NPS के जरिए कर्मचारियों को मिलेगी लंबी अवधि की वित्तीय सुरक्षा, फाइनेंशियल प्लानिंग और वेल्थ क्रिएशन को बढ़ावा देने पर जोर
नोएडा। भारत के बिजनेस सेक्टर में सोशल सिक्योरिटी और कर्मचारियों की दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में कॉन्फेडरेशन ऑफ वुमन एंटरप्रेन्योर्स ऑफ इंडिया (COWE India) ने एक महत्वपूर्ण देशव्यापी पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज यानी MSME सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों को व्यवस्थित और लंबे समय तक चलने वाली रिटायरमेंट प्लानिंग से जोड़ना है।
इस पहल के तहत MSME कर्मचारियों के बीच नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। COWE इंडिया ने प्रमुख वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर तथा पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) के सहयोग से इस अभियान को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। पहल का उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्यमों में काम करने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद की आर्थिक जरूरतों के लिए अभी से तैयार करना और उन्हें एक सुरक्षित तथा रेगुलेटेड पेंशन व्यवस्था से जोड़ना है।
आयोजकों का कहना है कि MSME सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बड़ी संख्या में लोग छोटे और मध्यम उद्यमों में काम करते हैं, लेकिन कई कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट प्लानिंग और सोशल सिक्योरिटी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होती। ऐसे में NPS जैसी व्यवस्थित पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों को भविष्य के लिए आर्थिक रूप से तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
COWE इंडिया की नेशनल सेक्रेटरी मीतू पुरी ने कहा कि मजबूत और टिकाऊ बिजनेस बनाने के लिए कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके भविष्य और रिटायरमेंट की आर्थिक सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। MSME कर्मचारियों को NPS से जोड़ने की यह पहल कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी लंबे समय में वित्तीय स्थिरता प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि जब किसी कर्मचारी को यह भरोसा होता है कि उसके भविष्य के लिए भी वित्तीय योजना बनाई जा रही है, तो उसके भीतर संगठन के प्रति विश्वास और जुड़ाव मजबूत होता है। इससे कर्मचारियों की उत्पादकता और कार्यस्थल पर लंबे समय तक बने रहने की संभावना भी बढ़ सकती है।
COWE उत्तर प्रदेश की प्रेसिडेंट रिया रहेजा ने कहा कि मजबूत बिजनेस की नींव केवल मुनाफे पर नहीं, बल्कि कर्मचारियों की सुरक्षा और उनके भविष्य पर भी टिकी होती है। उन्होंने कहा कि MSME कर्मचारियों के लिए NPS की सुविधा उपलब्ध कराने से उत्तर प्रदेश के लाखों परिवारों को लंबे समय में वित्तीय स्वतंत्रता और सुरक्षा की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि छोटे कारोबारियों के लिए अपने कर्मचारियों को बेहतर सोशल सिक्योरिटी उपलब्ध कराना आज के समय की महत्वपूर्ण जरूरत है। कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने से न केवल उनके परिवारों का भविष्य बेहतर होगा, बल्कि कंपनियों और कर्मचारियों के बीच विश्वास का रिश्ता भी मजबूत होगा।
इस मौके पर पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) के डीजीएम ने कहा कि COWE जैसे इंडस्ट्री संगठनों के साथ साझेदारी के जरिए पेंशन कवरेज को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल यह सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है कि MSME सेक्टर में काम करने वाले अधिक से अधिक कर्मचारियों को सुरक्षित, रेगुलेटेड और टिकाऊ रिटायरमेंट प्लान उपलब्ध हो सके।
पहल के तहत MSME उद्यमियों और कर्मचारियों को रिटायरमेंट प्लानिंग, पेंशन सिस्टम और वित्तीय सुरक्षा से जुड़े विकल्पों के बारे में जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, ताकि कर्मचारी अपने भविष्य के लिए उपलब्ध विकल्पों को समझ सकें और सही वित्तीय निर्णय ले सकें।
COWE इंडिया का मानना है कि कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने से वर्कफोर्स की स्थिरता में भी सुधार हो सकता है। खासतौर पर महिला उद्यमियों के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि वे अपने संस्थानों में कर्मचारियों के कल्याण और लंबे समय तक कर्मचारी बनाए रखने की दिशा में बेहतर नीतियां लागू कर सकती हैं।
आयोजकों के अनुसार, इस पहल के माध्यम से फाइनेंशियल सिक्योरिटी, रिटायरमेंट प्लानिंग और वेल्थ क्रिएशन को MSME सेक्टर के कर्मचारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसका व्यापक उद्देश्य कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर रहने की स्थिति से बचाना और उन्हें अपने भविष्य के लिए समय रहते वित्तीय योजना बनाने के लिए प्रेरित करना है।
यह पहल ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब देश में MSME सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है और बड़ी संख्या में नए रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। रोजगार के साथ-साथ कर्मचारियों को सोशल सिक्योरिटी और रिटायरमेंट बेनिफिट उपलब्ध कराना आने वाले समय में कारोबारों के लिए भी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बनता जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान फेलिक्स हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. डी. के. गुप्ता भी मौजूद रहे। उनके साथ COWE उत्तर प्रदेश की मैनेजमेंट कमिटी की स्तुति रहेजा, शिखा घई, श्वेता शर्मा, अनुराधा भाटिया सहित अन्य महिला उद्यमी और पदाधिकारी उपस्थित रहीं।
COWE इंडिया की इस पहल को MSME सेक्टर के कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। संगठन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक MSME उद्यमी अपने कर्मचारियों को रिटायरमेंट प्लानिंग से जोड़ें और उन्हें भविष्य के लिए वित्तीय रूप से मजबूत बनाने में सहयोग करें।
कुल मिलाकर, NPS को MSME सेक्टर तक पहुंचाने की यह पहल कर्मचारियों के वर्तमान के साथ-साथ उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इससे जहां कर्मचारियों और उनके परिवारों को दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा का आधार मिल सकता है, वहीं MSME संस्थानों में कर्मचारी कल्याण, वित्तीय जागरूकता और स्थायी रोजगार संस्कृति को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।





