EROS TIMES:नोएडा अनुसंधान और छात्र गतिशीलता के लिए सहयोग करेगें जॅार्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय और एमिटी शिक्षण समूह आपसी सहयोग की शैक्षणिक शोध संभावनाओं और छात्र गतिशीलता पर चर्चा करने के लिए और एमिटी विश्वविद्यालय द्वारा संचालित पाठयक्रम एवं शोध की जानकारी प्राप्त करने के लिए आज यूएसए के जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय के इंजिनियरिंग विभाग के डीन प्रो जॉन लैश ने एमिटी विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस अवसर पर एमिटी ग्रुप वाइस चांसलर डा गुरिंदर सिंह और एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती ने प्रो लैश का स्वागत किया।
यूएसए के जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय के इंजिनियरिंग विभाग के डीन प्रो जॉन लैश ने संबोधित करते हुए कहा कि युवा एमिटी विश्वविद्यालय ने इतने कम समय में शोध व अकादमिक क्षेत्रों में जो उपलब्धियां हासिल की है वह अत्यंत प्रभावशाली है। एमिटी द्वारा छात्रों के संपूर्ण विकास हेतु जो संस्थानों के मध्य आपसी सहयोग और शोध अंतः विषयक दृष्टिकोण को बढ़ाने के लिए प्रयास किये जा रहे है वो अतुलनीय है। उन्होनें कहा कि जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय लगभग 200 वर्ष पुराना विश्वविद्यालय है जहां विश्व के देशों से छात्र आते है। आज के मेरे भ्रमण का उददेश्य एमिटी के संबध में जानकारी प्राप्त करना और आपसी सहयोग की संभावनाओं को समझना है। उन्होने एमिटी द्वारा संचालित किये जा रहे एमिटी इनोवेशन इंक्यूबेटर और शोध कार्याे की तारीफ भी की और एमिटी के शोधकर्ताओं को जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय का दौरा करने का आमंत्रण भी दिया।

एमिटी ग्रुप वाइस चांसलर डा गुरिंदर सिंह ने कहा कि एमिटी विश्वविद्यालय के संर्दभ में प्रस्तुती देते हुए कहा कि एमिटी का उददेश्य छात्रों का वैश्विक नागरिक बनाना है जिससे वे पूरी मानवता के लिए कार्य कर सके। हम छात्रों को प्रतिभावान के साथ अच्छा इंसान बनाते है, हम तकनीक को व्यवसायिक करने के साथ मानवता के लिए कार्य भी करते है। छात्रों को अन्य देशों के संस्थानो ंमे ंजाकर उन्हे वैश्विक अनावरण भी प्रदान करते है। डा सिंह ने कहा कि हम जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय के साथ प्रबंधन और इंजिनियरिंग विशेष रूप से कंप्यूटर इंजिनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, एयरोस्पेस, एमएस बिजनस एनालिटिक्स, एमएस इन प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, एमएम इन इर्न्फोमेशन टेक्नोलॉजी सिस्टम में अकादमिक सहयोग के इच्छुक है। इसके अतिरिक्त एमिटी के न्यूयार्क कैंपस में ग्लोबल रिसर्च हब के निर्माण, डयूल डिग्री, जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय के छात्रों की इंडिया इर्मशन कार्यक्रम में भागीदारी, संयुक्त शोध, एमिटी के पीएचडी स्कॉलर के लिए जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय के पीएचडी गाइड और जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय द्वारा स्टडी अब्राड कार्यक्रम सहित जे वन वीजा की मेजबानी पर भी कार्य करना चाहते है। इस अवसर पर डा सिंह ने संयुक्त शोध, इंजिनियरिंग और प्रबंधन पर अकादमिक सहयोग और छात्रो की मोबिलीटी कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए दोनो संस्थानो ंके मध्य हो रही सहयोग प्रगति की विवेचना के लिए विशेषज्ञों का नाम प्रस्तावित करने की सलाह दी।
एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती ने कहा कि एमिटी विश्वविद्यालय द्वारा लगभग 400 रिसर्च प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा है और लगभग 1900 पेटेंट कराये जा चुके है। एमिटी में पर वैज्ञानिक, शोधार्थियों और छात्रों के शोध पर्यावरण का निर्माण करते है। हम आमजन, उद्योग और समाज की समस्या को प्रयोगशाला में लाकर उनका निवारण करते है और इसके उपरांत उन्हे समाधान प्रदान करते है। एमिटी छात्रों को शोध व अपना उद्यम प्रारंभ करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
इस अवसर पर यूएसए के जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय के इंजिनियरिंग विभाग के डीन प्रो जॉन लैश ने एमिटी विश्वविद्यालय की प्रयोगशालायें, पुस्तकालय और अन्य सुविधाओं का दौरा किया। कार्यक्रम में इंटरनेशनल अफेयर डिविजन के डिप्टी डायरेक्टर रियर एडमिरल आलोक भटनागर, एमिटी फांउडेशन फॉर साइंस टेक्नोलॉजी इनोवेशन एलांयस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा ए क सिंह और एमिटी स्कूल ऑफ इंजिनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के संयुक्त निदेशक डा मनोज पांडेय भी उपस्थित थे।






