दिल्ली:EROS TIMES:इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) एक नए मुद्दे को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। इस बार चैम्पियंस ट्रॉफी का फॉर्मेट दोनों के बीच टकराव की वजह बन गया है। आईसीसी अब इस टूर्नामेंट को वनडे की जगह टी-20 फॉर्मेट में कराना चाहती है। लेकिन बीसीसीआई इसे पहले की तरह वनडे फॉर्मेट में ही बरकरार रखना चाहता है।
ICC भारत से मेजबानी छिनना चाहता है क्रिकेट वर्ल्ड कप के बाद ICC के इस दूसरे सबसे फेमस टूर्नामेंट चैम्पियंस ट्रॉफी का अगला सीजन साल 2021 में होगा और इसकी मेजबानी भारत को मिली है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक इस फाइनेंशियल ईयर में सदस्य देशों के साथ रेवेन्यू शेयरिंग करने की वजह से आईसीसी को घाटा होने की आशंका है, जो कि अगले कुछ सालों में बढ़ भी सकता है।
इसी घाटे को कम करने के लिए आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी को टी20 फॉर्मेट में करवाना चाहता है। ताकि उसकी कमाई और भी बढ़ सके। माना जा रहा है कि ICC को इस मसले पर कुछ देशों के बोर्ड का समर्थन भी मिल गया है।
अब अगर फॉर्मेट को लेकर भी बात नहीं बनी तो क्रिकेट की सबसे बड़ी एजेंसी भारत से मेजबानी वापस लेने पर भी विचार कर सकती है।
और यह भी है ICC की नाराजगी की वजह, आईसीसी ने भारत में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए भारत सरकार से टैक्स में छूट मांगी थी, जो उसे दूसरे देशों में आसानी से मिल जाती है। लेकिन सरकार ने उसे ये छूट देने से इनकार कर दिया। इस वजह से वो पहले से ही बीसीसीआई से नाराज है।
इससे पहले रेवेन्यू शेयरिंग के मसले पर भी आईसीसी और बीसीसीआई के मतभेद रहे हैं। इसके लिए हुए वोटिंग में बीसीसीआई को हार मिली थी।
इसलिए भी इस वजह से नहीं मान रही बीसीसीआई, बीसीसीआई ने इसे टी20 फॉर्मेट में कराने से साफ इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि ये टूर्नामेंट उसके पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया का विजन था।
डालमिया ने इसे वनडे टूर्नामेंट के तौर पर शुरू किया था और भारत में यह वनडे टूर्नामेंट के तौर पर ही आयोजित होगा।
भारत में 2021 में जब ये टूर्नामेंट होगा तब डालमिया की पांचवीं डेथ एनिवर्सरी होगी। इसी वजह से फाइनल मैच की मेजबानी भी कोलकाता को दी गई थी। जो कि डालमिया की होम सिटी थी। बता दें कि डालमिया 1997 से 2000 तक आईसीसी के अध्यक्ष रहे थे।








