जोर
जिन श्रमिकों की क्लेम राशि में किसी कारणवश देरी हुई है, उनकी क्लेम राशि एक सप्ताह के अंदर वितरित की जाएगी
श्रम मंत्री ने निर्माण श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना कर उन्हें आश्वास्त किया कि केजरीवाल सरकार उनकी समस्याओं को अनसुना नहीं करेगी
केजरीवाल सरकार सभी श्रमिकों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचने के लिए दिनरात काम कर रही है
Eros Times: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देशों का पालन करते हुए श्रम मंत्री राज कुमार आनंद ने शुक्रवार को हरि नगर स्थित श्रम कल्याण केंद्र का औचक निरीक्षण किया। साथ ही वहां मौजूद श्रमिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस मौके पर श्रम मंत्री ने श्रमिकों द्वारा बताई गई समस्याओं को हल करने के लिए विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द उचित कदम उठाने के दिशानिर्देश दिए। श्रम मंत्री राज कुमार आनंद ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार लगातार श्रमिकों के हितों के लिए काम कर रही है। सभी निर्माण श्रमिकों और मजदूरों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलें, यह सुनिश्चित करने के लिए कि उनकी समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान श्रम मंत्री राज कुमार आनंद को श्रमिकों ने अवगत कराया कि उनकी लंबित फाइलों की प्रोसेसिंग में कई बार देरी होती है, जिससे चलते उन्हें और उनके परिवार को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस पर श्रम मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से जिला श्रम कार्यालय में लंबित फाइलों की समीक्षा की। साथ ही देरी के पीछे के कारणों को समझने और उन्हें हल करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को सक्रियता से काम करने के लिए कहा। श्रम मंत्री ने समय पर श्रमिकों की फाइलों की प्रोसेसिंग करने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि फाइलों की प्रोसेसिंग में देरी के चलते सीधे तौर पर श्रमिकों की आजीविका और उनके समग्र कल्याण पर असर पड़ता है। ऐसे में लंबित मामलों में तेजी लाने और उनके समाधान के लिए एक समय सीमा निर्धारित करने की जरूरत है। श्रम मंत्री द्वारा विभाग के अधिकारियों को सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि सभी लंबित फाइलों को एक सप्ताह के अंदर निपटाया जाए, जिससे श्रमिकों की चिंता दूर हो सके।

इस दौरान श्रम मंत्री ने मातृत्व, पेंशन, विवाह और शिक्षा के क्लेम के मुद्दों के लिए श्रम कार्यालय जाने वाले निर्माण श्रमिकों से मुलाकात की। उनसे पूछा कि उनसे इस प्रक्रिया में किसी तरह की रिश्वत मांगी गई थी। हालांकि, मौजूद श्रमिक सरकार की सुविधाओं से संतुष्ट दिखें। उन्होंने अवगत कराया कि क्लेम की निष्पक्ष प्रक्रिया के चलते उन्हें एक पैसा भी खर्च नहीं करना पड़ा। श्रम मंत्री ने श्रमिकों को आश्वासन दिया कि जिनकी क्लेम राशि किसी कारणवश देरी हुई है, कल्याणकारी योजनाओं के तहत उनकी क्लेम राशि एक सप्ताह के अंदर वितरित की जाएगी। उन्होंने निर्माण श्रमिक कार्यबल द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को अनसुना नहीं किया जाएगा। श्रम मंत्री ने कहा कि मजदूरों के क्लेम के निपटारे में देरी बर्दास्त नहीं की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि केजरीवाल सरकार द्वारा कल्याणकारी योजनाओं के बारे ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि से ज्यादा से ज्यादा श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सके। नियमित निरीक्षण और समय पर हस्तक्षेप के माध्यम से श्रम मंत्री का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रमिकों के अधिकारों को बरकरार रखा जाए और उनकी शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए। साथ ही विभाग के अधिकारी सभी दस्तावेजों और कागजी कार्रवाई को जल्द पूरा कर और अधिक कुशलता से काम करने करें।






