नई दिल्ली। भारत मण्डपम में 10 जनवरी 2026 से शुरू हो रहे विश्व पुस्तक मेले में इस वर्ष प्रभात प्रकाशन पाठकों के लिए ज्ञान, साहित्य, इतिहास, समसामयिक विषयों और आत्मविकास से जुड़ी पुस्तकों का एक विशाल और आकर्षक संग्रह लेकर आ रहा है।
प्रभात प्रकाशन के डायरेक्टर पीयूष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार प्रकाशन का दायरा पहले से कहीं अधिक व्यापक रखा गया है, ताकि हर वर्ग और आयु के पाठक अपनी रुचि की पुस्तक पा सकें।
उन्होंने कहा कि प्रभात प्रकाशन का स्टॉल फिक्शन, नॉन-फिक्शन, आत्मकथा, इतिहास, राजनीति, आध्यात्म, प्रतियोगी परीक्षाओं, मीडिया, निवेश और जीवन प्रबंधन जैसे विविध विषयों को समेटे हुए होगा।
इन पुस्तकों से रूबरू होंगे पाठक
विश्व पुस्तक मेले में प्रभात प्रकाशन के स्टॉल पर जिन प्रमुख पुस्तकों को पाठकों के लिए प्रस्तुत किया जाएगा, उनमें शामिल हैं—
द फिक्शनल मैन, बचपन और स्कूल की मीठी-मीठी कहानियाँ, बिंदु का दायरा, फेस रीडिंग, हंटर इज द प्री, हीलिंग थ्रू विजडम, द प्राइम्ड लाइफ, एसएससी-यूपीएससी, फ्रॉम किचन काउंटर टू डिजिटल एंपायर, डिस्कंस्ट्रक्टिंग द कंस्ट्रक्शन, मोह-मोह के धागे, प्राचीन भारत का समृद्ध ज्ञान-विज्ञान, प्यार के इस खेल में, हिंदी साहित्य के विवाद-संवाद, शतवर्षीय संघ, गरदा उड़ गईल, अटल संस्मरण, गतिमान उत्तर प्रदेश, स्विंग ट्रेडिंग, मांझीनामा, असुर पुराण, न्यूज़ एंकरिंग, चक्र, तय करें अपना ऑर्बिट, हाशिए के लोग, सियासत की दास्तान, जंजीरों में लोकतंत्र, अपमानित राष्ट्र, ज़िंदगी का सफ़र, वनबंधु नरेंद्र मोदी, श्री हनुमान चालीसा, शिवयोग की राह पर, अपराजिता और द आई जैसी चर्चित पुस्तकें शामिल हैं।
हर पाठक के लिए कुछ खास
प्रभात प्रकाशन का उद्देश्य केवल किताबें प्रकाशित करना ही नहीं, बल्कि समाज, विचार और चेतना को दिशा देना है। यही वजह है कि उनके प्रकाशन में जहां एक ओर गंभीर शोध और वैचारिक पुस्तकें हैं, वहीं दूसरी ओर युवाओं और बच्चों के लिए प्रेरक, रोचक और व्यावहारिक सामग्री भी उपलब्ध है।
विश्व पुस्तक मेले में आने वाले पाठकों के लिए प्रभात प्रकाशन का स्टॉल ज्ञान, विचार और साहित्य की एक समृद्ध यात्रा का अनुभव कराएगा।






