प्रमोद की कलम से…
Eros Times: देशभर में राजकीय कामकाज की प्रमख भाषा अंग्रेजी से लगाव नहीं होते हुए भी इसे सीखने के लिए कक्षा-6 से ही कोशिश कर रहा हूं। रोजी-रोटी चलाने के लिए अंग्रेजी में लिखना-पढ़ना और बोलना भी आ गया। मगर, इस खूबसूरत भाषा की भाषिक संरचना और उच्चारण विज्ञान की बारीकियों से रूबरू होने का मौका तब मिला जब ब्रिटिश लिंग्वा के संस्थापक डाॅ बीरबल झा के संपर्क में आया। डाॅ झा से हास-परिहास में भी अंग्रेजी की कुछ ऐसी बारीकियां सीखने को मिली जो किसी ग्रामर की पुस्तक को पढ़कर नहीं सीख पाया था।
आज तक हम Go को गो और Toast को टोस्ट बोलते आए हैं। लेकिन उन्होंने बताया कि Go का सही उच्चारण गउ और Toast का टउस्ट होता है। इसी प्रकार, उन्होंने बताया कि Buy और Purchase में कितना बारीक फर्क है। गुड और वेल दोनों को हिंदी में अच्छा कहते हैं लेकिन इसके सूक्ष्म अंतर तो डॉ बीरबल झा ने बताया।
डाॅ बीरबल झा के भाषा-ज्ञान से प्रभावित होकर मैंने ब्रिटिश लिंग्वा ज्वाइन करके अंग्रेजी सीखने को मन बनाया। मगर, कामकाज से समय नहीं मिल पाने के कारण मैं ऑफलाइन क्लास करने से असमर्थ था। एक दिन अपनी विवशता मैंने उनके सामने जाहिर की। बस क्या था उन्होंने ऑनलाइन क्लास अटेंड करने की व्यवस्था कर दी। संयोग से देर रात में वर्चुअल क्लास का उनका एक ऐसा बैच चल रहा था, जिसमें बैंककर्मी से लेकर अन्य पेशा से जुड़े सभी पेशेवर लोग ही जुड़े थे और अंग्रेजी भाषा में अपनी दक्षता बढ़ा रहे थे।
मेरे लिए यह सुखद संयोग था। मैंने पेशेवर शिक्षार्थियों के इस समूह में शामिल होकर अपना ज्ञानवर्धन करने का फैसला लिया। रात के 9:30 बजे मैं उस बैच में शामिल होने लगा। डाॅ झा खुद क्लास लेते थे। क्लास के दौरान वह सभी शिक्षार्थियों को आपस में वार्तालाप करने और अंग्रेजी में बोलने की अपनी दक्षता बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। बीच-बीच में भाषागत अशुद्धियों की तरफ ध्यान भी आकृष्ट करते थे। मेरा यह अनुभव काफी रोमांचक एवं ज्ञानवर्द्धक रहा।
ग़ौरतलब है कि भाषा-विज्ञानी डाॅ बीरबल झा का बचपन अभाव और गरीबी में बीता। लेकिन उन्होंने अंग्रेजी भाषा में अपने ज्ञान और कौशल से न सिर्फ खुद को गरीबी के दुश्चक्र से निकाला बल्कि समाज के कमजोर वर्ग से आने वाले हजारों छात्रों का मार्गदर्शन कर उन्हें व्हाइट काॅलर जाॅब पाने में मदद की। ब्रिटिश लिंग्वा के माध्यम से वह लगातार अपने इस कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं ।






