नोएडा, 2026। स्वच्छता को जनभागीदारी और नागरिक जिम्मेदारी से जोड़ने के उद्देश्य से स्वच्छता ही सेवा–2026 अभियान के तहत नोएडा के सेक्टर-18 में विशेष स्वच्छता एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के रिफाइनरी मुख्यालय की ओर से आयोजित इस अभियान में 500 से अधिक नागरिकों, स्वयंसेवकों और विभिन्न संस्थाओं से जुड़े प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम को नोएडा प्राधिकरण, चेंज मेकर क्लब, एमिटी विश्वविद्यालय तथा वाईएसएस फाउंडेशन का सहयोग प्राप्त हुआ। अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता को केवल किसी विशेष दिन या अभियान तक सीमित रखने के बजाय इसे नागरिकों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना रहा।
इस वर्ष स्वच्छता ही सेवा अभियान का संदेश “स्वच्छता में सौभाग्य, स्वच्छ भारत–विकसित भारत” रखा गया है। इसी संदेश के अनुरूप सेक्टर-18 में आयोजित कार्यक्रम में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, जन-जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी को प्रमुखता दी गई।
30 मिनट में 1.6 टन से अधिक कचरा एकत्र
कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण 30 मिनट का विशेष त्वरित स्वच्छता अभियान रहा। इस अभियान में 500 से अधिक प्रतिभागियों, स्वयंसेवकों और विभिन्न टीमों ने सामूहिक रूप से सार्वजनिक क्षेत्र में स्वच्छता गतिविधियों को अंजाम दिया। आयोजकों के अनुसार, महज 30 मिनट के दौरान 1.6 टन से अधिक कचरा एकत्र किया गया।
इस गतिविधि के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि यदि नागरिक, सामाजिक संगठन, शैक्षणिक संस्थान और सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाएं एक साथ मिलकर काम करें तो सीमित समय में भी सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता को लेकर प्रभावी परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
स्वच्छता अभियान के दौरान प्रतिभागियों ने अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, कूड़े को निर्धारित स्थान पर डालने और कचरे का उचित प्रबंधन करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई।

कचरा पृथक्करण पर दिया गया विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान केवल सफाई करने पर ही ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि कचरे के उचित प्रबंधन और स्रोत पर ही उसके पृथक्करण को लेकर भी नागरिकों को जागरूक किया गया। प्रतिभागियों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा उसके उचित निस्तारण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
आयोजकों की ओर से बताया गया कि कचरे को शुरुआत से ही अलग करने की आदत विकसित होने से उसके प्रबंधन और निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से लोगों को दैनिक जीवन में कचरा पृथक्करण अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया। कलाकारों ने सरल एवं प्रभावी प्रस्तुति के माध्यम से कचरा पृथक्करण, स्वच्छता और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार का संदेश दिया। नुक्कड़ नाटक ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और स्वच्छता से जुड़े संदेश को आम नागरिकों तक सहज तरीके से पहुंचाने का काम किया।
जागरूकता पदयात्रा में भी दिखा उत्साह
स्वच्छता अभियान के साथ-साथ जागरूकता पदयात्रा का आयोजन भी किया गया। इसमें स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों ने स्वच्छता से जुड़े संदेशों के साथ लोगों को जागरूक किया। पदयात्रा के माध्यम से नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने आसपास के सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
प्रतिभागियों ने स्वच्छ एवं सुंदर नोएडा के निर्माण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि शहर की स्वच्छता केवल प्रशासन या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही स्वच्छता को स्थायी स्वरूप दिया जा सकता है।
इंडियन ऑयल टीम ने निभाई सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम के आयोजन और संचालन में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों एवं टीम सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की। इंडियन ऑयल टीम की ओर से श्री अमित कुमार बिमल, श्री रतीश और सुश्री असमे गोगोई सहित अन्य सदस्यों ने अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
