नोएडा:EROS TIMES:आल नोएडा स्टूडेंट्स पेरेंट्स एसोसिएशन द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा पारित बिल के सम्बन्ध मे एक प्रेस वार्ता का आयोजन समिति के अध्य्क्ष यतेंद्र सिंह के निवासद्वारा पर आहूत हुई।
समिति के अध्यक्ष यतेंद्र सिंह ने बताया की उत्तर प्रदेश सरकार स्ववित्तपोषित सवतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियम ) विधेयक २०१७ नामक बिल विधानसभा मे लाना चाहती है और इस दावे के साथ लाना चाहती है कि यह बिल स्कूलों के फीस को नियंत्रित करेगा । लेकिन ऐसा नहीं है इस बिल को पढ़ने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार उत्तरप्रदेश के प्राइवेट स्कूलों को खुली लूट की सरकारी मान्यता प्रदान कर रही है, इस बिल का प्रारूप जो कि उत्तरप्रदेश सयुंक्त शिक्षा निर्देशालय की वेब साइट पर डाला गया है यह छात्र एव अभिभावक विरोधी बिल है।
जैसा की आल नोएडा स्कूल्स पेरेंट्स एसोसिएशन ने पूर्व मे ही अपना शक प्रेस के माध्यम से जाहिर किया था कि इस बिल के ड्राफ्ट के लिए जो कमेटी बनी थी वो शुरू से ही शक के घेरे मे थी क्योकि इस कमेटी मे कोई भी प्रतिनिधि अभिभावक या अभिभावक संघ कि तरफ से नही रखा गया था।
समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अतुल बन्धु ने कहा की यह बिल सरकार की तरफ से अभिभावकों के साथ किया गया एक मज़ाक प्रतीत होता है क्योकि इसमें स्कूलों के द्वारा करी गयी लूट को क़ानूनी मान्यता देने का प्रयास किया गया है अतः आल नोएडा स्कूल्स पेरेंट्स एसोसिएशन मांग करती है कि उक्त बिल की जो कमी है उन्हें दूर किया जाए और इस बिल को छात्रों और अभिभावकों के हित मे लागु किया जाए।
समिति के कोषध्यक्ष मनोज कटारिया ने बताया की हम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लाये बिल में कुछ संसोधन चाहते है जिससे अभिभावकों के हित का भी ध्यान रखा जा सके, हमारी कुछ मांगे है जो बिल मे होनी चाहिए जैसे :स्कूलों को मनमानी फीस वसूलने से रोका जाए ,स्कूल फीस की सीमा निश्चित की जाए ,स्कूलों मे पेरेंट्स टीचर्स एसोसिएशन का गठन पारदर्शी से हो ,स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों की संख्या ,उनकी नियुक्ति के तारीख और उनका वेतन स्कूल की वेबसाईट पर उपलब्ध हो, स्कूलों को दूसरी जगह नया स्कूल बनाने में फीस से प्राप्त अतिरिक्त धन के उपयोग को रोका जाये।






