नोएडा। भारत में पहली बार आयोजित किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय व्हीलचेयर बास्केटबॉल चैम्पियनशिप—यूनिटी कप 2025—का नोएडा इनडोर स्टेडियम में बेहद उत्साहपूर्ण माहौल में भव्य शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन ने न केवल भारत और नेपाल के बीच खेल-मैत्री को नई ऊर्जा दी, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा, साहस और संघर्ष की कहानी को दुनिया के सामने एक नई ऊँचाई पर स्थापित किया। सुबह से ही स्टेडियम के भीतर ऊर्जा और जोश का माहौल था, दर्शक दीर्घाओं में दर्शकों की भीड़, तालियों की गूंज और दोनों देशों के झंडों की लहराहट पूरे वातावरण को उत्सव जैसा बना रही थी।
कार्यक्रम की शुरुआत दोनों देशों के राष्ट्रगान के साथ की गई, जिसने माहौल को और अधिक भावपूर्ण और गरिमामय बनाया। इसके बाद बी एस मेमोरियल पब्लिक स्कूल के बच्चों ने भारत और नेपाल की संयुक्त सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हुए सुंदर नृत्य प्रस्तुतियाँ दीं। इन प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृतियों, परंपराओं और दिलों को जोड़ने वाला एक मजबूत सेतु भी है।
यूनिटी कप 2025 का आयोजन युवा क्रांति सेना, व्हीलचेयर बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया, साउथ एशियन पैरा स्पोर्ट्स फेडरेशन और पैरालिंपिक कमिटी ऑफ इंडिया (PCI) के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। यह प्रतियोगिता न केवल खेल को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अधिक से अधिक अवसरों का निर्माण करने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच देने का प्रयास भी है। भारत में इस तरह की अंतरराष्ट्रीय व्हीलचेयर बास्केटबॉल चैम्पियनशिप का यह पहला आयोजन है, जो अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है।
मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम का उद्घाटन इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल की चेयरमैन शालिनी सिंह और PCI के पूर्व कार्यकारी निदेशक पीसी कश्यप द्वारा किया गया। शालिनी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में समावेशन, समान अवसर और दिव्यांग सशक्तिकरण की भावना मजबूत होती है। उन्होंने खिलाड़ियों की लगन और कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि खेल किसी भी खिलाड़ी के भीतर छिपी अनंत क्षमताओं को उजागर करने का माध्यम है। पीसी कश्यप ने दोनों देशों की टीमों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह आयोजन दक्षिण एशिया में पैरा स्पोर्ट्स को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
नोएडा के कई सामाजिक, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने नेपाल टीम का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह स्वागत केवल खेल प्रतियोगिता के लिए नहीं था, बल्कि भारत–नेपाल संबंधों की वर्षों पुरानी मित्रता और विश्वास को सम्मान देने जैसा था। कार्यक्रम के दौरान कई अतिथि खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते दिखे, जो अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में क्षेत्रीय एकता और सौहार्द का संदेश देता है।
मुख्य मुकाबला भारत और नेपाल की टीमों के बीच खेला गया, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक और संतुलित खेल का प्रदर्शन किया। पहले क्वार्टर में नेपाल ने तेज गति से अंक जुटाकर बढ़त लेने की कोशिश की, लेकिन भारत की रक्षात्मक रणनीति मजबूत रही। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, भारतीय खिलाड़ियों ने तालमेल, अनुशासन और रणनीति का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बढ़त बनानी शुरू कर दी। भारतीय टीम ने निर्णायक पलों में शानदार खेल दिखाते हुए मुकाबले को 60–51 से अपने नाम किया। अंतिम क्वार्टर में भारत की ऊर्जा, तालमेल और आक्रामक खेल शैली ने दर्शकों को खड़े होकर तालियाँ बजाने पर मजबूर कर दिया।

मैच के दौरान दोनों देशों के खिलाड़ियों ने अनुशासन, खेलभावना, आपसी सम्मान और अदम्य जज़्बे का अद्भुत प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया कि असली खिलाड़ी वही है, जो परिस्थितियों से लड़कर अपनी सीमाओं को चुनौती दे और मनोबल को ऊँचा रखे। दर्शकों ने भी दोनों टीमों का मनोबल बढ़ाते हुए पूरे मैच के दौरान जोशीला माहौल बनाए रखा।
कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों में सेना के सलाहकार टी.एन. गोविल, लोकेश चौहान, राजेश अंबावता, सत्य बाबू, वरुण अहलावत, डॉ. तरसेमचंद, कैलाश जी, डॉ. विवेक तोमर, टीम सखा एक पहल, रचना यादव, तनु गुप्ता, अमिताभ गुप्ता, सचिन मलिक, ममता मलिक, दीपक मिश्रा, नम्या चड्ढा, विनीत और कनिष्का अग्रवाल शामिल थे। इन सभी ने आयोजन की सफलता और खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
युवा क्रांति सेना के अध्यक्ष अविनाश सिंह ने आयोजन को लेकर कहा कि “यूनिटी कप 2025 केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक संदेश है—साहस का, एकता का, और उस खेलभावना का जिसकी आज पूरी दुनिया को आवश्यकता है। भारत और नेपाल के खिलाड़ियों को एक ही मंच पर लाना, उन्हें प्रोत्साहित करना और समाज के सामने उनकी क्षमता का प्रदर्शन करना हम सभी के लिए गर्व की बात है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह आयोजन आने वाले वर्षों में भारत को पैरा स्पोर्ट्स का हब बनाने की दिशा में भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
यूनिटी कप 2025 का यह पहला दिन न केवल दोनों देशों के खिलाड़ियों के लिए यादगार रहा, बल्कि दर्शकों और आयोजकों के लिए भी एक प्रेरणादायक अनुभव बना। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब खेल के मैदान में दो देश मुकाबला करते हैं, तो जीत केवल स्कोर की नहीं होती—जीत होती है विश्वास, दोस्ती, समावेशन और मानवता की।






