दिल्ली:EROS TIMES:दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने डीआईएमटीएस से रूट रैसनलाइजेशन और लास्ट माइल कनेक्टिविटी की स्टडी को मंजूरी दी इसमें सभी बस रूट्स (डीटीसी, क्लस्टर, ग्रामीण सेवा इत्यादि) की स्टडी शामिल हैइससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने में मदद मिलेगी
दिल्ली सरकार ने डेल्ही इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड (डीआईएमटीएस) से रूट रैसनलाइजेशन और लास्ट माइल कनेक्टिविटी की स्टडी संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में 19 दिसंबर, मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस कदम से सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को मजबूत किया जा सकेगा जिससे यात्रा संबंधी बढ़ती जरूरतों की पूर्ति में मदद मिलेगी। बसों, ग्रामीण सेवा और आरटीवी सेवाओं के ठीक से काम न करने की शिकायतों का समाधान करने में भी इससे मदद मिलेगी। बसों की कम आवाजाही, कम इलाकों में पहुंच, भीड़भाड़ इत्यादि की समस्याएं भी इससे सुलझ सकेंगी। इससे लोगों को भी सहूलियत होगी और सेवाएं भी बेहतर हो सकेंगी।
इस स्टडी और तैयार डाटाबेस से नीति निर्माताओं को लोगों की जरूरतें समझने में मदद मिलेगी। साथ ही इससे नई योजनाओं की शुरुआत करने में सहायता मिलेगी जिससे शहर की परिवहन प्रणाली मजबूत हो सकेगी।इस स्टडी में डीटीसी, क्लस्टर, आरटीवी, ग्रामीण सेवा और डीएमआरसी फीडर बस सिस्टम, चार्टर्ड बसों के सभी रूट्स को शामिल किया जाएगा। साथ ही इलेक्ट्रिक रिक्शा के संचालन का एक खाका भी इस स्टडी में शामिल होगा। डीआईएमटीएस स्टैंडर्ड बस, ग्रामीण सेवा, आरटीवी इत्यादि जैसे माध्यमों की प्लानिंग के अतिरिक्त प्रत्येक परिवार का ट्रैवल सर्वे भी करेगी। डीआईएमटीएस नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुड़गांव और बहादुरगढ़ से दिल्ली की आवाजाही को समझने के लिए वर्क प्लेस सर्वे भी करेगी। यह सर्वे छह महीने के भीतर पूरा किया जाएगा।






