Eros Times: गाजीपुर जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन अरुण सिंह ने अपने आवास सुभाष नगर राजपूत हवेली पर आए हुए समस्या ग्रस्त लोगों की समस्या एवं पीड़ित लोगों की पीड़ा जनता दरबार में सुनकर संबंधित थानों एवं विभागों में बात करके समाधान किया। सर्वाधिक समस्या पुलिस विभाग से संबंधित तो कुछ राजस्व विभाग से संबंधित थे। एक रिटायर अध्यापक बैंक से ₹100000 उतार कर अपने डिग्गी में रखकर पेशाब करने चले गए ।
इसी बीच दो महिलाएं आकर डिग्गी तोड़कर पैसा लेकर चलती बनी ।सीसी फुटेज में साफ-साफ दिखाई दे रहा है। मगर पुलिस की जांच में अभी तक कोई सफलता नहीं मिली। नन्दगंज थाने के ग्राम कटघरा पंचायत भवन में चोरी करके सभी सरकारी सामान चोरों द्वारा उड़ा दिया गया लेकिन थाने में एफ आई आर दर्ज नहीं की जा रही।
करण्डा ब्लॉक के राजनाथ पाल ग्राम विकास अधिकारी की पिटाई करने वाले अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं ,जबकि घटना में एफआईआर 26 मार्च को दर्ज हुआ। इस समय भी अपराधी फरार है लेकिन कुछ लोग करण्डा ब्लॉक के सरकारी धन लूटने की गणित में लगे हुए हैं । उदाहरण है कि इसके पहले भी खण्ड विकास अधिकारी अनिल श्रीवास्तव के ऊपर प्राणघातक हमला करवाने वाला गैंगस्टर अपराधी ब्लाक प्रमुख फरार हो करके भी 40 लाख रुपए का फर्जी भुगतान करवा लिया । जिला प्रशासन द्वारा जांच बैठा कर जांच की कार्रवाई प्रारंभ की गई लेकिन जांच अधिकारी द्वारा लीपापोती करके मामले को दबा दिया । गैंगस्टर अपराधी ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई ,खण्ड विकास अधिकारी के ऊपर किए गए प्राणघातक हमले में नहीं की गई, इसका नतीजा रहा कि ग्राम विकास अधिकारी राजनाथ पाल को उसके घर से असलहे के बल पर जबरदस्ती अपहरण करके ,मारपीट करके फर्जी भुगतान न करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पहले खंड विकास अधिकारी के ऊपर प्राणघातक हमला करने में जेल जाने वाला गैंगस्टर ब्लाक प्रमुख का भाई इस घटना में भी वीभत्स रूप दिखाकर घटना कारित करके अभी तक फरार है।
यह है गाजीपुर की कानून व्यवस्था।
राजस्व विभाग के मामलों में प्रमुख रूप से ग्राम कटैला सदर ब्लाक के ग्राम प्रधान एवं गांव के लोगों द्वारा शिकायत की गई कि गांव के कुछ दबंग खलिहान एवं बंजर जमीन को बरसों से कब्जा करके घर मकान बना रहे , और गांव के रास्ते को बार-बार काट कर फेंक कर अवरोध पैदा कर रहे हैं ,तहसीलदार द्वारा जांच का आदेश करके , खानापूर्ति करके मामले को दबा दिया गया अभी तक कोई कार्यवाही ना होने से ग्रामवासी अब मुख्यमंत्री के जनता दरबार में जाने के लिए विवश हो चुके हैं। तहसीलदार सदर को फोन भी किया दो बार, लेकिन उनका फोन उठा तक नहीं।
इन सभी समस्याओं के साथ कई और ज्वलंत समस्याओं को शीघ्र निस्तारित करवाने हेतु जिला प्रशासन से एक प्रतिनिधिमंडल सर्वदलीय संघर्ष समिति का मिलेगा। इस बाबत जल्द ही एक सर्वदलीय संघर्ष समिति की बैठक आहूत की जाएगी।






