Eros Times: एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेस द्वारा एमिटी एकेडिमिक स्टाफ कॉलेज के सहयोग ‘‘फॉरेंसिक विज्ञान शिक्षा और कैरियर लक्ष्यों में वर्तमान रूझान’’ विषय पर सात दिवसीय ऑनलाइन शिक्षक विकास कार्याक्रम का आयोजन किया गया। इस शिक्षक विकास कार्यक्रम का शुभारंभ लखनउ स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीटयूट ऑफ फॉरेंसिक सांइसेस के निदेशक एवं उत्तर प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डा जी के गोस्वामी, एमिटी विश्वविद्यालय की साइंस एंड टेक्नोलॉजी की डीन डा सुनिता रतन और एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेस के एसोसिएट प्रोफेसर डा अमरनाथ मिश्रा द्वारा किया गया।

शिक्षक विकास कार्यक्रम में कानून एवं फॉरेंसिक न्याय पर सत्र को संबोधित करते हुए लखनउ स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीटयूट ऑफ फॉरेंसिक सांइसेस के निदेशक एवं उत्तर प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डा जी के गोस्वामी ने कहा कि फॉरेंसिक विज्ञान और कानून के मध्य संबंध को समझना आवश्यक है। सबूत और सच्चाई के साथ की गई न्यायीक प्रक्रिया शीघ्र न्याय तक पहुंचाती है। सरकार द्वारा संसद में पेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के अंर्तगत सात साल या उससे अधिक की सजा वाले अपराधो के लिए फॉरेंसिक जांच को अनिवार्य करने का प्रावधान रखा गया है। डा गोस्वामी ने कहा कि किसी भी विवाद का मुख्य कारण इस भावना का तत्व है कि मेरे साथ न्याय नही हुआ। साक्ष्य न्याय कारक का मूल है। लगभग 90 प्रतिशत बलात्कार और पॉक्सो के केस में पुलिस द्वारा फाइल की गई चार्जशीट और कोर्ट ट्रायल में 60 प्रतिशत का रिक्त स्थान आ जाता है इसलिए पुलिस, न्यायकर्मीयों, अधिवक्ताओं सभीे को फॉरेसिंक विज्ञान की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होनें जांच के संर्दभ में बताते हुए कहा कि सच्चाई की तलाश, पूर्व घटनाओं का पुनःनिर्माण, संबंधसूत्र स्थापित करना, आदि जांच का हिस्सा है। फॉरेंसिक विज्ञान, विज्ञान का कानून के साथ मिश्रण है जो वैज्ञानिक जांच की आधार है, जो सबूत की सत्यता को प्रमाणित करता है और न्याय की दिशा में आगे बढ़ता है। इस अवसर पर उन्होनें इंडियन एविडेंस एक्ट 1872, सीआपीसी 1973, प्रक्रिया संहिता के तहत फॉरेंसिक साक्ष्य आदि के संर्दभ में जानकारी भी दी।
एमिटी विश्वविद्यालय की साइंस एंड टेक्नोलॉजी की डीन डा सुनिता रतन ने कहा कि इस रोजगार और उद्यमशीलता के लिए एक अंतःविषयक दृष्टिकोण के लिए कौशल बढ़ाना है। यह शिक्षक विकास कार्यक्रम के जरीए फॉरेंसिक विज्ञान में हो रही नवीनतम प्रगति की जानकारी प्राप्त होगी। यह मंच छात्रों, शिक्षकों, विशेषज्ञों आदि अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदान करेगा।
एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेस के एसोसिएट प्रोफेसर डा अमरनाथ मिश्रा ने जानकारी देते हुए कहा कि इस सात दिवसीय कार्यक्रम में यूएई, कैमरून, यूके, यूएसए सहित कई देशों और देश के ई संस्थानो से 100 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे है। 30 से अधिक सत्रों में चलने वाले इस सात दिवसीय शिक्षक विकास कार्यक्रम में 30 विशेषज्ञों उन्नत जानकारी प्रदान करेंगे।






