नोएडा। विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर नोएडा मीडिया क्लब द्वारा आयोजित पांचवीं वार्षिक फोटो प्रदर्शनी का आकर्षण दूसरे दिन भी बरकरार रहा। गुरुवार को नोएडा मीडिया क्लब की फोटो गैलरी में शहर के गणमान्य नागरिकों, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों, पत्रकारों और बड़ी संख्या में शहरवासियों का पहुंचना जारी रहा। प्रदर्शनी में लगाई गई तस्वीरों ने न केवल दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा, बल्कि कैमरे के जरिए समाज, संस्कृति, जनजीवन और मानवीय संवेदनाओं को देखने का एक अलग नजरिया भी प्रस्तुत किया।
फोटो गैलरी में फोटो पत्रकारिता, डॉक्यूमेंट्री फोटोग्राफी और स्ट्रीट फोटोग्राफी से जुड़ी चुनिंदा तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। इन तस्वीरों में देश और समाज के अलग-अलग पहलुओं की झलक देखने को मिली। कहीं तस्वीरों में सामाजिक सरोकार दिखाई दिए तो कहीं आम आदमी की जिंदगी के संघर्ष, खुशी, भावनाएं और रोजमर्रा के जीवन के जीवंत पल कैमरे में कैद नजर आए। प्राकृतिक सौंदर्य, संस्कृति, सामाजिक गतिविधियों और विभिन्न घटनाओं को तस्वीरों के माध्यम से जिस संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया, उसने आगंतुकों को लंबे समय तक तस्वीरों के सामने रुकने के लिए मजबूर किया।
नोएडा मीडिया क्लब की ओर से प्रत्येक वर्ष विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर इस फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य फोटो पत्रकारों की मेहनत, प्रतिभा और रचनात्मकता को एक प्रभावी मंच प्रदान करना है। फोटो पत्रकारिता केवल किसी घटना की तस्वीर लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि कई बार एक तस्वीर हजारों शब्दों से ज्यादा प्रभावी ढंग से किसी घटना की पूरी कहानी बयां करती है। इसी सोच को प्रदर्शनी में प्रदर्शित तस्वीरों के माध्यम से सामने लाने का प्रयास किया गया है।
इस वर्ष आयोजित पांचवीं वार्षिक फोटो प्रदर्शनी में दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े फोटो जर्नलिस्टों की चुनिंदा तस्वीरों को स्थान दिया गया है। तस्वीरों में अलग-अलग विषयों और परिस्थितियों का समावेश किया गया है। समाज के विभिन्न वर्गों से लेकर संस्कृति, पर्यावरण, प्राकृतिक दृश्यों, सार्वजनिक जीवन और महत्वपूर्ण घटनाओं तक, प्रदर्शनी में फोटोग्राफी के विविध रंग देखने को मिल रहे हैं।
गुरुवार को एमिटी यूनिवर्सिटी की वाइस प्रेसिडेंट कम्युनिकेशन डॉ. सविता मेहता भी नोएडा मीडिया क्लब की फोटो गैलरी पहुंचीं। उन्होंने प्रदर्शनी में प्रदर्शित विभिन्न तस्वीरों को ध्यानपूर्वक देखा और फोटो पत्रकारों की कला की सराहना की। उन्होंने कहा कि तस्वीरों के माध्यम से किसी घटना, व्यक्ति या समाज के भावनात्मक पक्ष को जिस तरह प्रस्तुत किया जाता है, वह अपने आप में बेहद प्रभावशाली होता है। प्रदर्शनी में शामिल तस्वीरों में फोटो जर्नलिस्टों की मेहनत और घटनाओं को अलग नजरिए से देखने की क्षमता दिखाई देती है।
डॉ. सविता मेहता ने फोटो पत्रकारिता से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए प्रदर्शनी को रचनात्मक और प्रभावशाली पहल बताया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में तस्वीरों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। एक अच्छी तस्वीर तत्काल लोगों का ध्यान आकर्षित करने के साथ-साथ किसी मुद्दे को व्यापक स्तर पर समझने में भी मदद करती है।
इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) के जिलाध्यक्ष चौधरी महेश सिंह तंवर भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ फोटो गैलरी पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनी में लगी तस्वीरों का अवलोकन किया और फोटो पत्रकारों द्वारा किए जा रहे कार्य की सराहना की। उन्होंने तस्वीरों के माध्यम से समाज के विभिन्न पहलुओं को सामने लाने के प्रयास को महत्वपूर्ण बताया।

चौधरी महेश सिंह तंवर के साथ संगठन के कई कार्यकर्ता और शहर के अन्य गणमान्य नागरिक भी प्रदर्शनी देखने पहुंचे। आगंतुकों ने विभिन्न तस्वीरों के बारे में जानकारी ली और फोटो पत्रकारों से उनके अनुभवों को भी जाना। कई तस्वीरों को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा होती रही। लोगों ने कहा कि तस्वीरों में केवल दृश्य नहीं बल्कि उससे जुड़ी कहानी और भावनाएं भी दिखाई देती हैं।
प्रदर्शनी के दौरान वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट संजीव रस्तोगी, सुशील कुमार, इम्तियाज खान, नीरज कुमार, इम्तियाज अली, के. आसिफ सहित अन्य फोटो पत्रकार भी मौजूद रहे। वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्टों की मौजूदगी में फोटोग्राफी और फोटो पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान बदलती तकनीक, डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, मोबाइल फोटोग्राफी, फोटो पत्रकारिता की चुनौतियों और एक अच्छी तस्वीर के पीछे की मेहनत जैसे विषयों पर भी विचार साझा किए गए।
वरिष्ठ फोटो पत्रकारों ने बताया कि किसी महत्वपूर्ण घटना को कैमरे में कैद करने के लिए केवल तकनीकी जानकारी पर्याप्त नहीं होती। फोटो जर्नलिस्ट को घटनास्थल की परिस्थितियों, लोगों की भावनाओं और उस पल की गंभीरता को समझना भी जरूरी होता है। कई बार फोटो जर्नलिस्ट को एक खास तस्वीर हासिल करने के लिए कठिन परिस्थितियों के बीच काम करना पड़ता है। ऐसे में उनके कैमरे से निकली तस्वीरें इतिहास और समाज के महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में सामने आती हैं।
नोएडा मीडिया क्लब की पांचवीं वार्षिक फोटो प्रदर्शनी इसी दृष्टिकोण को मजबूत करती दिखाई दे रही है। प्रदर्शनी में शामिल तस्वीरें यह बताती हैं कि फोटोग्राफी केवल कला नहीं बल्कि समाज को देखने और समझने का एक माध्यम भी है। एक ओर जहां तस्वीरें दर्शकों को सुंदर दृश्यों से रूबरू कराती हैं, वहीं दूसरी ओर कई तस्वीरें समाज की जमीनी हकीकत और लोगों के जीवन से जुड़े सवाल भी सामने रखती हैं।
विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर आयोजित यह प्रदर्शनी फोटो पत्रकारों और फोटोग्राफी से जुड़े लोगों के लिए संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच भी बन रही है। खास तौर पर युवा फोटोग्राफरों और फोटोग्राफी में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यहां वरिष्ठ फोटो पत्रकारों के अनुभवों से सीखने का अवसर मिल रहा है।
नोएडा मीडिया क्लब का यह आयोजन इस बात को रेखांकित करता है कि तेजी से बदलते डिजिटल और सोशल मीडिया के दौर में भी एक संवेदनशील और प्रभावशाली तस्वीर की अपनी अलग ताकत है। कैमरे में कैद किया गया एक पल कई बार पूरे दौर की कहानी कह देता है। यही वजह है कि प्रदर्शनी में प्रदर्शित तस्वीरों को देखने के लिए दूसरे दिन भी लोगों की रुचि बनी रही।
फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से नोएडा मीडिया क्लब ने एक बार फिर फोटो पत्रकारों की रचनात्मकता और उनके काम को सम्मान देने का प्रयास किया है। तस्वीरों के जरिए समाज के अलग-अलग रंगों को एक ही मंच पर प्रस्तुत करने वाली यह प्रदर्शनी न केवल फोटोग्राफी प्रेमियों बल्कि आम शहरवासियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। कैमरे में कैद इन कहानियों ने दर्शकों को सोचने, महसूस करने और अपने आसपास की दुनिया को एक नए नजरिए से देखने का अवसर दिया।





