EROS TIMES: विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी के छात्रों को इंर्टनशिप के महत्व को बताने और उद्योगों की अपेक्षाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए एमिटी विश्वविद्यालय के विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी डोमेन के कोरपोरेट रिर्सोस सेंटर द्वारा ‘‘साइ – कॉन 2025’’ इनोवेट एंड इटीग्रेटेड इंर्टनशिप पर दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ सन फार्मा के अनुसंधान एवं विकास के उपाध्यक्ष डॉ. कप्तान सिंह, एमिटी विश्वविद्यालय के विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी डोमेन की डीन प्रो सुनिता रतन, डायनोटेक इंस्ट्रमेंटस प्राइवेट लिमिटेड के मैेनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सुधीर के शर्मा और एमिटी विश्वविद्यालय के विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी डोमेन के कोरपोरेट रिर्सोस सेंटर की उप निदेशक मनप्रीत कौर द्वारा किया गया।
सन फार्मा के अनुसंधान एवं विकास के उपाध्यक्ष डॉ. कप्तान सिंह ने कहा कि अकादमिक सत्र के दौरान प्राप्त किया गया ज्ञान कम मात्रा में उद्योगों में उपयोग होता है इसलिए सदैव नये ज्ञान व कौशल को सीखने के लिए इच्छुक रहें। उन्होनें जेनेरिक दवा के संर्दभ में जानकारी देते हुए कहा कि जेनेरिक दवा, इनोवेटर ब्रांड दवा के बराबर होती है जिसमेें इनोवेटर्स ब्रांड दवा के समान सक्रिय फार्मास्युटिकल घटक होते है। डॉ. सिंह ने कहा कि इसमें इनोवेटर ब्रांड दवा के समान ही खुराक का रूप, शक्ति, प्रशासन का मार्ग, इच्छित उपयोग औषधीय प्रभाव और सुरक्षा है। इसके अतिरिक्त जेनेरिक दवा की जैव समतुल्यता इनोवेटर ब्रांड दवा के बराबर होती है और जेनेरिक दवा किफायती भी होती है। उन्होनें कहा कि आपको जिस क्षेत्र में भी इंर्टनशिप करना है उसकी जानकारी प्राप्त करें और उद्योगों की अपेक्षाओं के अनुसार स्वंय को तैयार करें। कई बार इंर्टनशिप के दौरान आपकी लगन और रूचि को देखकर कंपनिया आपसे प्रभावित हो जाती है और आपको रोजगार के अवसर प्राप्त हो जाते है।
एमिटी विश्वविद्यालय के विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी डोमेन की डीन प्रो सुनिता रतन ने कहा कि समर इंर्टनशिप कार्यक्रम, अकादमिक सत्र का एकीकृत भाग है जो छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करता है। इस कार्यक्रम के अंर्तगत हम उद्योगों और अकादमिक के मध्य रिक्त स्थान को कम करके छात्रों को सुनहरे भविष्य के द्वार खोलेगा। प्रो रतन ने कहा कि उद्योगों के प्रतिनिधियों की हमारे छात्रों के संर्दभ में प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस प्रकार के कार्यक्रम जहां छात्रों को सीखने के अवसर प्रदान करते है वही उद्योगों को प्रतिभावान कर्मचारी प्राप्त होते है। इंटर्नशिप छात्रों को अमूल्य ज्ञान और नेटवर्क भी प्रदान करती है।
डायनोटेक इंस्ट्रमेंटस प्राइवेट लिमिटेड के मैेनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सुधीर के शर्मा ने कहा कि डायनोटेक इंस्ट्रूमेंट्स में, हम दुनिया भर से सबसे उन्नत और नवीन प्रौद्योगिकियों को भारत के अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में लाने के लिए समर्पित हैं। गुणवत्ता आश्वासन के प्रति हमारा समर्पण नवाचार के प्रति हमारी प्रतिबद्धता से मेल खाता है। डॉ. शर्मा ने कहा कि डायनोटेक में हम नवनीतम प्रौद्योगिकियों के साथ कार्य करने वाले छात्रों को इंर्टनशिप के अवसर प्रदान करते है। आपका सकारात्मक दृष्टिकोण और सीखने की रूचि आपको सदैव विकास के मार्ग पर ले जायेगी।
एमिटी विश्वविद्यालय के विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी डोमेन के कोरपोरेट रिर्सोस सेंटर की उप निदेशक मनप्रीत कौर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम एक ऐसा मंत्र है जहां ज्ञान को प्रयोग करने और महत्वकांक्षा को अवसर प्राप्त होते है। उद्योग, छात्रों का हाथ थामे आगे बढ़ेगे औश्र उनके भविष्य निर्माण में सहायक बनेगे। आज के उद्योगों को किताबी ज्ञान से भरे मस्तिष्क की बजाय उन्हे नवाचार करने वाले, नेतृत्व करने वाले और समस्या का निवारण करने वालों की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के अंर्तगत ‘‘इंटर्नशिप फॉरेंसिक साइंसेज़ – करियर में प्रगति के लिए कौशल वृद्धि के अवसर’’ ‘‘भविष्य में करियर की प्रगति के लिए अनुप्रयुक्त विज्ञान और नैनो प्रौद्योगिकी में इंटर्नशिप के अवसर’’ और अंतर को पाटने के लिए शैक्षणिक से लेकर कार्यस्थल तक इंटर्नशिप विषय पर परिचर्चा सत्रों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ. वी के मोदी और एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ नैनोटेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ. ओ पी सिंन्हा उपस्थित थे।






