दिसंबर’25 तक ‘सीइंग इज़ बिलीविंग’ अभियान के अंतर्गत 25 नए विज़न सेंटर खोले जाएँगे
Eros Times: दिल्ली/वृंदावन विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर डॉ. श्रॉफ़्स चैरिटी आई हॉस्पिटल, दरियागंज (एससीईएच) और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (एससीबी) ने 2003 में एससीबी द्वारा शुरू किए गए फ्लैगशिप आई केयर प्रोग्राम ‘सीइंग इज़ बिलीविंग (एसआईबी)’ के 20 साल पूरे होने की ख़ुशी मनाई। 2003 में लॉन्च किए गए इस कार्यक्रम ‘सीइंग इज बिलीविंग’ का उद्देश्य कम आय और ग्रामीण इलाक़ों में रहने वाले लोगों को किफ़ायती और गुणवत्तापूर्ण आई केयर प्रदान करना तथा अवॉयडेबल ब्लाइंडनेस की चुनौती से निपटना है।
डॉ. श्रॉफ़्स चैरिटी आई हॉस्पिटल ने पिछले 15 सालों में स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के ‘सीइंग इज़ बिलीविंग’ प्रोग्राम में गुणवत्तापूर्ण और किफायती आई केयर सेवाएं प्रदान करके अपना योगदान दिया है। विज़न सेंटर्स इस प्रोग्राम के अंतर्गत सबसे बड़े अभियानों में से एक हैं।
उत्तर भारत के टियर 2 इलाक़ों में डॉ. श्रॉफ़्स चैरिटी आई हॉस्पिटल ने लोगों की सेवा करने के लिए अब तक 71 विज़न सेंटर खोले हैं, जो इसके सेकेंडरी सेंटर्स के कैचमेंट एरिया में हैं। इनमें से लगभग 70% सेंटर्स को ‘सीइंग इज बिलीविंग’ अभियान द्वारा सहयोग मिल रहा है, जो समाज के वंचित वर्गों को किफ़ायती और गुणवत्तापूर्ण आई हेल्थकेयर सेवाएँ पहुँचाने में मदद करते हैं। विज़न सेंटर्स में पिछले एक साल में 2.5 लाख से ज़्यादा मरीज़ों की जाँच की जा चुकी है, जो इसके नेटवर्क में जाँच किए गये कुल मरीज़ों के एक तिहाई हैं। इसके अलावा, 25,000 से ज़्यादा मरीज़ों की विज़न रिस्टोरेशन सर्जरी की गई, जो पूरे नेटवर्क में हुई कुल सर्जरी का 42% है।
सीइंग इज़ बिलीविंग अभियान की मदद से, डॉ. श्रॉफ़्स चैरिटी आई हॉस्पिटल उत्तर प्रदेश में दिसंबर 2025 तक 25 नए विज़न सेंटर खोलने की योजना बना रहा है, ताकि ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों में दूर-दराज के इलाक़ों तक गुणवत्तापूर्ण आई केयर सेवाओं की पहुँच मिल सके। इनमें से 7 सेंटर खोले जा चुके हैं, और दो नए सेंटर्स का उद्घाटन विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर होगा। 3 अन्य विज़न सेंटर अक्टूबर 2023 के अंत तक शुरू कर दिये जाएँगे।
डॉ. श्रॉफ़्स चैरिटी आई हॉस्पिटल ने ‘सीइंग इज बिलीविंग’ प्रोग्राम के अंतर्गत वृंदावन के ब्रिज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएचआरसी) में सन् 2014 में एक आधुनिक आई केयर सुविधा की स्थापना की थी। इस सुविधा के शुरू होने के बाद से वृन्दावन सेंटर में लगभग 5,00,000 मरीज़ों की जाँच की जा चुकी है, और 40,000 से अधिक सर्जरी हो चुकी हैं। इस हॉस्पिटल में मोतियाबिंद से संबंधित सेवाओं के अलावा मथुरा में जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क या किफ़ायती मूल्य में सब-स्पेशल्टी आई केयर भी प्रदान की जाती है।
‘सीइंग इज बिलीविंग’ प्रोग्राम की मुख्य पहलों में से एक मिशन ज्योति (डोर-टू-डोर) कार्यक्रम है। इसके अंतर्गत डॉ. श्रॉफ़्स चैरिटी आई हॉस्पिटल द्वारा एससीबी के सहयोग से 3000 गांवों में 30 लाख से ज़्यादा लोगों की जांच की जा चुकी है। इस कार्यक्रम में दृष्टि बचाने के लिए 37,000 से ज़्यादा मोतियाबिंद की सर्जरी और 9000 सब-स्पेशल्टी आई सर्जरी की गई हैं, और लगभग 95,000 लोगों को रिफ़्रैक्शन के विकार के लिए चश्मा दिया गया है। इस साझेदारी द्वारा भारत के गाँवों में अवॉयडेबल ब्लाइंडनेस का भार कम करने, और लोगों को फिर से शिक्षा पाने में समर्थ बनाने में मदद मिली है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और समुदाय मजबूत बने हैं। इस साझेदारी ने गाँवों में सीधे ज़रूरतमंद लोगों तक पहुँच कर अवॉयडेबल ब्लाइंडनेस की समय पर पहचान करने और इलाज प्रदान करने समर्थ बनाया है।
डॉ. श्रॉफ़्स चैरिटी आई हॉस्पिटल, दरियागंज के सीईओ डॉ. उमंग माथुर ने कहा, “सीइंग इज़ बिलीविंग जैसे अभियान पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप की शक्ति और प्रभाव के उदाहरण हैं। इस तरह के अभियान अवॉयडेबल ब्लाइंडनेस की चुनौती का प्रभावशाली समाधान प्रदान कर सकते हैं। आज हम पूरे विश्व में नेत्रहीनता को रोकने और दृष्टि के नुक़सान से बचने के लिए स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक द्वारा किए गए प्रयास एवं उपलब्धियों की सराहना करते हैं। उनकी यह परंपरा आगे तक जाएगी।”
पब्लिक हेल्थ एंड प्रोजेक्ट्स (एससीईएच नेटवर्क) के डायरेक्टर, डॉ. शालिंदर सभरवाल ने कहा, “यूनिवर्सल आई हेल्थ एक प्रभावी प्राथमिक आई केयर कवरेज के बिना प्राप्त नहीं की जा सकती। हम स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के ‘सीइंग इज़ बिलीविंग’ अभियान के लिए उनके आभारी हैं। यह अभियान और भारत में इस तरह के अन्य संस्थान देश से नेत्रहीनता को समाप्त करने के हमारे मिशन में हमारा सहयोग कर रहे हैं।”
इस गठबंधन ने अवॉयडेबल ब्लाइंडनेस को समाप्त करने के लिए आई हेल्थ सेवाओं को मजबूत किया है। एससीईएच और एससीबी ने उत्तर भारत के अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाक़ों में आई-हेल्थ सेवाएं प्रदान करने के लिए आई केयर के मौजूदा चैनलों को मज़बूत करके और नये चैनल स्थापित करके दूर-दराज के इलाक़ों में सेवाएं पहुँचाने के लिए विभिन्न नीतियों की मदद से वंचित क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों को गुणवत्तापूर्ण आई केयर सेवाएं प्रदान की हैं। यह गठबंधन लगातार अपनी पहुंच और नेटवर्क का विस्तार कर रहा है।






