नई दिल्ली। राजधानी में चल रहे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का शुभारंभ वैश्विक स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए एक अहम अवसर माना जा रहा है। इस आयोजन में दुनिया भर से आए निवेशकों, उद्योगपतियों और विशेषज्ञों के बीच केंद्रीय मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा की उपस्थिति खास रही।
अपने संबोधन में वर्मा ने कहा कि भारत न केवल खाद्य उत्पादन में आत्मनिर्भर है, बल्कि खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं रखता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” अभियान को खाद्य उद्योग से सीधा बल मिल रहा है। आधुनिक तकनीक, इनोवेशन और स्टार्टअप्स की मदद से भारत वैश्विक बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने किसानों और छोटे उद्यमियों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया। उनका मानना है कि यदि गांवों में प्रसंस्करण इकाइयां बढ़ेंगी तो ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिलेगा और किसानों की आय दोगुनी हो सकेगी।
कार्यक्रम में कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और भारतीय उद्यमियों के बीच साझेदारी समझौते हुए। नई तकनीकों और स्टार्टअप्स को भी मंच पर जगह मिली।
उन्होंने कहा कि भारत खाद्य उत्पादन और प्रसंस्करण में तेजी से उभरती ताकत है। आधुनिक तकनीक और स्टार्टअप्स की मदद से देश न सिर्फ खाद्य सुरक्षा मजबूत कर सकता है बल्कि वैश्विक बाजार में भी अहम भूमिका निभा सकता है। वर्मा ने किसानों और छोटे उद्यमियों को इस क्षेत्र का मुख्य आधार बताते हुए कहा कि प्रसंस्करण इकाइयों के बढ़ने से ग्रामीण युवाओं को रोजगार और किसानों को बेहतर आय मिलेगी। कार्यक्रम में कई अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां और नई तकनीकों का प्रदर्शन हुआ।
वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 ने यह संदेश दिया कि भारत आने वाले वर्षों में न सिर्फ खाद्य उत्पादन, बल्कि नवाचार और निर्यात में भी दुनिया का अगुआ बनने की क्षमता रखता है।






