केन्द्र और राज्य की कृषि मंत्रियों की संयुक्त बैठक में पराली जलाने के मामलों को कम करने का अनुरोध
विकास मंत्री गोपाल राय ने आज पराली के प्रबंधन को लेकर वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के द्वारा अंतर-मंत्रालयी बैठक में भाग लिया
दिल्ली के 5 जिलों में किसानो के लिए 50 कृषि मशीनरी के प्रदर्शनी एवं 50 पराली प्रबन्धन हेतु प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा
दिल्ली सरकार इस साल पांच हजार एकड़ से अधिक खेतों में निःशुल्क बायो डी-कंपोजर का छिड़काव कराएगी
पिछले तीन वर्षो से केजरीवाल सरकार द्वारा किया जा रहा है पराली प्रबंधन हेतु बायोडिकम्पोजर का छिड़काव
Eros Times: वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के द्वारा केन्द्र और राज्य के कृषि मंत्रियों की संयुक्त बैठक में दिल्ली के विकास मंत्री गोपाल राय ने पराली जलाने के मामलों को कम करने का अनुरोध किया। बैठक में पराली प्रबंधन हेतु विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई | विकास मंत्री गोपाल राय ने बताया की दिल्ली में ठंड के मौसम में बढ़ने वाले प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए केजरीवाल सरकार हर साल विभिन्न बिन्दुओ पर आधारित विंटर एक्शन प्लान बनाती है। ऐसे में ठंड के मौसम के दौरान पराली जलाना भी प्रदूषण को बढ़ाने में एक एहम भूमिका निभाता है। इस समस्या पर समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें इसलिए हमारी सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष धान के खेतो में पूसा बायो डी-कंपोजर का निः शुल्क छिड़काव किया जाता है | जिसका बहुत ही सकारात्मक परिणाम रहा है। इससे पराली गल गई और खेत की उपजाऊ क्षमता में भी बढ़ोतरी देखी गई। लेकिन यह देखा गया है की हमारे पड़ोसी राज्यों से भी पराली जलाने के काफी मामले सामने आते है , जिसके कारण ठण्ड के मौसम में दिल्ली के अंदर प्रदुषण की समस्या काफी हद तक बढ़ जाती है |
विकास मंत्री गोपाल राय ने बताया कि सर्दियों के मौसम में केजरीवाल सरकार द्वारा लागू किए गए विंटर एक्शन प्लान के परिणामस्वरूप दिल्ली में पीएम 10 और पीएम 2.5 की मौजूदगी में लगातार गिरावट दर्ज की गई है | दिल्ली के एक्यूआई में सबसे खतरनाक श्रेणी के दिनों की संख्या में 2016 से 2022 के बीच गिरावट दर्ज की गई है , जो की 2016 में जहाँ 26 थी अब वह 2022 में घटकर केवल 6 रह गई है | यह दर्शाता है कि दिल्ली के अंदर जो लगातार कदम उठाए जा रहे हैं, उससे पिछले 8 सालो में प्रदुषण स्तरमें 30 प्रतिशत की कमी आई है |

उन्होंने बताया की बैठक के दौरान माननीय मंत्रियो एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियो के साथ किसानो की एक और महत्वपूर्ण समस्या पर चर्चा की गई | यह देखा गया है की किसानों के सामने एक समस्या यह भी रहती है कि धान की फसल की कटाई और गेहूं की बुवाई के बीच में समय अंतराल कम होता है। इसलिए विभिन्न राज्य सरकारों को यह सलाह दी गई की वह समय रहते पूसा बायो डी-कंपोजर का छिड़काव करे, ताकि सारी कवायद में देरी भी न हो और किसानों को बेहतर परिणाम भी मिल सकें। इसी कारण आज इस महत्वपूर्ण बैठक के ज़रिये पंजाब , हरियाणा और उत्तर प्रदेश के माननीय कृषि मंत्रियो के साथ एक संयुक्त कार्ययोजना बनाने पर चर्चा की है ताकि दिल्ली के साथ साथ बाकी राज्यों में पराली प्रबंधन सही मायने में किया जा सके।
इस साल भी पराली प्रबंधन हेतु विभिन्न कार्ययोजना के तहत किया जाएगा कार्य:
विकास मंत्री गोपाल राय ने पराली प्रबंधन हेतु केजरीवाल सरकार की इस वर्ष की कार्ययोजना पर रोशनी डालते हुए बताया की ठण्ड के मौसम में पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए केजरीवाल सरकार हर मुमकिन कदम उठाती है | इसी के चलते इस वर्ष भी दिल्ली सरकार विभिन्न कार्ययोजना को लागू करेगी ताकि दिल्ली के अंदर पराली से होने वाले प्रदूषण को रोका जा सके | इनमे प्रमुख :
• इस वर्ष दिल्ली में पुसा बायोडिकम्पोजर के घोल का छिड़काव लगभग 5000 एकड़ से अधिक खेतों में किया जाएगा
• किसानों को जागरूक करने के लिए 50 प्रशिक्षण शिविरों तथा 50 पराली से संबंधित कृषि मशीनरी की प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा
• संबंधित क्षेत्र में सभी मुख्य जगहों पर लगभग 2500 बड़े होडिंग लगाए जाएंगे। इनमे पराली के संदर्भ में किसानों को जागरूक करने के लिए जानकारियां रहेंगी।
पिछले तीन वर्षो से केजरीवाल सरकार द्वारा किया जा रहा है पराली प्रबंधन हेतु बायोडिकम्पोजर का छिड़काव:
विकास मंत्री गोपाल राय ने बताया की केजरीवाल सरकार द्वारा दिल्ली में पराली प्रबंधन हेतु बायोडिकम्पोजर का छिड़काव पिछले तीन वर्षों से किया जा रहा है। जिसके तहत पहले 2020 – 2021 में 2000 एकड़, दूसरे वर्ष 2021- 22 में 4000 एकड़ तथा तीसरे 2022 – 23 में 4329 एकड़ धान के खेतों में बायोडिकम्पोजर का छिड़काव किया गया है। इसके साथ ही पराली प्रबंधन हेतु किसानों के लिए प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाता है और सभी क्षेत्रों में पोस्टरों द्वारा किसानों को जागरूक करने का कार्य भी किया जाता है।
गोपाल राय ने बताया की दिल्ली सरकार द्वारा आगामी दिनों में पराली जलाने की समस्या को केंद्र बिंदु बनाकर काम किया जाएगा। इसके साथ साथ ही पड़ोसी राज्यों की सरकारों से अपील करेंगे की वह हमारे साथ सहयोग करे और प्रदूषण विरोधी उपाय अपनाये ताकि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक संयुक्त कार्य किया जा सके। और केवल दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत को प्रदूषण से मुक्ति मिल सकें |