कार्यक्रम में इंडियन ऑयल की टीम ने स्वयं स्वच्छता गतिविधियों में हिस्सा लेते हुए प्रतिभागियों को भी अभियान से जोड़ने का प्रयास किया। अधिकारियों और स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सामूहिक अभियान का स्वरूप दिया।
मुख्य अतिथि ने नागरिक भागीदारी को बताया महत्वपूर्ण
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री इंदु प्रकाश सिंह, विशेष कार्याधिकारी, नोएडा प्राधिकरण रहे। उन्होंने स्वच्छता को लगातार अपनाए जाने वाले सामाजिक व्यवहार के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें और अपने स्तर पर स्वच्छता बनाए रखने में योगदान दें। उनके अनुसार, स्वच्छ और बेहतर शहर के निर्माण के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता का प्रभाव केवल आसपास के वातावरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे शहर की समग्र कार्यप्रणाली, सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण और नागरिक जीवन की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
सामूहिक प्रयासों से स्थायी मॉडल बनाने पर जोर
चेंजमेकर्स क्लब एवं एमिटी यूनिवर्सिटी के समाज कार्य विभाग के प्रमुख डॉ. प्रशांत चौहान ने कहा कि स्वच्छता को स्थायी जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए सरकारी संस्थाओं, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि अभियान में 500 से अधिक लोगों की भागीदारी और केवल 30 मिनट में 1.6 टन से अधिक कचरे का संग्रह इस बात को दर्शाता है कि संगठित जनभागीदारी के माध्यम से स्थानीय स्तर पर प्रभावी स्वच्छता गतिविधियां संचालित की जा सकती हैं।
उन्होंने स्वच्छता अभियानों को नियमित नागरिक व्यवहार से जोड़ने और युवाओं एवं सामाजिक संगठनों की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
वाईएसएस फाउंडेशन ने दिया सक्रिय सहयोग
अभियान में वाईएसएस फाउंडेशन की टीम ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री सचिन गुप्ता के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने स्वच्छता गतिविधियों, कचरा संग्रहण, जन-जागरूकता और प्रतिभागियों को अभियान से जोड़ने में सहयोग किया।
वाईएसएस फाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम के सुचारु संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियान के दौरान विभिन्न टीमों के बीच समन्वय बनाए रखने और लोगों को स्वच्छता गतिविधियों में शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
कार्यक्रम की सफलता में योगदान देने वाले एबीसी वर्ल्ड हिंदी के पत्रकार मोहम्मद साजिद, डॉ. प्रशांत चौहान, संरक्षक श्री एन.के. अग्रवाल, करन ठाकुर, तुषार, नीति शुक्ला, सलीम बैरिन, वसीम लोहार, शीतल शर्मा, सोनू वर्मा, साद खान, चेंज मेकर क्लब के स्वयंसेवकों तथा अन्य सहयोगी स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया गया।
इसके साथ ही नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग को भी कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण बताया गया।

स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश
सेक्टर-18 में आयोजित इस अभियान के माध्यम से स्वच्छता को लेकर केवल प्रतीकात्मक गतिविधि करने के बजाय नागरिकों को व्यवहार में बदलाव लाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में इस बात पर जोर रहा कि सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने, कचरा निर्धारित स्थान पर डालने और गीले-सूखे कचरे को अलग करने जैसी छोटी-छोटी आदतें शहर की स्वच्छता व्यवस्था में बड़ा योगदान दे सकती हैं।
कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक रूप से यह संदेश दिया गया कि सहयोग, सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी के माध्यम से स्वच्छ भारत के संकल्प को मजबूत करते हुए विकसित भारत के निर्माण में योगदान दिया जा सकता है।
स्वच्छता ही सेवा–2026 के तहत आयोजित सेक्टर-18 का यह अभियान प्रशासन, सार्वजनिक क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की संयुक्त भागीदारी का उदाहरण रहा। 500 से अधिक लोगों की भागीदारी और 30 मिनट में 1.6 टन से अधिक कचरे के संग्रह ने अभियान को जनभागीदारी आधारित स्वच्छता गतिविधि के रूप में सामने रखा।
सहयोगी संस्थाएं
नोएडा प्राधिकरण | चेंज मेकर क्लब | एमिटी विश्वविद्यालय | वाईएसएस फाउंडेशन | इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड








