Eros Times: फरीदाबाद के टीएचएसटीआई कैंपस में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टीवल 2023 के समापन समारोह में आज एमिटी विश्वविद्यालय को जूरी स्पेशल मेंशन अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह अवार्ड डीबीटी के सचिव डा राजेश एस गोखले, एनआईएफ इंडिया के चेयरमैन डा पी एस गोयल व अन्य अतिथियो ंद्वारा प्रदान किया गया जिसे एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती और एमिटी गु्रप वाइस चासंलर डा गुरिंदर सिंह द्वारा प्राप्त किया गया।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए डीबीटी के सचिव डा राजेश एस गोखले ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टीवल 2023 के पिछले चार दिनों ने सभी में विज्ञान के प्रति नये जोश व उत्साह का संचार किया है। यह अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है जिसे हमने देखा है। यह एक ऐसी चीज है जिसके बारे मे ंहमेशा सोचा गया कि कि युवा पीढ़ी के लोगों को कैसे उत्साहित किया जाये जिससे वे विज्ञान की मशाल को आगे लेकर विकास की ओर बढ़े।
एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती ने इस अवार्ड को प्राप्त करते हुए कहा कि एमिटी सदैव युवाओं को अनुसंधान व नवाचार के लिए प्रेरित करके राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनता है। इंडिया इंटरनेशनल सांइस फेस्टीवल में एमिटी के वैज्ञानिकों एवं युवा शोधार्थियों ने अपनी तकनीक व नवचार उत्पादों को प्रदर्शन करके स्वंय की दक्षता को साबित किया है। इस प्रकार के अवार्ड सम्मान सदैव अनुसंधान व नवाचार के क्षेत्र में और अधिक कार्य करने के लिए हमें प्रेरित करेगा।
एमिटी गु्रप वाइस चासंलर डा गुरिंदर सिंह ने कहा कि एमिटी छात्रों के सर्वागीण विकास एवं देश के निर्माण में शिक्षा द्वारा सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। एमिटी शिक्षण समूह छात्रों के अंदर ना केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करता है बल्कि उन्हे शोध करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करता है।
विदित हो कि इंडिया इंटरनेशनल सांइस फेस्टीवल में एमिटी ने स्टॉल के माध्यम से अनुसंधान और नवाचार, पेेटेंट फाइलिंग और प्रौद्योगिकी हंस्तातरण में अपने हालिया विकास को प्रदर्शित किया जिसमें एमिटी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और शोधार्थियो द्वारा विकसित किये गये 50 से अधिक तकनीको, उत्पादों और छात्रों के प्रोजेक्टों को प्रदर्शित किया गया। जिसमें गैस सेंसर, सीवर के मैनहोल में कार्य करने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा हेतु विकसित किया गया सेंसर, सिल्वर नैनो आधारित पोर्टेबल वाटरप्यूरीफायर, मधुमेह के घाव भरने के लिए हाइड्रोजेल, एआई आधारित पुरूष प्रजनन क्षमता पूर्वानुमानक सॉफ्टवेयर, स्टार्टअप प्राजेक्ट दिव्य शक्ति, स्टूडेंट प्रोजेक्ट – मेडिसिन ड्रोन, दीवार पर चढ़ने वाला जासूस रोबोट आदि शामिल है। इस स्टॉल पर भारत भर से हजारो से अधिक आंगतुकों, वैज्ञानिकों और शोधार्थियों की उपस्थिति देखी गई और उन्होनें अनुसंधान पहलों और सहयोगों के संर्दभ में जानकारी हासिल की।
इस अवसर पर डीएसटी के सलाहाकार डा अखिलेश गुप्ता, विज्ञान भारती के सेक्रेटरी जनरल प्रो सुधीर भदौरिया, टीएचएसटीआई के डीन डा जयंता भट्टाचार्या, डीएसटी की संयुक्त सचिव (प्रशासन) श्रीमती ए धनलक्ष्मी और इंडिया इंटरनेशनल सांइस फेस्टीवल के चीफ कोआर्डीनेटर डा अरविंद सी रानाडे उपस्थित थे।






