Eros Times: नोएडा छोटे उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को औद्योगिक भूखंडों की ई-नीलामी से नुकसान उठाना पड़ रहा था। इस प्रक्रिया में डेवलपर, फाइनेंसर और प्रॉपर्टी डीलरों का दखल बढ़ गया था। वास्तविक उद्यमी इसका खामियाजा भुगत रहे थे।
एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नाहटा ने बताया कि उनकी संस्था काफी समय से ई-नीलामी का फैसला वापस लिए जाने की मांग उठा रही थी। ई-नीलामी से महंगे दाम पर भूखंड खरीदकर नया उद्योग लगा पाना आसान नहीं है। ई-नीलामी का फैसला वापस लिए जाने का हम स्वागत करते हैं लेकिन प्राधिकरणों को भूखंड आवंटन के नियमों को पारदर्शी और सख्त बनाना होगा। आवंटन के एक से दो साल के अंदर इकाई को क्रियाशील करने और आवंटन के समय से दस साल तक भूखंड बेचने पर पाबंदी लगाई जानी चाहिए। इससे फाइनेंसर और प्रॉपर्टी डीलरों पर अंकुश लगाया जा सकेगा और निवेश को बढ़ावा दिया जा सकेगा।
उत्पादन,रोजगार,राजस्व में निश्चित तौर से बढ़ोतरी होगी ! देश के उद्यमियों के सामने एक बहुत बड़ा लक्ष्य है कि चीन को चुनौती और वो तभी संभव है कि उसे काम कीमत पर औद्योगिक भूखंड मिले और आधार भूत ढांचा मजबूत हो और मूल भूत सुविधाऐं उपलब्ध हो ! सरकार द्वारा ई ऑक्शन खत्म किए जाने जैसे फैसले से उद्यमियों में उत्साह की लहर दौड़ी है और उद्योगों के हित में सरकार और भी फैसले लेगी ऐसा विश्वास जगा है। एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन नोएडा सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए सरकार को बहुत बहुत धन्यवाद प्रेषित करती है !






