महिला एवं बाल विकास मंत्री आतिशी ने सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन की बर्खास्तगी का रखा था प्रस्ताव, लापरवाही बरतने वालों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सीएम ने की कार्रवाई
बच्चों की देखभाल और बेहतरी की दिशा में हमारी सरकार कोई समझौता नहीं करेगी, लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
बच्चों की देखभाल व सुरक्षा में सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन की भूमिका अहम, ऐसे में संबंधित व्यक्ति के गैर जिम्मेदाराना रवैए के गंभीर परिणाम हो सकते हैं
सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन के खिलाफ आई शिकायतों में बच्चों के प्रति कर्तव्य की उपेक्षा और कमिटी के सदस्यों व कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार शामिल है
बच्चों के अधिकारों की रक्षा में सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन की भूमिका बेहद संवेदनशील व महत्वपूर्ण है, ऐसे में कोई भी लापरवाही और दुर्व्यवहार अस्वीकार्य है
Eros Times: केजरीवाल सरकार चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के चेयरपर्सन को बर्खास्त करने का फैसला लिया है।अरविंद केजरीवाल ने सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन की बर्खास्तगी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री आतिशी की ओर से सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन की बर्खास्तगी का प्रस्ताव रखा गया था। जिस पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए ये कार्रवाई की। प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए सीएम ने कहा कि बच्चों की देखभाल, सुरक्षा और बेहतरी की दिशा में हमारी सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। ऐसे लापरवाही बरतने वाले अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की देखभाल व सुरक्षा में सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन की अहम भूमिका होती है। ऐसे में संबंधित व्यक्ति द्वारा गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन पर की गई कार्रवाई को लेकर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार में प्रशासन के भीतर अधिकारियों के लापरवाह व्यवहार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। उन्होंने कहा कि हमारी चाइल्ड वेलफेयर कमिटी देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता वाले बच्चों से जुड़े बेहद संवेदनशील मामलों पर काम करती हैं। यहाँ सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में संबंधित व्यक्ति द्वारा बच्चों की ज़रूरतों के प्रति किसी भी देरी या गैर-जिम्मेदाराना रवैया के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
वहीं, महिला एवं बाल विकास मंत्री आतिशी ने कहा कि पिछले कुछ समय में सीडब्ल्यूसी-IX के चेयरपर्सन के खिलाफ कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। जिनमें बच्चों से जुड़े गंभीर मामलों में निर्णय लेने में देरी, कर्मचारियों और समिति के सदस्यों के प्रति दुर्व्यवहार, अपने अधिकार का दुरुपयोग और समिति के सदस्यों की सहमति के बिना आदेश जारी करना जैसे शिकायतें शामिल है। इस बाबत सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन के ख़िलाफ़ आई शिकायतों पर जाँच बिठाई गई। जाँच रिपोर्ट की शिफ़ारिशों के आधार पर सरकार ने सीडब्ल्यूसी-9 के चेयरपर्सन को तत्काल उनके पद से हटाने का निर्णय लिया है।
डब्ल्यूसीडी मंत्री आतिशी ने कहा, “बच्चों के बेहतरी से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है। इसलिए ऐसे मामलों पर तुरंत संज्ञान लेते हुए सख़्त कारवाई की जा रही है ताकि एक संदेश भी जाए कि पदों पर बैठे लोग पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें। उनके द्वारा किसी भी तरह की ढिलाई या अपने पद का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उल्लेखनीय है कि चाइल्ड वेलफेयर कमिटी(सीडब्ल्यूसी)-9 के चेयरपर्सन के खिलाफ आई शिकायतों में साथी कर्मचारियों, कमिटी के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार व देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता वाले बच्चों की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में लापरवाह रवैये की शिकायतें शामिल है।






