Eros Times: नोएडा एमिटी विश्वविद्यालय और आईआईएसईआर मोहाली द्वारा सुपर रिसोल्युशन माइक्रोस्कोपी एंड इट्स एप्लीकेशन विषय पर 22 मई से 28 मई तक 35 शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों हेतु विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार (डीएसटी) द्वारा प्रायोजित सात दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन आईआईएसईआर मोहाली मे किया गया है। विदित हो कि एमिटी विश्वविद्यालय को भारत के प्रमुख संस्थानों और कॉलेजों में अत्याधुनिक उपकरणों पर सात दिनों का आवासीय व्यावहारिक प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा परियोजना प्रबंधन इकाई के रूप में ‘वैज्ञानिक और तकनीकी बुनियाद ढांचे का उपयोग करने वाले सिनर्जिस्टिक ट्रेनिंग प्रोग्राम कार्यक्रम से सम्मानित किया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ आईआईएसईआर मोहाली के अनुसंधान एवं विकास के डीन डा विजय आनंद, एमिटी विश्वविद्यालय पंजाब के विज्ञान के डीन डा चंद्रदीप टंडन, आईआईएसईआर मोहाली के स्कूल ऑफ बायोलॉजीकल सांइसेस के प्रमुख प्रो सम्राट मुखोपाध्याय द्वारा किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उददेश्य देश भर में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बुनियादी ढांचे तक पहुंच के माध्यम से मानव संसाधन और इसकी ज्ञान क्षमता को निर्माण करना और डीएसटी द्वारा वित्त पोषित विज्ञान और प्रौद्योगिकी सुविधाओं की पारदर्शीता को सुनिश्चित करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करके इसके उपयोग और आवेदन और साझा करने के साथ जानकारी को बढा़ना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरीए बहुविषयक शोध क्षेत्रों में कार्य कर रहे स्नातकोत्तर छात्रों, शोधार्थियों, संकाय सदस्यों, वैज्ञानिकों और पोस्ट डॉक्टोरल शोधकर्ताओं के व्यवहारिक कौशल को विकसित करने में सहायता प्राप्त होगी।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुपर रिसोल्युशन माइक्रोस्कोपी और एप्लीकेशन के क्षेत्र में कौशल को उन्नत बनाने और उनके ज्ञान को सशक्त करके वैज्ञानिक उत्कृष्टता और अनुसंधान को बढ़ावा देने लिए विस्तृत जानकारी प्रदान की जायेगी। कुल सात दिन चलने वाले इस कार्यक्रम को दो चरणों में विभाजित किया गया है जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों से 35 प्रतिभागी शामिल हो रहे है। कार्यक्रम के प्रथम चरण का उद्घाटन आईआईएसईआर मोहाली में किया गया जिसमें आईआईएसईआर मोहाली के अनुसंधान एवं विकास के डीन डा विजय आनंद, एमिटी विश्वविद्यालय पंजाब के विज्ञान के डीन डा चंद्रदीप टंडन ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर आईआईएसईआर मोहाली के स्कूल ऑफ बायोलॉजीकल सांइसेस के प्रमुख प्रो सम्राट मुखोपाध्याय द्वारा सुविधाओं में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं की जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के प्रथम दिन प्रो सम्राट मुखोपाध्याय और ऋिषिकांत द्वारा प्रतिभागियों को ज्ञानवर्धक श्रृखंला के तहत जानकारी प्रदान की गई। इन सत्रों में सुपर रिजॅाल्युशन माइक्रोस्कोपी और इसके अनुप्रयोग की पेचीदगियों की जानकारी और सहित कॉन्फोकल फ्लोरेसेंस माइक्रोस्कोपी पर व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान एमिटी फांउडेशन फॉर सांइस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन एलायंस की सहायक निदेशक श्रीमती शेफाली और रिसर्च एसोसिएट अविनाश भी उपस्थित थे। इस अवसर पर शुभारंभ कार्यक्रम के अंत में एमिटी विश्वविद्यालय पंजाब के स्कूल ऑफ फिजिकल साइंसेस के प्रमुख डा सुचिन्द्रर शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।






