नई दिल्ली:EROS TIMES: जून 2019 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष शीला दीक्षित के दिशा निर्देशानुसार विधिक एवं मानव अधिकार विभाग, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आज अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र में 2 वर्ष की बच्ची की निर्मम हत्या को लेकर आज राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में विभाग के वकीलों तथा मानव अधिकार पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ शिकायत दर्ज कराई।
दिल्ली कांग्रेस, विधिक एवं मानव अधिकार विभाग के चैयरमेन एडवोकेट सुनील कुमार ने अपनी शिकायत में कहा कि अलीगढ़ में हुई घटना में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बचपन बचाओ आंदोलन बनाम भारत सरकार में बच्चों के लापता होने पर दिए गए दिशा निर्देशों का पालन नही किया गया और यदि इन दिशा निर्देशों का पालन किया गया होता तो अलीगढ़ में छोटी बच्ची की जान बच सकती थी।
एडवोकेट सुनील कुमार ने अपनी शिकायत में दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में प्रतिदिन औसतन 20 बच्चे लापता होते है। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कल यानि कि 9 जून 2019 के 72 घंटे में बरेली, बाराबांकी, भोपाल तथा हमीरपुर में 7,8 और 10 वर्ष की बच्चियों के साथ बलात्कार जैसा घिनौना अपराध हुआ है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार छोटी उम्र की बच्चियों के साथ होने वाली घटनाओं से प्रदर्शित होता है कि राज्यों के पुलिस विभाग किस प्रकार से अपराध रोकने में असफल रहे हैं।
एडवोकेट सुनील कुमार ने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस के 15 वर्ष के शासन काल में शीला दीक्षित के मुख्यमंत्रीत्व में न सिर्फ बाल अपराध न के बराबर था बल्कि महिलाओं पर होने वाले अपराधों में कमी आई थी।
विधिक एवं मानव अधिकार विभाग ने अपनी शिकायत में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग से यह मांग की है कि देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को आदेश दिया जाए कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के बचपन बचाओ आंदोलन बनाम भारत सरकार में बच्चों के लापता होने पर दिए गए दिशा निर्देशों का पालन तुरंत प्रभाव से किया जाए, अलीगढ़ की पीड़ित बच्ची के परिवार वालों को उचित मुआवजा दिया जाए तथा उनको सुरक्षा भी मुहैया कराई जाए।






